ECR: दानापुर मंडल के Sr.DEN (3) उत्पल कांत के उत्पातों का हुआ अंत। आखिरकार जाना ही पड़ा BLW बनारस।

ECR: दानापुर मंडल के Sr.DEN (3) उत्पल कांत के उत्पातों का हुआ अंत। आखिरकार जाना ही पड़ा BLW बनारस।

दानापुर: कहते हैं ना कि जो होना है कोई टाल नहीं सकता, क्योंकि यदि मन में कुटिलता हो तो जीवन में जटिलताओं का सामना करना ही पड़ता है और ठीक यही हुआ है पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के वरीय मंडल अभियंता (03) श्रीमान उत्पल कांत के साथ।

श्रीमान उत्पल कांत ने मार्च 2025 में दानापुर मंडल में वरीय मंडल अभियंता (03) का पदभार संभाला था लेकिन पद और पावर के अंहकार ने ऐसा गुरूर पैदा कर दिया कि अपना कर्तव्य पूरा करने के बजाय अपने निहितार्थ को चरितार्थ करने में मनमानी करने लगे।

दानापुर मंडल के वरीय मंडल अभियंता (03) श्रीमान उत्पल कांत ने अपने निहितार्थ को चरितार्थ करने में सुरक्षा एवं संरक्षा के साथ खिलवाड़ करने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी, लेकिन कहते हैं ना कि ईश्वर के घर में देर है, अंधेर नहीं! 13.042026 को ट्रेन संख्या 22362,अमृत भारत एक्सप्रेस आरा जंक्शन से 9.50 बजे खुलने के बाद डाउन लाइन के 585 कि मी,जमीरा हाल्ट एवं कुल्हड़िया स्टेशन के बीच भयंकर दुर्धटना ग्रस्त होने से बची, क्योंकि रेलवे ट्रैक पर कंक्रीट स्लीपर था,संरक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों ने भी माना कि ईश्वरीय कृपा से ही ट्रेन संख्या 22362 अमृत भारत एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बची, क्योंकि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए स्लीपर बदलने का काम चल रहा था, भला कहिए उस ट्रेन के लोको पायलट का जिन्होंने अपनी सुझ बुझ से एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। लेकिन रेलवे बोर्ड ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते दानापुर मंडल के वरीय मंडल अभियंता (03) का स्थानांतरण BLW बनारस कर दिया।

रेलवे बोर्ड के नियमानुसार श्रीमान उत्पल कांत को एक महीने के अंदर BLW के लिए विरमित कर दिया जाना चाहिए था लेकिन हर आपदा को अवसर में बदलने में माहिर अभियंत्रण विभाग स्थानांतरण आदेश को दबाकर बैठ गया क्योंकि श्रीमान उत्पल कांत अपने जुगाड़ में सफल हो गए थे लेकिन Railwellwishers इस मामले में सजग था और निरंतर प्रयासरत था, परिणामस्वरूप 04.06.2026 को अभियंत्रण विभाग ने एक आदेश जारी कर दिया और निर्माण संगठन में पदस्थापित श्रीमान मिंटू कुमार को दानापुर मंडल के Sr DEN (03) के लिए आदेश जारी किया लेकिन फिर भी अभियंत्रण विभाग कान में तेल डालकर सोया रहा! कायदे से 04 जुलाई तक उत्पल कांत को विरमित हो जाना चाहिए था लेकिन जब मंशा ही कमाना सिर्फ नोट हो तो क्या कहा जा सकता है! लेकिन तब फिर Railwellwishers ने कान में तेल डालकर सोये हुए अधिकारियों के कान में गर्म पानी डाल कर जगा दिया और तब आनन फानन में श्रीमान मिंटू कुमार को 20.07.2026 को निर्माण संगठन से विरमित कर दिया गया और जब श्रीमान मिंटू कुमार ने दानापुर मंडल में अपना योगदान दे दिया तो उत्पल कांत को BLW बनारस जाना ही था और अंततः 27 जुलाई को श्रीमान उत्पल कांत ने मिंटू कुमार को पदभार सौंप दिया और भारी मन से BLW बनारस के लिए विदा हो गए और अब बाबा की नगरी में अपने किए पापों का प्रायश्चित करेंगे।

आपका सवाल हो सकता है कि श्रीमान उत्पल कांत ने ऐसा कौन सा पाप किया है जिसका उन्हें प्रायश्चित करना पड़े, तो चर्चा करना आवश्यक है क्योंकि बक्सर में पदस्थापित वरीय प्रशाखा अभियंता (रेल पथ) श्रीमान प्रमोद कुमार जो दुर्धटना विशेषज्ञ के रूप में विख्यात और कुख्यात है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर आठ रेलकर्मियों एवं मजदूरों को दिव्यांग बना दिया, एक दो मजदूर तो भगवान को भी प्यारे हों गए और जब Railwellwishers ने प्रमोद कुमार के कारनामों को प्रमाणों के साथ रेल पटल पर रखा तो पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के गंभीर पहल से प्रमोद कुमार का तबादला मंडल मुख्यालय में हो गया लेकिन प्रमोद कुमार के सेवा से उपकृत श्रीमान उत्पल कांत ने स्थानांतरण आदेश को तब तक क्रियान्वित नहीं किया जब तक प्रमुख मुख्य अभियंता की फटकार नहीं पड़ी। उत्पल कांत के उत्पातों की फेहरिस्त लंबी है और यकीन मानिए आने वाले दिनों में उनके सभी उत्पातों की पोस्टमार्टम की जाएगी क्योंकि इन्होंने अपने निहितार्थ को चरितार्थ करने में रेलवे के राजस्व में भारी चपत लगाई है जो कि जांच का विषय है।

एक बात तो तय है कि श्रीमान उत्पल कांत ने अपने निहितार्थ को चरितार्थ करने में अभियंत्रण विभाग की व्यवस्था को ध्वस्त करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है और अब देखने वाली बात यह होगी कि कारोबारी संस्कार के श्रीमान मिंटू कुमार अभियंत्रण विभाग की ध्वस्त व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए क्या करते हैं और Railwellwishers की नजर इनके कारनामों पर बनी रहेगी।

सफ़र जारी है…

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