सत्य को सत्य की तरह आगे लेकर जाना एवम्
जैसा हैं…उसी रूप में कहना, हमारे नवगठित साईट का उद्देश्य/मूलमंत्र है।

1853 में अपनी ऐतिहासिक यात्रा शुरू करने वाली भारतीय रेल राष्ट्र की धड़कन एवम् जीवन रेखा जैसे उपनामों से भी विख्यात है ।भारतीय रेल की एशिया की सबसे बड़ी और विश्व की चौथी सबसे बड़ी नियोक्ता वाली इकाई एवम् सुलभ रेल यातायात के नेटवर्क के रूप में पहचान स्थापित है ।यह न केवल देश की मूल संरचनात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं, अपितु बिखरे हुए क्षेत्रों को एक साथ जोड़ते हुए अनेकता में एकता एवम् राष्ट्रीय अखंडता का भी संवर्धन करता हैं।

वर्तमान में लगभग 12 लाख कर्मचारियों के श्रमदान से भारतीय रेल की रफ्तार तो बढ़ी है, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्थाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार, कर्मियों की निरंतर घटती संख्या और अधिकारियों के तानाशाही रवैए से रेल कर्मचारियों के निजी तथा पारिवारिक जीवन पर नकरात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

पिछले 40 सालों से रेलवे को करीब से देखने और लगभग पिछले 05 सालों से आरटीआई एक्टिविस्ट के रूप में कार्यरत रहते हुए एक ऐसा प्लेटफार्म तैयार करने का संकल्प लिया था जिसके माध्यम से रेलवे में व्याप्त भ्रष्टाचार और कर्मियों के समस्याओं से शासन और प्रशासन को अवगत कराते हुए परिणामी निराकरण का निरंतर प्रयास करता रहूँगा । उद्देश्य को गति प्रदान करने के भाव से नवसृजित साईट से आपके जुड़ने और समर्थन की वांछा है ।

संपर्क संख्या – 7482033380
जय हिन्द, वन्दे मातरम्।