- ECR आरपीएफ बना भ्रष्टाचार का पर्याय, देखना होगा डीजी कहां तक करेंगी सफाई !
पटना: कहते हैं ना कि अति का अंत होना तय है, ठीक वही हुआ है पूर्व मध्य रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन पटना जंक्शन के आरपीएफ निरीक्षक शंकर अजय पटेल के साथ। पटना जंक्शन के आरपीएफ निरीक्षक शंकर अजय पटेल की पदस्थापना पिछले पांच टर्म से महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ही हो रही थी, फतुहा स्टेशन से आरा जंक्शन,आरा जंक्शन से दानापुर, दानापुर से पाटलिपुत्र, और पाटलिपुत्र स्टेशन से पटना जंक्शन, तो सोचा जा सकता है कि किस तरह से इन्होंने आरपीएफ की व्यवस्था को अपने मुट्ठी में दबा रखा था, जबकि आरपीएफ विभाग में ऐसा प्रावधान है कि एक स्टेशन पर पदस्थापना के बाद स्टेशन पर पदस्थापना नहीं होती लेकिन इनके लिए कुछ भी मुश्किल नहीं था।
जहां जहां आरपीएफ निरीक्षक शंकर अजय पटेल पदस्थापित रहें अपने अवैध कारनामों से आरपीएफ विभाग को कलंकित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी, यदि इनके कारनामों की जांच हो तो कई वरीय अधिकारी अपना चेहरा दर्पण में भी देखना पसंद नहीं करेंगे।
आरपीएफ निरीक्षक शंकर अजय पटेल को पिछले वर्ष आरपीएफ विभाग द्वारा विभाग के सर्वश्रेष्ठ डीजी अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था जबकि इन पर पटना जिले के एक थाने में गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज था।
ECR : आरपीएफ के संरक्षण से शराब तस्करों का हौसला बुलंद! सीमांचल एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी-फायरिंग
पटना जंक्शन पर इनके कार्यकाल में अपराध में भयंकर बढ़ोतरी हुई लेकिन अपने आका के संरक्षण में इन्होंने अवैध वेंडरों की ऐसी फौज खड़ी कर दी कि वाणिज्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने मौन रखने में ही अपनी भलाई समझी।
कहते हैं ना कि “देर है अंधेर नहीं”, भले ही आरपीएफ विभाग के उच्चाधिकारी इनके अवैध कमाई का आनंद लेते रहे लेकिन एक अंजान “धुरंधर” ने इनके अवैध कारनामों की जन्मकुंडली मुख्य सतर्कता आयुक्त को भेजकर जांच की मांग कर दी और जब मुख्य सतर्कता आयुक्त ने जांच का आदेश रेलवे के सतर्कता विभाग को सौंप दिया तो रेलवे का सतर्कता विभाग भी जांच को विवश हो गया।
“वर्दी वाला गुंडा” की भूमिका में हैं पूर्व मध्य रेलवे का “आरपीएफ विभाग”!
रेलवे के सतर्कता विभाग के विश्वस्त सूत्रों से railwellwishers.com को जो जानकारी मिली है वो चौंकाने वाली है, आरपीएफ विभाग ने इनके अवैध कारनामों की जन्मकुंडली की जांच पड़ताल के बाद इन्हें गंभीर आरोप पत्र 153 जारी किया गया है और आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के आरोप में इनके मामले को ईडी को सौंप दिया है और इनका स्थानांतरण पूर्व मध्य रेलवे के पटना जंक्शन से आरपीएसएफ के 08 बटालियन चितरंजन में कर दिया गया है।
विभागीय सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि यह तो आरपीएफ विभाग को स्वच्छ बनाने की एक शुरूआत है क्योंकि अभी कई उच्चाधिकारियों की जांच पड़ताल जारी है और आने वाले दिनों में कई उच्चाधिकारियों पर भारी गाज गिर सकता है!
लेकिन एक बात जो देखने को मिल रहा है वो आश्चर्यजनक ही नहीं सुखद भी है क्योंकि आरपीएफ निरीक्षक के आतंक से आतंकित कर्मी एवं अपनी सुरक्षा को चिंतित रेल यात्री भी अंजान धुरंधर को धन्यवाद दे रहे हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि आरपीएफ की पहली महिला महानिदेशक पूर्व मध्य रेलवे के आरपीएफ विभाग की गिरती साख को किस तरह से दुरुस्त करने का प्रयास करती है।
सफ़र जारी है..





