- “हम नहीं सुधरेंगे” कार्मिक विभाग का संकल्प!
पटना: भारतीय रेलवे का एक अभूतपूर्व ज़ोन पूर्व मध्य रेलवे का कार्मिक विभाग संकल्पित है कि “हम नहीं सुधरेंगे”! बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी एक कहावत बेहद प्रचलित है “ठेलनवा बैल” !
इसका अर्थ है कि जब तक बैल को आगे से हरहरी नहीं दिखाएंगे और पीछे से ठेलेंगे नहीं,तब तक वो आगे बढ़ेगा नहीं, क्योंकि वह जानता है कि इस काम को तो करना हम ही को हैं । “ठेलनवा बैल” कहावत को पूर्व मध्य रेलवे का “कर्महीन कार्मिक” विभाग अपने निहितार्थ चरितार्थ करने में कोई कोर कसर छोड़ने को तैयार नहीं है।
किसी को भी नैसर्गिक न्याय से वंचित करना न्यायोचित नहीं होता है, लेकिन कार्मिक विभाग को यह जन्मसिद्ध अधिकार प्राप्त है कि “जीवन के साथ भी और जीवन के बाद भी” परेशान करना है और परेशान इसलिए करना है क्योंकि “पहले दाम तब काम” कार्मिक विभाग का मूल सिद्धांत है।
पूर्व मध्य रेलवे के “कर्महीन कार्मिक” के इसी सिद्धांत के कारण अधिसूचना संख्या: आरआरसी/ईसीआर/एचआरडी/भर्ती/जीडीसीई/2023 दिनांक 16.08.2023 के माध्यम से कैटेगरी संख्या 08, पदनाम Technician -lll /Diesal/Mech के लिए चयनित 11 अभ्यर्थी, कैटेगरी संख्या 13, पदनाम Technician -lll/(Fitter) Mech/Power के लिए चयनित 15 अभ्यर्थी, एवं कैटेगरी संख्या 15 , पदनाम Technician -lll/ Bridge के लिए चयनित 01 अभ्यर्थी, मतलब कैटेगरी संख्या 08,13, एवं 15 के लिए चयनित कुल 27 अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति में अनावश्यक विलम्ब से चिंतित हैं और चिंतित इसलिए ही है क्योंकि आरआरसी/पटना के सूचना संख्या – 32/2023 दिनांक 11.12.2025 के द्वारा Technician -lll ( Category No 2,3,6,7,89,10,11,12,13,19 And 15) पद हेतु दस्तावेज सत्यापन – सह – अभ्यर्थिता जांच दिनांक 22.12.2025 तक सम्पन्न हुआ।
आरआरसी /पटना द्वारा सूचना संख्या 34/2023 दिनांक 06.01.2026 के माध्यम से Technician का Provisional Panel कार्मिक विभाग को भेज दिया गया। लगभग चार महीने से ज्यादा समय बाद 25.05.2026 को कुछ कैटेगरी के चयनित अभ्यर्थियों को मंडल आवंटित कर दिया गया और कैटेगरी संख्या 08,13, एवं 15 के चयनित अभ्यर्थियों को इंतजार करने के लिए छोड़ दिया गया।
कैटेगरी संख्या 08, 13, एवं 15 को छोड़कर बाकी अन्य अन्य कैटेगरी के लिए चयनित अभ्यर्थियों का ज्वायनिंग एवं प्रशिक्षण भी शुरू हो चुका है, जिससे कैटेगरी संख्या 08, 13, एवं 15 के लिए चयनित अभ्यर्थियों में असंतोष है और असंतोष होना भी जायज़ है क्योंकि एक ही नोटिफिकेशन के तहत चयनित अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव क्यों किया गया?
ऐसा भी नहीं है कि “कर्महीन कार्मिक” के भेदभाव के कारण न्याय से वंचित चयनित अभ्यर्थियों ने सोये हुए कार्मिक विभाग को जगाने का प्रयास नहीं किया। पूर्व मध्य रेलवे कर्मचारी यूनियन ( ECREU) ने पहली बार 17.07.2026 एवं दूसरी बार 25.08.2026 को प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं!
अभ्यर्थियों ने अपने साथ न्याय की व्यवस्था हेतु प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी से मुलाकात कर अपनी वेदना से अवगत भी कराया है,बार बार आश्वस्त किया गया कि इस सप्ताह में हो जाएगा, अगले सप्ताह में हो जाएगा और इस महीने में ही हो जाएगा लेकिन कार्मिक विभाग की दशा और दिशा से कौन अवगत नहीं है!
नव नियुक्त महाप्रबंधक से न्याय की उम्मीद!
अभ्यर्थियों को अब न्याय की उम्मीद नव नियुक्त महाप्रबंधक महोदय से ही है और Railwellwishers का महाप्रबंधक महोदय से विनम्र निवेदन हैं कि उपरोक्त वर्णित तीनों कैटेगरी के चयनित अभ्यर्थियों के साथ न्याय की व्यवस्था कर परम यश के भागी बनें।
सफ़र जारी है…




