- 25 मिनट तक रात के अंधेरे में पत्थरबाजी एवं गोलीबारी से यात्रियों में दहशत, सुरक्षा रामभरोसे
- आरपीएफ की प्रतिष्ठा को खाक करने में स्वार्थी अधिकारियों ने कोई कोर कसर नहीं रख छोड़ी
पटना:- भले ही बिहार में शराब का सेवन एवं कारोबार अवैध हों, लेकिन आरपीएफ विभाग के लिए शराब तस्करों को संरक्षण देना अवैध कमाई का जरिया बन चुका है। आरपीएफ के संरक्षण से शराब तस्करों का हौसला इतना बुलंद हो चुका है कि अवैध तस्करों ने तस्करी में बाधक बन रहें आरपीएफ जवान की हत्या करने में भी कोई कोताही नहीं बरती और ऐसा हो चुका है पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के दानापुर दीनदयाल उपाध्याय खंड में।
ऐसी पुष्ट सुचना प्राप्त हुई है कि दिनांक 21.12.2025 को समय 01.25 बजे रेलवे सुरक्षा बल दानापुर के क्षेत्राधिकार अन्तर्गत आरा – कुल्हड़िया स्टेशन के मध्य कि.मी. संख्या 586/19 पर गाड़ी संख्या 12488 डाउन (आनंद बिहार – जोगबनी सीमांचल एक्सप्रेस) को शराब तस्करों द्वारा एसीपी कर शराब उतारी जा रही थी।
उक्त गाड़ी में आरपीएफ की एस्कार्ट ड्यूटी डीडीयू से दानापुर तक 01+04 की संख्या में कार्यरत थी। कार्रवाई किए जाने पर शराब तस्करों द्वारा पथराव एवं फायरिंग की जाने लगी। शराब तस्करों की संख्या लगभग 20- 25 होने के कारण किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की जा सकी। घटनाक्रम के दौरान शराब तस्करों द्वारा कुछ यात्रियों के बैग भी उतार लिए गए, संयोगवश उक्त घटना में किसी यात्री अथवा एस्कार्ट पार्टी को कोई शारीरिक क्षति नहीं हुई।
घटना के कारण उक्त गाड़ी संख्या 12488 समय 01.15 बजे से 01.40 बजे तक घटना स्थल पर विलंबित रहीं। मामले की जांच रेलवे सुरक्षा बल दानापुर द्वारा की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब आरपीएफ के संरक्षण ने शराब तस्करों का हौसला इतना बुलंद कर दिया है कि 25 मिनट तक रात के अंधेरे में शराब तस्करों की पत्थरबाजी एवं गोलीबारी से यात्रियों की दशा क्या हुई होगी कल्पना की जा सकती है, लेकिन एक बात तो तय है कि आरपीएफ की गिरती साख ने आरपीएफ की प्रतिष्ठा को खाक करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है और यात्रियों की सुरक्षा रामभरोसे ही है।




