- टाटानगर पार्सल माफिया का ट्रांसफर या मिला मनपसंद ‘प्रमोशन’, कार्रवाई के नाम पर टाटानगर में ही मलाईदार पोस्टिंग ?
पटना. वर्ष 1973 में एक फिल्म आई थी “जंजीर”और इस सुपरहिट फिल्म का एक गाना बड़ा ही चर्चित हुआ था “यारी है ईमान मेरा यार मेरी जिंदगी”! जंजीर फिल्म के इस गाने को चरितार्थ कर रहे हैं दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमान आदित्य चौधरी जो अपने उपलब्धियों के लिए कम अपने काले कारनामों के लिए कुख्यात और विख्यात है।
आपकों स्मरण होगा कि पिछले महीने ही 11 जून को चक्रधरपुर मंडल के टाटानगर स्टेशन पर गाड़ी संख्या 12833 जो कि अहमदाबाद से चलकर हावड़ा को जाती है, में टाटानगर स्टेशन पर लीज पार्सल भान में ओवरलोडिंग का खेल उजागर हुआ था और जब मामला उजागर हुआ तो पड़ताल में यह बात सामने आई कि ओवरलोडिंग का यह खेल वर्षों से अनवरत जारी है,खैर हिस्से की बंटवारे में अनियमितता ने वाणिज्य विभाग की एक बड़े अनियमितता को उजागर कर दिया।
जब चक्रधरपुर मंडल के टाटानगर स्टेशन पर लीज पार्सल भान में ओवरलोडिंग का खेल उजागर हुआ तो स्वाभाविक ही था कि मुख्य पार्सल पर्यवेक्षक श्रीमान अमित चौधरी के कारनामों का भी पोस्टमार्टम हो और जब टाटानगर स्टेशन पर पदस्थापित मुख्य पार्सल पर्यवेक्षक श्रीमान अमित चौधरी के कारनामों का पोस्टमार्टम किया गया तो लोडिंग अनलोडिंग के निविदा में भी घोर अनियमितता की बात बाहर निकली और श्रीमान अमित चौधरी चक्रधरपुर मंडल के वाणिज्य विभाग के “माफिया” निकले।
Railwellwishers ने तथ्यों एवं प्रमाणों के साथ जब चक्रधरपुर मंडल के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमान आदित्य चौधरी एवं टाटानगर स्टेशन के मुख्य पार्सल पर्यवेक्षक श्रीमान अमित चौधरी के सांठ-गांठ से हों रही लूट -खसोट को रेल पटल पर रखा और दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक महोदय से न्यायोचित कारवाई का अनुरोध किया तो कारवाई होना भी सुनिश्चित था लेकिन कारवाई तो वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमान आदित्य चौधरी को ही करना था और यहां “यारी” आडे आ गई और कार्यालय आदेश संख्या SER/P- CKP – Comml/Transfer & Posting/Staff/288/2026 dated 15.07.2026 के माध्यम से अमित चौधरी को टाटानगर स्टेशन के मुख्य पार्सल पर्यवेक्षक के पद से हटाकर टाटानगर स्टेशन का मुख्य माल पर्यवेक्षक बना दिया गया।
28 साल की नौकरी में 26 साल टाटानगर में ही बिताए; क्या विजिलेंस खंगालेगी चौधरी बंधुओं का ‘शीशमहल’?
Railwellwishers को अपने विश्वसनीय सूत्रों से चक्रधरपुर मंडल के वाणिज्य विभाग के “माफिया” श्रीमान अमित चौधरी के के बारे में जो जानकारी मिली है वो चौंकाने वाली है लेकिन दक्षिण पूर्व रेलवे प्रबंधन के लिए शर्मशार करने वाली है क्योंकि अमित चौधरी ने अपने नौकरी के 28 साल में से 26 साल टाटानगर में ही बिताया है।यह भी पता चला है कि अपने आईपीएस भाई के रसूख का इस्तेमाल करते हुए अमित चौधरी गुड्स एवं पार्सल में ही पदस्थापित रहे और “अन्य आय” के लिए वाणिज्य विभाग के साथ “अन्याय” करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी!
चक्रधरपुर मंडल के वाणिज्य विभाग के माफिया श्रीमान अमित चौधरी ने अवैध कमाई से जो टाटानगर में अपना “शीशमहल” बनाया है, अनोखा और अनुपम है रेलकर्मियों का ही कहना है कि शायद ही टाटानगर में किसी रेलवे अधिकारी या कर्मचारी का ऐसा मकान हों खैर यह तो देखना सतर्कता विभाग का काम है और जब उचित फोरम पर इसकी शिकायत दर्ज कराई जाएगी तब कारवाई भी सुनिश्चित होगा लेकिन चक्रधरपुर मंडल के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमान आदित्य चौधरी ने अमित चौधरी का स्थानांतरण आदेश टाटानगर स्टेशन के लिए जारी कर अपने काले कारनामों में एक और कड़ी जोड़कर अपने विकोटिकृत मानसिकता का दर्शन कराया है जो दक्षिण पूर्व रेलवे के वरीय अधिकारियों के लिए चिंता एवं चिंतन का विषय है।
SER: “दैत्य” की भूमिका में हैं CKP के Sr.DCM आदित्य चौधरी !
अब देखने वाली बात यह होगी कि चक्रधरपुर मंडल के वाणिज्य विभाग में जो अनियमितता है उसके लिए सिर्फ अमित चौधरी ही जिम्मेदार तो नहीं हो सकता , स्पष्ट है कि वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमान आदित्य चौधरी भी वाणिज्य विभाग के विसंगतियों के लिए जिम्मेदार है तब सोचने वाली बात यह है कि आखिर दक्षिण पूर्व रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक “अंधेरगर्दी” का दर्शन क्यूं करा रहे हैं क्योंकि आदित्य चौधरी अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा कर चुके हैं तो फिर स्थानांतरण आदेश जारी करने में विलम्ब क्यूं??
सवाल गंभीर है, लेकिन यकीन है दक्षिण पूर्व रेलवे के सजग महाप्रबंधक महोदय अपनी भूमिका से न्याय करते हुए चक्रधरपुर मंडल के वाणिज्य विभाग की ध्वस्त व्यवस्था को दुरुस्त करने की पहल करेंगे।
सफ़र जारी है…
हमारा प्रयास है कि सच प्रशासन के सामने आये. ऐसे में अगर किसी को अपना पक्ष रखना है तो 9942859745 पर भेज सकते हैं उसे संज्ञान में लिया जायेगा.





