दानापुर: प्रसिद्ध भजन गायक परम पूज्य राजन जी का एक प्रसिद्ध भजन है “हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता ” ठीक वही हाल हैं दानापुर आरपीएफ के अकर्मण्य निरीक्षक पी के वर्णवाल का, जिसने अपने कारनामों से आरपीएफ विभाग की व्यवस्था को तहस नहस करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है, क्योंकि इनके आराध्य देव आरपीएफ के प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमरेश कुमार ने अपने उद्देश्यों की पूर्ति हेतु आरपीएफ विभाग के मूल मंत्र “क्रम ही पूजा है” का परित्याग कर अपने कुकर्मों से व्यवस्था को शर्मशार करने में कोई कोर कसर छोड़ने को तैयार नहीं है।
दानापुर आरपीएफ पोस्ट फिर एक बार गंभीर आरोपों के घेरे में है। पोस्ट में तैनात आरपीएफ निरीक्षक प्रदीप कुमार वर्णवाल पर रेल सम्पत्ति चोरी, मामले को दबाने,SITREP में ग़लत रिपोर्टिंग करने तथा आरोपियों को बचाने के गंभीर आरोप लगे हैं।कई घटनाओं में या तो केस दर्ज नहीं किया गया,या फिर तथ्यों को बदलकर उच्चाधिकारियों को “ऑल ओके”की रिपोर्ट भेजी गई।

दानापुर आरपीएफ पोस्ट के “अकर्मण्य” निरीक्षक के कारनामों के विश्लेषण से इनके “कुकर्मों” का पर्दाफाश तो होता ही है लेकिन आरपीएफ विभाग के प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमरेश कुमार की कृपा दृष्टि से आरपीएफ विभाग की दशा और दिशा जो दुर्दशा में तब्दील हो चुका है, निराशा भी होती है।
*जुलाई 2025 – स्क्रैप चोरी में “ऑल ओके”रिपोर्ट!
हाजीपुर विजिलेंस ने दानापुर काॅलोनी से जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर द्वारा रेल स्क्रैप चोरी रंगें हाथ पकड़ी।आरोप है कि तत्काल केस दर्ज करने के बजाय “ऑल ओके” रिपोर्ट भेज दी गई। Railwellwishers द्वारा प्रमाणिकता के साथ सवाल उठाए जाने पर एक सप्ताह बाद सतर्कता विभाग के दबाव में पुनः उसी मामले में FIR दर्ज हुई लेकिन तब तक जेसीबी और ट्रैक्टर ग़ायब हो चुकें थे, जबकि इसी मामले में अभियंत्रण विभाग के एक वरीय प्रशाखा अभियंता (कार्य)को असमय ही रिटायरमेंट का दंश झेलना पड़ा!
*अगस्त 2025 – विभूति एक्सप्रेस लूटकांड दबाने का आरोप!
विभूति एक्सप्रेस में आरपीएफ एस्कार्ट पार्टी पर ₹1.50 लाख रुपए लूटने का आरोप लगा,Rail madad शिकायत के बाद पुछताछ हुई, लेकिन बाद में पैसे लौटाकर SITREP में दिखाया गया कि “पैसा घर पर छुट गया था”!
लेकिन जब Railwellwishers ने तथ्यों एवं प्रमाणों के साथ मामले को रेल पटल पर लाया तो बिहार पुलिस ने अपने जांच में मामले को सही पाया, जीआरपी में लूट का केस दर्ज किया गया और संबंधित थाना प्रभारी लाइन हाजिर हुआ, लेकिन दानापुर आरपीएफ पोस्ट स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
*फ़रवरी 2026 – पकड़े गए चोर आरपीएफ पोस्ट से फरार!
कोइलवर रेल पुल से दो चोर और एक ई- रिक्शा आरपीएफ विभाग को सौंपे गए। आरोप है कि दोनों आरोपी आरपीएफ पोस्ट दानापुर से ही फरार हो गए, लेकिन न SITREP दी गई,न ही FIR दर्ज हुई, लेकिन जब Railwellwishers ने मामले को रेल पटल पर रखा तो हफ्ते भर बाद कार्रवाई दिखाईं गई।
*30 मार्च 2026 – रेलवे अस्पताल चोरी में आधा सच!
रेलवे अस्पताल में दर्जनों AC के काॅपर पाइप, आउटडोर यूनिट और कम्प्यूटर सिस्टम चोरी हुए, आरोप है कि केवल काॅपर पाइप चोरी का केस दर्ज किया गया, जबकि कम्प्यूटर चोरी की लिखित सूचना को नजरंदाज कर दिया गया।
*अप्रैल 2026 – कैरेज एंड वैगन स्टोर चोरी में आरोपी पकड़ा गया लेकिन केस दर्ज किया गया! दानापुर कैरेज एंड वैगन स्टोर से भारी मात्रा में रेल सामग्री चोरी हुई। SSE द्वारा पकड़े गए आरोपी को आरपीएफ को सौंपने के बाबजूद FIR नहीं हुई, उल्टे स्टोर स्टाफ पर ही लेज़र जांच और दबाब बनाने के आरोप लगे।
*12 मई 2026 – सिग्नल स्टोर चोरी से रेल परिचालन बाधित!
दानापुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर स्थित सिग्नल स्टोर एवं लोकेशन बाक्स से लगातार चोरी हुई, जिससे लगभग दस घंटे रेल परिचालन बाधित हुआ, आरोप है कि मामले को मामले को मैनेज करने का दबाव बनाया गया और कोई स्पष्ट कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।
उपरोक्त वर्णित मामले तो सिर्फ एक बानगी है और इनके कारनामों की फेहरिस्त लम्बी है, आरपीएफ विभाग के लोग ही कहते हैं कि दानापुर आरपीएफ पोस्ट निरीक्षक ने आरपीएफ पोस्ट को “अय्याशी का अड्डा”बना दिया है और यह चर्चा खुलेआम है।
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अब सबसे बड़ा सवाल –
क्या दानापुर आरपीएफ पोस्ट रेल सम्पत्ति सुरक्षा का केंद्र है या “सप्रेशन माॅडल” का?
क्या रेलवे बोर्ड,डीजी आरपीएफ, और हाजीपुर मुख्यालय इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराएगा!
उचित कार्रवाई के इंतजार के साथ, सफर जारी है….





