आरपीएफ एवं अभियंत्रण विभाग की पकड़ी गई चोरी! सतर्कता विभाग के आदेश पर एफआईआर दर्ज।

आरपीएफ एवं अभियंत्रण विभाग की पकड़ी गई चोरी! सतर्कता विभाग के आदेश पर एफआईआर दर्ज।

पटना: जब नियत में खोट हो और उद्देश्य कमाना सिर्फ नोट हो तो ऐसे ही चोट लगता है जैसा दानापुर आरपीएफ पोस्ट के निरीक्षक श्री प्रदीप वर्णवाल को लगा है, जिस मामले को उन्होंने पाक साफ बताया सतर्कता विभाग ने उन्हें उसी मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

विगत 03.07.2025 को रेलवे सतर्कता विभाग,पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर द्वारा दानापुर के रेलवे काॅलोनी के आवास संख्या 82 में अचानक जांच की गई, जिसमें यह पाया गया कि मेसर्स नरसिंहमा इन्टरप्राइजेज द्वारा जेसीबी संख्या BR- 01-GP-0172 तथा ट्रैक्टर संख्या BR -01-GK-5704 के माध्यम से रेलवे स्क्रैप को बिना पूर्व सूचना और बिना संबंधित अधिकारियों के उपस्थिति के रेलवे परिसर से बाहर ले जाया जा रहा था।यह कृत्य स्पष्ट रूप से रेलवे सम्पत्ति की अनाधिकृत निकासी है और 3 RP (UP) ACT के अन्तर्गत दंडनीय है।

परन्तु, आश्चर्यजनक रूप से इसी दिन आरपीएफ पोस्ट दानापुर के निरीक्षक प्रभारी प्रदीप वर्णवाल द्वारा एक अलग रिपोर्ट दी गई, जिसमें यह उल्लेख किया कि कोई अनियमितता नहीं है और एस आर ओ के अनुसार नियमबद्ध कार्य हो रहा है।यह रिपोर्ट सतर्कता विभाग की जांच रिपोर्ट के विपरीत है, जिससे यह प्रतीत होता है कि लाखों की रिश्वत लेकर आर पी एफ पोस्ट निरीक्षक प्रदीप वर्णवाल द्वारा जानबूझकर झूठी रिपोर्ट तैयार की गई।

आरपीएफ एवं अभियंत्रण विभाग की मिलीभगत से हो रही चोरी को Railwellwishers ने 07 तारीख को रेल पटल पर रखा और Railwellwishers की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सतर्कता विभाग हाजीपुर द्वारा दिनांक 07.07.2025 को ही पत्र संख्या ECR/Vig)V-4/w/DNR/07-25/SK/12 जारी किया गया,तब जाकर 08.07.2025 को आरपीएफ द्वारा कांड संख्या 13/2025 U/S 3 RP(UP) ACT के तहत मामला पंजीकृत किया गया।

रेल सूत्रों से ऐसी जानकारी मिली है कि प्रदीप वर्णवाल द्वारा जांच अधिकारी उप निरीक्षक अभिनाश कुमार पर दबाव डाल रहे हैं ताकि वह अपनी पहली रिपोर्ट को छिपा सके और अपनी संलिप्तता को ढका जा सके।

इस गंभीर परिस्थिति में Railwellwishers रेल मंत्री से मांग करता है कि
(1) प्रदीप वर्णवाल , निरीक्षक प्रभारी, आरपीएफ पोस्ट दानापुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पद से हटाया जाए ताकि वह जांच को प्रभावित न कर सके।
(2) मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी (सीबीआई या रेलवे बोर्ड सतर्कता) से कराई जाए।
(3) दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध विभागीय एवं विधिक कार्रवाई की जाए।
(4) स्क्रैप लदान की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु सभी एस आर ओ निष्पादन को डिजिटल रिकार्डिंग और ट्रैकिंग के दायरे में लाया जाए।

Railwellwishers रेल मंत्री महोदय से उम्मीद करता है कि रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु उक्त गंभीर प्रकरण में शीध्र निर्णय लेकर कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

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