दानापुर: कहते हैं ना कि नेतृत्व यदि भ्रष्ट हो और उद्देश्य स्पष्ट हो कि “लूट चले हम” तो कर्मचारियों को कष्ट होना स्वाभाविक है और ऐसा ही बानगी आज़ पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के संकेत एवं दुरसंचार विभाग में देखने को मिला है जो कि पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के महाभ्रष्ट एवं मति भ्रष्ट महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के मंशा को परिलक्षित करता है।
श्रीमान प्रणय कुमार, कार्यालय अधीक्षक, संकेत एवं दुरसंचार विभाग, दानापुर जो अगले दो महीने बाद अवकाश प्राप्त करने वाले हैं, अपने इमानदारी के लिए जाने जाते हैं, आज़ दानापुर मंडल के मंडल अभियंता संकेत एवं दुरसंचार रंजीत कुमार भास्कर द्वारा अपने कक्ष में बुलाकर संवेदक जितेन्द्र कुमार सिंह के सामने बुलाकर संवेदक के निविदा के भेरियेशन के बारे में पुछताछ करते हैं और संवेदक के मनमाफिक भेरियेशन नहीं करने पर संवेदक के सामने ही अनाप-शनाप बोलते हैं और जब कार्यालय अधीक्षक द्वारा स्पष्टीकरण दिया जाता है तो आपा खो बैठते हैं और कर्मचारी की अंधाधुंध पिटाई करते हैं,यह किस संस्कृति का परिचायक है, समझा जा सकता है!
एक ऐसा कर्मचारी जो दो महीने बाद रेल सेवा से अवकाश प्राप्त करने वाले हैं, अपने कक्ष में बुलाकर और वो भी संवेदक के सामने अपमानित और पिटाई करना किस व्यवस्था का घोतक है सोचा और समझा जा सकता है।
संयोगवश आज़ दानापुर मंडल के वरीय मंडल अभियंता संकेत एवं दुरसंचार मुख्यालय में नहीं थे और पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य अभियंता ( संकेत एवं दुरसंचार) भी अवकाश पर हैं।
खैर इस संबंध में जब Railwellwishers ने घटना के प्रत्यक्षदर्शी होने के नाते वरीय मंडल अभियंता संकेत एवं दुरसंचार एवं प्रमुख मुख्य अभियंता संकेत एवं दुरसंचार से संवाद किया तो आश्वस्त किया गया कि दोषी अधिकारी पर न्यायोचित कारवाई की जाएगी, लेकिन गंभीर सवाल यह उठता है कि संवेदक के सामने कार्यालय अधीक्षक से भेरियेशन पर सवाल पुछना और कर्मचारी को अपमानित करना कहां तक न्यायसंगत है?
इस मामले में रेल प्रशासन को संबंधित अधिकारी के इतिहास को देखते हुए उचित-अनुचित का शीध्र निष्पादन किया जाना चाहिए!
लेकिन एक बात तो स्पष्ट है कि संकेत एवं दुरसंचार विभाग के DSTE रंजीत कुमार भास्कर ने अपने संस्कार में भ्रष्टाचार का दर्शन तो करा ही दिया है, जो कि दुखद और शर्मनाक है!
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस संवेदनशील मामले में प्रशासन किस तरह से न्यायोचित कारवाई करता है!
शेष एवं विशेष अगले अंक में…





