पटना: पूर्व मध्य रेलवे का अभियंत्रण विभाग जिस पर रेल की रफ्तार की जिम्मेदारी है, भ्रष्टाचार की गिरफ्त में समाहित हो जाने के कारण अभियंत्रण का सिस्टम बेपटरी हो गया है। भ्रष्टाचार उस स्तर पर पहुंच गया है कि बंदा रिश्वत लेकर समय से काम कर दें तो ईमानदार की कैटेगरी में आ जाता है।
पूर्व मध्य रेलवे के निर्माण संगठन के वरीय प्रशाखा अभियंता रेल पथ के यहां सीबीआई रेड में सोने का बिस्कुट मिलने से अभियंत्रण के बड़े अधिकारियों की नींद तो खुली है लेकिन निर्माण संगठन के ही उप मुख्य लेखा अधिकारी का सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया जाना सिस्टम की दशा, दिशा और दुर्दशा देखने के लिए पर्याप्त है।
खैर जब जागे तभी सवेरा, पूर्व मध्य रेलवे के अभियंत्रण विभाग के वरीय मंडल अभियंताओं का भी नियतकालिक तबादला किया गया, पूर्व मध्य रेलवे के आदेश संख्या GAZ/274/dated 25.11.2024 के माध्यम से 12 अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया गया है और आदेश का क्रियान्वयन भी हो रहा है, लेकिन तबादला आदेश का अवलोकन करने से यह स्पष्ट है कि तबादला के नाम पर कागजी खानापूर्ति की गई है। 12 अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया गया है लेकिन एक दो को छोड़कर किसी का मुख्यालय नहीं बदला गया है जो कि विचारणीय है।
श्री प्रतीक रस्तोगी जो गति शक्ति परियोजना, दानापुर में उप मुख्य परियोजना प्रबंधक के पद पर 26.01.2023 से पदस्थापित थे, इनका तबादला निर्माण संगठन, दानापुर में उप मुख्य अभियंता के पद पर किया गया है और इन्होंने पदभार संभाल भी लिया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल इनके पदस्थापना आदेश पर ही उठता है क्योंकि गति शक्ति परियोजना में पदस्थापित होने से पहले 14.08.2019 से लेकर 12.02.2021 तक दानापुर मंडल में वरीय मंडल अभियंता (01 ) के पद पर आसीन थे और 29.01.2021 से लेकर 25.01.2023 तक दानापुर मंडल में वरीय मंडल अभियंता (02) के पद पर आसीन थे। उपरोक्त विवरण से स्पष्ट है कि श्री प्रतीक रस्तोगी 14.08.2019 से दानापुर में ही पदस्थापित हैं, पांच साल से भी ज्यादा समय से एक ही जगह पदस्थापना क्या रेलवे बोर्ड के आदेशों का अनुपालन हैं?
श्री प्रतीक रस्तोगी जब 14.08.2019 से ही दानापुर मंडल में स्थिर मान है तभी तो अभियंत्रण के शक्तिमान के “प्रतीक”है और जब “शक्तिमान” है तो चर्चा स्वाभाविक है। रेल सूत्रों से ऐसी जानकारी मिली है कि इनका रसूख ऐसा है कि गति शक्ति परियोजना में पदस्थापित होने के बाबजूद पांच ट्रैकमैन इनके आवास पर “बराहिल” की तरह सेवा में लगा हुआ है जो कि चिंता का विषय है।
railwellwishers.com को इनके आवास पर कार्यरत ट्रैकमैनो की सूची मिली है
(1) श्री राजु कुमार,ट्रैकमैन, कियुल
(2) श्री नागेन्द्र कुमार, ट्रैकमैन, मोकामा
(3) श्री सुभाष कुमार, ट्रैकमैन, पटना
(4) ट्रैकमैन,झाझा
(5) श्री संतोष कुमार, ट्रैकमैन, मोकामा
अब सोचने वाली बात यह है कि जब इन्होंने आवास पर पांच ट्रैकमैन को “बराहिल” बना कर रखा है तो काम कैसे कैसे किए होंगे, अनुसंधान का विषय है।
महाप्रबंधक महोदय,समय बहरा है, कभी किसी की नहीं सुनता, लेकिन अंधा नहीं है, देखता सबको है..!!
अब देखना आपको है कि अभियंत्रण विभाग “बे नियंत्रण” क्यूं है और नियंत्रण में लाना आपकी नैतिक जिम्मेदारी।

“बे नियंत्रण की एक और कहानी अगले भाग में।




