लूट का अनोखा मामला, खा गए शौचालय रेल के अधिकारी

लूट का अनोखा मामला, खा गए शौचालय रेल के अधिकारी

पटना: “न गंदगी करेंगे,न करने देंगे” के संकल्प के साथ देश के आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान: एक कदम स्वच्छता की ओर,की शुरुआत 02 अक्टूबर 2014 को दिल्ली में की थी,इसी अभियान के तहत हर घर शौचालय निर्माण का अभियान चलाया गया जो कि बहुत हद तक सफल भी हुआ,इस अभियान के तहत ही भारतीय रेलवे के स्टेशनों के बाहरी परिसर में या यूं कह लीजिए कि सर्कुलेटिंग एरिया में शौचालय निर्माण की योजना बनाई गई और योजना का क्रियान्वयन भी हुआ लेकिन क्रियान्वयन के बाद यह भी स्पष्ट है कि योजना के क्रियान्वयन में बहुत बड़ी लूट हुई है और मामला संज्ञान में आने के बाद railwellwishers.com ने आरटीआई के माध्यम से जो जानकारी जुटाई है वो एक बड़े ही संगठित लूट को परिलक्षित करता है।

रेलवे स्टेशन के बाहरी परिसर में शौचालय निर्माण हेतु फंड की व्यवस्था पावर ग्रिड कम्पनी से की गई,पावर ग्रिड कम्पनी ने अपना सीएसआर फंड रेलवे को दिया, शौचालय निर्माण की जिम्मेदारी राइट्स लिमिटेड, गुड़गांव, हरियाणा को दिया गया। राइट्स लिमिटेड ने जनवरी 2019 में इसके लिए निविदा निकाला, निविदा में दो प्रतिभागी शामिल हुए, काम का आवंटन सैमटेक टेक्नोलॉजी प्रा लिमिटेड,बेलागाउं,कर्नाटक 590003,को किया गया।

आरटीआई से प्राप्त जानकारी अनुसार पूर्व मध्य रेलवे के पांचों मंडल के लिए 26 करोड़ 10 लाख 09 हजार 971 रूपए खर्च किए गए। अभियंत्रण विभाग दानापुर के अनुसार दानापुर मंडल में 35 शौचालय का निर्माण किया गया जिस पर 8 करोड़ 31 लाख 59 हजार 886 रूपया खर्च हुआ है, दानापुर रेलवे स्टेशन के उत्तरी भाग एवं दक्षिणी भाग में एक एक शौचालय का निर्माण किया गया था जिस पर 47 लाख 80 हजार,448 रूपया खर्च हुआ है।

पूर्व मध्य रेलवे, दानापुर मंडल के वाणिज्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार मंडल के 27 स्टेशन पर 28 शौचालय का निर्माण किया गया है और इसके रख रखाव एवं संचालन की जिम्मेदारी 28.09.2021 से लेकर 29.09.2026 तक M/s Dayala jee Swami Nath को दिया गया है, पांच साल में इन 28 शौचालयों से रेलवे को 1 करोड़ 04 लाख 01 हजार 275 रूपए की प्राप्ति होगी।

जब अभियंत्रण विभाग के अनुसार 35 शौचालय का निर्माण किया गया है और वाणिज्य विभाग के अनुसार मंडल के 27 स्टेशन पर 28 शौचालय का निर्माण किया गया है तब सोचने वाली बात यह है कि 07 शौचालय कौन खा गया । एक और बात है शौचालय निर्माण करने वाली कम्पनी सैमटेक टेक्नोलॉजी प्रा लिमिटेड के निदेशक श्री शोभित गुप्ता का दावा है कि दानापुर मंडल में 37 शौचालय का निर्माण किया गया है तब तो 09 शौचालय का मामला बनता है और सबसे बड़ा सवाल यह है आखिर 09 शौचालय कौन खा गया, जबकि सिर्फ एक शौचालय की कीमत 23 लाख 90 हजार 224 रूपए है इससे यह परिलक्षित होता है कि दानापुर मंडल में 02 करोड़ 15 लाख 12 हजार 016 रूपए का शौचालय रेल अधिकारी खा गए, और कैसे खा गए कौन कौन खा गए यह जांच का विषय है और सबसे बड़ी बात ऐसा सिर्फ पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में ही नहीं हुआ है, दानापुर तो सिर्फ एक झांकी है, अन्य मंडलों की कहानी बाकी है वैसे यह कहानी नहीं हकीकत है।

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