मंडल रेल अस्पताल, दानापुर का डाक्टर शैलेन्द्र कुमार “सर्जन”या “दुर्जन”!

मंडल रेल अस्पताल, दानापुर का डाक्टर शैलेन्द्र कुमार “सर्जन”या “दुर्जन”!

दानापुर। कुछ दिन पहले एक फिल्म आई थी “नाजायज़”,इस फिल्म का एक गाना बड़ा ही लोकप्रिय हुआ था..
बरसात के मौसम में,
तन्हाई के आलम में,
मैं घर से निकल आया,
बोतल भी उठा लाया,
अभी जिंदा हूं, तो जी लेने दो,
भरी बरसात में पी लेने दो,
चलती राहों में भी पी लेने दो..

इस गाने को साकार कर दिखाया पूर्व मध्य रेलवे के मंडल रेल अस्पताल, दानापुर में पदस्थापित डाक्टर शैलेन्द्र कुमार ने जो कि सर्जन हैं और कुछ दिन पूर्व ही समस्तीपुर मंडल से दानापुर मंडल में इनका स्थानांतरण हुआ है। 30.07.2024 को डाक्टर साहब ट्रेन संख्या 12310 राजधानी एक्सप्रेस के कोच संख्या A/2 के साईड बर्थ संख्या 17 पर सफ़र कर रहे थे, दिल्ली में बरसात का मौसम था ही और इन्होंने बरसात के मौसम में घर से बोतल भी उठा लाया और चलती राहों में पी लेने दो का आनंद भी उठाया और इनके आनंद लेने का अंदाज यात्रा कर रहे अन्य यात्रियों को नाजायज लगा और कोंच के अन्य यात्रियों ने आरपीएफ के एस्कोर्ट पार्टी से इसकी शिकायत कर जायज़ काम कर दिया।

जब यात्रियों ने जायज़ काम कर दिया तो आरपीएफ, कानपुर ने इन्हें नाजायज़ करते हुए नशें की हालात में कानपुर स्टेशन पर उतार लिया और जब कानपुर स्टेशन पर आरपीएफ ने उतार लिया तो इनका नशा भी उतर गया और जब नशा उतर गया और उसके बाद क्या हुआ होगा आप परिकल्पना कर सकते हैं।

खैर ऐसा नहीं है कि ऐसा पहली बार हुआ है, जून के प्रथम सप्ताह में ही इन्होंने मंडल रेल अस्पताल दानापुर में नशें की हालात में एक दिव्यांग महिला रेलकर्मी एवं उसके पति के साथ बदतमीजी की थी, उपरोक्त घटनाक्रम का वीडियो भी वायरल हुआ था। तब रेल प्रशासन ने भी इनके पी लेने दो की आदत को संज्ञान लिया था और जांच कमिटी भी बनी थी। जांच कमिटी ने क्या रिपोर्ट सौंपी है यह तो पता नहीं लेकिन रेल सूत्रों से ऐसी जानकारी मिली है कि चिकित्सा विभाग ने इनके “पी लेने दो” की हरकत से आजिज होकर अंतर ज़ोनल तबादला की सिफारिश की हैं लेकिन ऐसा लगता है कि कार्मिक विभाग भी नशें में ही हैं और “पी लेने दो”की आदत से मजबूर डाक्टर के मामले को दबा रखा है और जब सही समय पर सही कारवाई नहीं होगी तो क्या होगा यही होगा और वही हुआ।

पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक महोदय जो होना था हो गया और अब जो होना है वो आपको करना हैं।
Railwellwishers पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक महोदय से विनम्र निवेदन करता है कि “पी लेने दो”की आदतों से मजबूर डाक्टर शैलेन्द्र कुमार, सर्जन के मामले की सर्जरी कर उचित उपचार कर रेल प्रशासन की जयकार करें।

हम दर्द मोहब्बत का मिटा सकते हैं लेकिन
यह रोग पुराना है,
ज़रा देर लगेगी।

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2 Comments

  1. Amal

    सर्जन कहना बैमानी हैं दुर्जन है दुर्जन

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