रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ, पटना द्वारा आयोजित सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा(जीडीसीई ) 2023, परीक्षा परिणाम में हुई अनियमितता!

रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ, पटना द्वारा आयोजित सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा(जीडीसीई ) 2023, परीक्षा परिणाम में हुई अनियमितता!

पटना: परीक्षा का शाब्दिक अर्थ है “जांच” या “परख”, लेकिन परिणाम जांच या परखने वाले व्यक्ति पर निर्भर करता है। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ जिसकी स्थापना रेलवे में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के नियुक्ति के लिए की गई थी और बाद में इन्हें सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा एवं अप्रेंटिस चयन की जिम्मेदारी दी गई।

रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ, पटना द्वारा सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा जिसे कर्मचारी जीडीसीई के नाम से जानते हैं बोलते हैं। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ, पटना द्वारा RRC/ECR/HRD/RECTT/GDCE/2023 , दिनांक 16.08.2023 को एक अधिसूचना जारी की गई , जिसमें रिक्तियों का विभागीय विवरण के साथ साथ पात्रता की शर्तें एवं चयन प्रक्रिया का विवरण दिया गया था.

आवेदन करने का अंतिम 16.09.2023 था, लेकिन परीक्षा 10 जनवरी 2025 को आयोजित किया गया, आवेदन करने के 16 महीने बाद परीक्षा आयोजित करना भी रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ, पटना के कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है खैर 19.06.2025 को परीक्षा परिणाम भी निर्गत हो गया लेकिन सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा 2023 में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है और प्रमाण भी उपलब्ध कराया गया है कि परीक्षा परिणाम जारी करने में रेलवे बोर्ड के आदेशों की अनदेखी की गई है।

चयन प्रक्रिया में रेलवे बोर्ड के आदेशों की अनदेखी गलती से हुआ है या जानबूझकर कर किया गया है यह शासन एवं प्रशासन के लिए जांच का विषय है लेकिन उन अभ्यर्थियों के लिए निराशा एवं चिंता का विषय है जो इस प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी सालों करते हैं।

रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ,पटना, द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट उल्लेखित किया गया था कि विभिन्न शाखाओं के सामान पदों (Common Post) के लिए चयन मेघा सूचकांक (Merit Index) के आधार पर किया जाएगा, तथा उम्मीदवार के योग्यता के अनुसार उपयुक्त पद प्रदान किया जाए, लेकिन 19.06.2025 को प्रकाशित परिणाम को देखने से यह स्पष्ट परिलक्षित होता है कि इसे मेघा सूचकांक के अनुसार प्रकाशित नहीं किया गया है ‌।

मेघा सूचकांक में विभिन्न शाखाओं के अलग-अलग शाखा का टाॅप दस अभ्यर्थी या 0.1% अभ्यर्थी का औसत निकाल कर मेघा सूचकांक के फार्मुला में रखा जाता है लेकिन रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ द्वारा मेघा सूचकांक का पालन नहीं करने से यांत्रिक शाखा के अभ्यर्थियों को अन्य शाखाओं की तुलना में अनुचित लाभ प्राप्त हुआ है, इससे रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ पटना के पारदर्शिता एवं निष्पक्षता पर प्रश्न चिन्ह उत्पन्न होता है जो कि शासन एवं प्रशासन के लिए चिंता एवं चिंतन का विषय है।

Railwellwishers महानिदेशक कार्मिक रेलवे बोर्ड से अनुरोध करता है कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर अभ्यर्थियों के साथ न्याय की व्यवस्था करते हुए अनियमितता करने वालों पर उचित कार्रवाई कर एक संदेश देने का कार्य करें।

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5 Comments

  1. Archit

    Thank you for raising our concerns

  2. Md belal akhtar

    Thank u sir for raising our voice

  3. Md belal akhtar

    Thank u sir for raising our voice

  4. Sajan

    Sir isme train manager ka v result tha sir isko kyu cancelled kiya please jarur reply kijyega

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