पटना। प्रवर्तन निदेशालय ने 100 करोड़ रुपये से ऊपर की बहुचर्चित रेलवे क्लेम घोटाले में पटना और नालंदा सहित देशभर के तकरीबन पांच स्थानों पर छापेमारी की है। इनमें कर्नाटक के मंगलूर के भी कुछ ठिकाने शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और वकीलों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज का उपयोग कर हेराफेरी की जाती थी। रेलवे कर्मचारियों के फर्ज
दस्तावेज तैयार किए जाते थे फिर उनकी मंजूरी करके करोड़ों रुपये की हेराफेरी की जाती थी।
इस कार्रवाई में रेलवे न्यायिक अधिकारी रहे आर. के मित्तल और वकील बीए सिंह मुख्य निशाने पर रहे हैं। छापमारी दस्तावेज और डिजिटल सूबत भी बरामद हुए हैं। गौरतलब है कि आर के मित्तल को पहले ही भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त किया जा चुका है।
पटना और नालंदा में मारे गए छापे की लपेट में कई प्रतिष्ठित लोग भी आ गए हैं।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने दर्ज किया था। जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस उदय यू. ललित की बेंच ने जांच एजेंसियों को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इस घोटाले में रेलवे कर्मचारियों के नाम पर फर्जी दावे बनाए गए थे। इन दावों के आधार पर बड़ी रकम हड़प ली गई। इस रैकेट में कई लोग शामिल थे।



