रेलवे बोर्ड के आदेशों की खुलेआम उड़ाई जा रही है धज्जियां

रेलवे बोर्ड के आदेशों की खुलेआम उड़ाई जा रही है धज्जियां

कहां गया शासन, प्रशासन और अनुशासन…??

पटना: अनुशासन ही देश को महान बनाता हैं, ऐसा हम सभी कहते हैं लेकिन अनुशासन का अनुपालन नहीं हो पाता और जब अनुशासन का अनुपालन नहीं हो पाता तो व्यवस्था चरमरा जाती हैं और ऐसा ही देखने को मिल रहा है भारतीय रेलवे के पूर्व मध्य रेलवे में जहां अदालत के आदेशों की भी अवमानना हो जाती है और अदालत को सख्त निर्देश जारी करना पड़ता है। वहां रेलवे बोर्ड के आदेशों की खुलेआम अनदेखी कोई नई बात नहीं है।ऐसा वर्षों से होता आया है और ऐसा इसलिए है क्योंकि यहां सभी अपने आप में सरकार हैं और सिस्टम लाचार हैं।

रेलवे बोर्ड के आदेश संख्या IRTS Cadre/2024/2/policy,New Delhi dated 10.01.2024 का अनुपालन अभी तक सुनिश्चित नहीं होना सिस्टम की बेबसी का दर्शन करने के लिए पर्याप्त हैं। जिन अधिकारियों का मंडल में पदस्थापना और एक्सपोजर होना चाहिए वो मुख्यालय में योजना बना रहे हैं और जिनकी पदस्थापना मुख्यालय में होनी चाहिए मंडल में एक्सपोज़ हो रहें । ऐसा सिर्फ इसलिए हों रहा हैं क्योंकि रेलवे बोर्ड के आदेशों का अनुपालन नहीं हो रहा है जो कि व्यवस्था के लिए विचारणीय है।

भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के आदेशों का अनुपालन करने हेतु रेलवे बोर्ड ने कार्यालयों के कार्यों के कुशल संचालन के साधन के रूप में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति और समय की पाबंदी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली ((AEBAS) की व्यवस्था सुनिश्चित करने का रेलवे बोर्ड का आदेश संख्या E(G)2023/LE/1-1 New Delhi dated 18.06.2024 का अनुपालन नहीं होना अनुशासन का खो जाना ही दर्शाता है ऐसा नहीं है कि आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पहली बार लिखा है,इस पत्र के पुर्व भी रेलवे बोर्ड ने चार पत्र लिखा है..
(1) रेलवे बोर्ड का पत्र संख्या E(G)2014/LE/1-27 dated 30.12.2014
(2) रेलवे बोर्ड का पत्र संख्या E(G)2017/LE/1-34 dated 03.11.2017
(3) रेलवे बोर्ड के पत्र संख्या E(G)2020/LE/1-1 dated 04.02.2020
(4) रेलवे बोर्ड का पत्र संख्या, दिनांक 20.02.2023
आखिर आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली ( AEBAS) की व्यवस्था सुनिश्चित करने में क्या परेशानी आ रही हैं ऐसा भी तो नहीं है कि व्यवस्था सुनिश्चित करने में खर्च नहीं होगा और जहां खर्च होगा वहां आय नहीं होगा और बिना आय एवं अन्य आय के व्यवस्था कैसे चल सकता हैं तब फिर आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली स्थापित करने के पीछे कहीं कोई विशेष विवशता तो नहीं, विशेष विवशता क्या हों सकता है अनुसंधान का विषय है । रेल महकमा में ऐसी चर्चा है कि आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली स्थापित हो गया तो मेम साहब लोग उपस्थिति कैसे बनाएंगे और सबसे बड़ी चुनौती तो उनके लिए है जो कर्मचारियों की बिक्री करते हैं, हां यह हकीकत है। आपने रेलवे में स्क्रैप की बिक्री सुनी होगी लेकिन रेलकर्मी की बिक्री नहीं सुनी होगी लेकिन पूर्व मध्य रेलवे में अन्य आय हेतु कुछ भी संभव है और बिक्री करने वाले और बिकने वाले कर्मियों की लिस्ट लम्बी है।

खैर जो भी हो रेलवे का कुशल परिचालन हेतु रेलवे बोर्ड के आदेशों का अनुपालन महाप्रबंधक महोदय की नैतिक जिम्मेदारी हैं और जिम्मेदारी को स्वीकार करना ही अनुशासन का अनुपालन है।
उम्मीदों का सफर जारी हैं..।

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  1. राजेश कुमार

    Sir
    मुजफ्फरपुर डिपो के पिट लाइन ड्यूटी में रोस्टर लागू करवाया जाए सर कोई रोस्टर नहीं है रोस्टर में नियमित बदलाव किया जा रहा है।

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