ECR: “धृतराष्ट्र” महाप्रबंधक की थू थू! सीबीआई की आठवीं रेड! माल पर्यवेक्षक परमात्मा शुभंदु सहयोगी समेत गिरफ्तार।

ECR: “धृतराष्ट्र” महाप्रबंधक की थू थू! सीबीआई की आठवीं रेड! माल पर्यवेक्षक परमात्मा शुभंदु सहयोगी समेत गिरफ्तार।

पटना: भारतीय रेल का पूर्व मध्य रेलवे, जो महाभ्रष्ट,मति भ्रष्ट महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के नेतृत्व में “लूट का सुरक्षित चारागाह” बन चुका है, क्योंकि पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के कार्यकाल में सीबीआई की सात सात रेड़ होने के बाबजूद अधिकारी और कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहें हैं क्योंकि एक ही संकल्प है “लूट चले हम”। कहते हैं ना कि निर्लज्जों को लज्जा नहीं आती, और यदि लज्जा होती तो पूर्व मध्य रेलवे में महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के कार्यकाल में सीबीआई की आठवीं रेड नहीं पड़ती।

कहते हैं ना कि जब पाप का घड़ा भर जाता है तो फूटता ज़रूर है और वही हुआ है पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में जहां वाणिज्य विभाग की व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है क्योंकि पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक श्रीमान अमिताभ प्रभाकर “बापू के बंदर” की भूमिका को चरितार्थ करने में कोई कोर कसर छोड़ने को तैयार नहीं है क्योंकि उन्हें सिर्फ खाने पीने से मतलब है और इसी का परिणाम है कि दानापुर मंडल के किऊल जंक्शन पर सीबीआई की आठवीं रेड।

सीबीआई पटना की एंटी करप्शन ब्यूरो ने 10.07.2026 को शिकायतकर्ता श्रीमान मोहन मंडल के लिखित शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दानापुर मंडल के किऊल जंक्शन पर पदस्थापित माल पर्यवेक्षक (Goods Supervisor) श्रीमान परमात्मा शुभंदु को उनके सहयोगी मनीष कुमार समेत ₹ 50,000 रूपए की घुस की रकम के साथ गिरफ्तार कर पूर्व मध्य रेलवे के प्रशासन पर ऐसा तमाचा मारा है जो रेलकर्मियों के बीच चर्चा का विषय है।

सीबीआई पटना की एंटी करप्शन ब्यूरो ने इस मामले में एफआईआर संख्या RCO 232026A0013 dated 10.07.2026, P C Act, Section 7 and 7A और BNS 2023 Section 61(2) के तहत Criminal Conspiracy, Offence releted to demand of bribe by public servants, Taking undue advantage to influence public servant by corrupt or illegal means का मामला दर्ज कर अपनी कार्रवाई की है।

सीबीआई को की गई लिखित शिकायत में स्पष्ट उल्लेख है कि जून 2026 में 396 वैगन को खाली करने के मद में माल पर्यवेक्षक श्रीमान परमात्मा शुभंदु द्वारा प्रति वैगन ₹ 300 रुपए के हिसाब से ₹1,18,800 रूपए की मांग की गई थी और संवेदक के शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने घुस की रकम ₹ 50,000 रूपए के साथ गिरफ्तार कर कारागार भेजकर लूट का सुरक्षित चारागाह समझने वाले को होश ठिकाने लगा दिया है।

ऐसा भी नहीं है कि ऐसा वसूली सिर्फ किऊल जंक्शन पर ही हो रहा है।पूर्व मध्य रेलवे के पांचों मंडलों में जहां भी गुड्स शेड है वहां “अन्य आय” के लिए “अन्याय”अनवरत जारी है लेकिन शिकायतकर्ता ने साहसिक कार्य कर दर्पण दिखाने का काम किया है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि सीबीआई की आठ रेड होने के बाबजूद भी पूर्व मध्य रेलवे का प्रशासन “लूट चले हम” अभियान पर विराम लगाता है या लूट का कोहराम मचाता है!

लेकिन एक बात तो तय है कि भले ही पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्रीमान छत्रसाल सिंह ने उपलब्धियों का कोई रिकार्ड कायम नहीं किया है लेकिन इनके कार्यकाल में सीबीआई की आठवीं रेड ने रिकार्ड कायम कर दिया है और इसके लिए महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह को शर्म आनी चाहिए लेकिन आएगी नहीं क्योंकि निर्लज्जों को शर्म नहीं आती। एक और सीबीआई रेड के इंतजार में…

सफ़र जारी है..

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