पूर्व मध्य रेलवे… आयकर जमाबंदी में घालमेल का खेल..!

पूर्व मध्य रेलवे… आयकर जमाबंदी में घालमेल का खेल..!

पटना. कहने को रेलवे एक है, रेलवे के सारे विभाग, कल- कारखाने महाप्रबंधक,पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर के अधीन है, तो सारे कायदे- कानून भी सभी विभागों के लिए एक जैसा होना चाहिए। सारे विभाग के कर्मचरियों, अधिकारियों के साथ मंडल और महाप्रबंधक कार्यालय का व्यवहार भी एक जैसा होने की अपेक्षा की जाती है, पर पूर्व मध्य रेलवे में ऐसा नहीं है। पूर्व मध्य रेलवे का निर्माण विभाग, समस्तीपुर मंडल कार्यालय के लिए एक सौतेला विभाग है। इसके अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ IT/TDS Deposit जैसे ऑफिशियल कार्यों में सौतेला व्यावहार किया जाता है।

निर्माण संगठन के फील्ड यूनिट में स्थापित अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन, यात्रा भत्ता आदि का भुगतान उनके कार्यक्षेत्र से सबंधित मंडल के द्वारा किया जाता है।

पूर्व मध्य रेलवे के समस्त मंडल के कार्यक्षेत्र में कार्यरत फील्ड यूनिट कर्मचारियों का वेतन भुगतान के साथ-साथ इनकम टैक्स की कटौती उनके वेतन से कर आयकर विभाग में ससमय जमा कर दिया जाता है, जिससे कि वे अपना जमा टैक्स का विवरण देख सकें, परन्तु पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल कार्यालय में ऐसा नहीं है।

सदैव मस्ती में रहने वाला मंडल (समस्तीपुर) के कार्मिक और लेखा विभाग का अलग ही खेल है. वहां हर बात/ काम में “खेला होवे” के तर्ज़ पर खेला होता है और उनके इस खेल के शिकार निर्माण विभाग के कर्मचारी और अधिकारी हैं।

जैसा सर्वविदित है कि वेतन से की गई IT की कटौती को IT विभाग में जमा करने की जवाबदेही कटौती करने वाले सम्बंधित विभाग की होती है, परन्तु समस्तीपुर मंडल से जुड़े निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन से IT की कटौती तो कीं जाती है, पर IT विभाग में त्रैमासिक रूप में जमा नहीं की जाती है।

ऐसा नहीं कि यह खेला वहां कार्यरत वर्तमान मंडल मुखिया एवं सम्बंधित विभागीय अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है, अपितु यह खेल वहां वर्षों से चल रहा है. खेल किसके द्वारा, कब शुरु किया गया, कब से खेला जा रहा है और इस के लाभार्थी कितने हैं, यह गहन जांच का विषय है क्योंकि प्रथम दृष्टतया यह मामला वित्तीय हेर-फ़ेर/ धोखाधड़ी से जुड़ा लगता है क्योंकि इसे सीधे रूप से भारत सरकार के राजस्व हानि से जोड़कर देखा जा सकता है, क्योंकि जब इनकम टैक्स की कटौती हो गई तो फ़िर वो राशि गयी कहां गई? आकाश मे – हवा बन उड़ गया, पाताल निगल गया या बिहार सरकार में हुए *सृजन घोटाले* की तरह यह किसी निजी व्यक्ति या संस्थान के खाते में तो नहीं चला जाता है, जिसे साल में एक बार ही जमा किया जाता है ?

अब खेल को जानते हैं…
खेल यह है कि मंडल के ओपन लाइन कर्मचारियों के टैक्स कटौती की राशि इसके लेखा/ कार्मिक विभाग द्वारा सीधे आयकर विभाग को भेज दिया जाता है, परंतु निर्माण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के इस मद में की गई कटौती को IT department में जमा करने के लिए एक 3rd पार्टी को रखा गया है।

समस्तीपुर मंडल में जहां ओपेन लाइन कर्मचारियों का Tax deduction नियत समय पर IT department में हस्तांतरित कर दिया जाता है, वहीं निर्माण विभाग के कर्मचारियों के वेतन से टैक्स कटौती की राशि आयकर विभाग में जमा नहीं की जाती है।

इस मद में कटी हुईं राशि कहां रहती है, कहा नहीं जा सकता. यह रेलवे के खाते में पड़ी रहती है या सृजन के खाते में, यह जांच-पड़ताल का विषय है, परंतु यह निश्चित रूप से भारत सरकार के खाते में ससमय जमा नहीं किया जाता है क्योंकि जब एक कर्मचारी ने अपना Deducted Tax amount को IT के साइट पर चेक किया तो deposit के विवरण में शून्य जमा राशि दिखाई दिया जबकि उनके वेतन से हर माह Income Tax के मद में कटौती की गई है, और तभी यह विषय Railwellwishers के संज्ञान में आया।

कुछ सतही जांच-पड़ताल से मालुम हुआ कि निर्माण विभाग के कर्मचारियों का इनकम टैक्स की राशि को आयकर विभाग में जमा करने के लिए मंडल की तरफ से एक 3rd पार्टी एजेंसी को रखा गया है, जो वित्तीय वर्ष समाप्त होने और Form 16 issue होने के बाद प्रति कर्मचारी/ अधिकारी लगभग एक हजार से दो हजार रुपये लेने के बाद ही उनके वेतन से कटौती की गई राशि को Income Tax के खाते में जमा करता है. इस 3rd पार्टी को ऑफिशियली या अन ऑफिशियली रखा गया है,यह जानकारी मंडल को ही होगी पर निर्माण विभाग के कर्मचरियों से उनके वेतन से काटी हुई IT की राशि को जमा करने के लिए अलग से भुगतान एक तरह से अतिरिक्त उगाही है, जबकि Deducted Tax को IT में जमा करने की जवाबदेही deduction करने वाले संबंधित विभाग की होती है।

अब प्रश्न यह उठता है कि Railway Accounts से 3rd पार्टी किस तरह कटौती की गई राशि को IT विभाग में जमा करते हैं। समस्तीपुर मंडल के लेखा विभाग के बिना सहयोग से राशि का हस्तांतरण क्या सम्भव है? यदि नहीं तो क्या रेलवे ने किस तरह से उसे इस कार्य के हेतु अधिकृत किया है ?

इस विषय में समस्तीपुर मंडल के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण विभाग के संबंधित Dy CE Construction ही Drwaing and Disbursing Authority हैं, और इसलिए Deducted Tax amount को IT department में जमा करने की जवाबदेही उन्हीं की होनी चाहिये, परन्तु वे शायद भूल जाते हैं कि फील्ड यूनिट कटौती की राशि सीधे-सीधे IT department में जमा करें, इसके लिए वे अधिकृत नहीं हैं। इसके लिए मंडल कार्यालय, पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय या निर्माण विभाग मुख्यालय ही अधिकृत ऑफिस है। मंडल कार्यालय की इस खींचातान में बेचारे कर्मचारी पिस रहे हैं।

यह आश्चर्य का विषय है कि निर्माण विभाग मुख्यालय के कर्मचारी और अधिकारियों का वेतन और संवेदक के बिल का भुगतान निर्माण विभाग के द्वारा किया जाता है, तब फील्ड यूनिट के कर्मचारियों के वेतन आदि का भुगतान और IT deposit निर्माण विभाग मुख्यालय के द्वारा क्यों नहीं किया जा सकता है ? कब तक कर्मचारी मंडल के 3rd पार्टी के द्वारा दुहे जाते रहेंगे ?

इसके अलावा भारत सरकार को हो रहे राजस्व की हानि के लिए कौन जवाबदेह है ? इसकी जाँच IT विभाग करेगा या रेलवे ख़ुद इसकी विभागीय जांच कर सुधारात्मक उपाय करेगा या जांच की लीपा- पोती कर बाकि मामलों की तरह इस मामले को फ़ाइलों की कब्र में दफन कर देगा ?
इस संबंध में समस्तीपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक महोदय ने मामले से अवगत कराने पर गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच का निर्देश दिया है!आगे- आगे देखिए होता है क्या?
लेकिन इस मामले में Railwellwishers का विस्तृत निरीक्षण, परीक्षण और सर्वेक्षण जारी…

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