निंदक नियरे राखिए …

निंदक नियरे राखिए …

पटना: कबीरदास जी के इस प्रसिद्ध दोहे का अर्थ है कि हमें अपनी आलोचना करने वाले व्यक्ति को अपने पास (आंगन में कुटिया बनाकर) रखना चाहिए। वे बिना पानी और साबुन के ही हमारे अवगुण बताकर हमें स्वच्छ और सुधार देते हैं।

यह दोहा हमें आलोचना को सकारात्मक रूप से लेने और उससे सीखकर बेहतर बनने की प्रेरणा देता है,पर इस दोहे से ECR के अहंकारी अधिकारियों का दूर दूर का वास्ता नहीं। वे अपने आलोचकों को अपने पास नहीं आने देने का सारा उपाय करते हैं। साम- दाम, दंड, भेद की नीति से जब शुरु के दो नीतियाँ अपनाकर जब वे असफल हो गये है, तब वे तीसरी ” दंड” नीति का अनुसरण कर अपने आलोचकों का मनोबल गिराने,मुँह बन्द करने का असफल प्रयास कर रहे हैं।

जब से Rail well whisers ने ECR में चल रहे अर्थिक भ्रष्टाचार को उजागर करना शुरु किया जिनसे ECR के भ्रष्ट अधिकारियों के आर्थिक हितों को चोट पहुंचा और कुछ अधिकारियों का स्थानांतरण दूसरे ज़ोन में हुआ, तब से ये अधिकारी खौफ़ में आ गए हैं और बन्द कमरे में डरी हुई बिल्ली की तरह खौफ़जदा अधिकारी सामने वाले के ऊपर आक्रमण की मुद्रा में आ गए हैं।

उनका ये सोचना बड़ा ही बेवकूफ़ी भरा है। उनका यह सोचना कि बाहर के कर्मचारियों के महाप्रबंधक कार्यालय में आगमन से कार्यालय की गोपनीयता भंग होती है, उन्हें ये नहीं पता कि उनके भ्रष्टाचार की ख़बर यहाँ की फ़िज़ाओं में गूँज रही है।

वे शायद भूल रहे हैं कि भले ही उनकी कार्यप्रणाली पारदर्शी नहीं हो, पर उनका क्रिया कलाप, आचरण काफ़ी पारदर्शी है. ऑफिस के बाबु, ग्रुप डी कर्माचारियों , उनके निजी सहायकों के बीच उनके कुकर्मों की दबी या खुली जुबान में चर्चा होती रहती है, और खबरें भी यहीं से निकलती हैं।

फिल्म “राम तेरी गंगा मैली” के डायलॉग के अनुसार गंगा नदी ऊपर से गंदी होते हुए नीचे की ओर ज्यादा गंदी हो जाती है। यदि ऊपर बैठे अधिकारी ही अपने बाल बच्चों की शादी में नीचे के अधिकारियों से लाखों रुपये की नगद उगाही करेंगे, तो क्या ये बात किसी से छुपी रहेगी ? भले ही यह बात कोई आधिकारिक रूप से नहीं कहे, स्वीकारे पर सत्य को फ़िज़ाओं में बहने से कोई रोक सकता है। आपके कुकर्म, गंदी बदबूदार हवा की तरह है, जो वातावरण मे गंध फैला रही है। भ्रष्टाचार की इस गंगोत्री में फंसते छोटे अधिकारी हैं, जबकि ऊपर वाले के ऊपर अँगुली भी नहीं उठती।

किसी कर्मचारियों को अपने समस्या के निदान के लिए, आना न पड़े, पहले इसकी व्यवस्था करें फिर आप कर्मचरियों को अपने कार्यालय में प्रवेश नहीं देने के लिए अपने सुरक्षा बल को लगाइए। अब अगले अंक में ECR के एक और कारनामे के उजागर होने का इन्तेज़ार करिये ..

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