“टीआरएस” दानापुर के ध्वस्त सिस्टम से रनिंग कर्मचारी हैं त्रस्त, महाप्रबंधक कब लेंगे संज्ञान!

“टीआरएस” दानापुर के ध्वस्त सिस्टम से रनिंग कर्मचारी हैं त्रस्त, महाप्रबंधक कब लेंगे संज्ञान!

दानापुर: वर्ष 2022 की एक बहुत ही चर्चित फिल्म “द कश्मीर फाइल्स” का एक डायलॉग है “सरकार किसी की हो, सिस्टम तो हमारे हिसाब से चलता है”! ठीक वही दशा पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के टीआरएस विभाग की हो गई है, सब अपने आप में सरकार है । दानापुर मंडल के टीआरएस विभाग का सिस्टम तो ऐसा डिरेल हो चुका है कि एक एक पखवाड़े में चार-चार इंजन डिरेल हो गया फिर भी ध्वस्त सिस्टम को दुरुस्त करने के बजाय दिखावटी स्थानांतरण आदेश जारी किया जा रहा है। सिस्टम ध्वस्त कैसे हुआ यह जानने के लिए ज्यादा पीछे जाने की जरूरत नहीं है।

10 फरवरी 2023 को कार्मिक विभाग द्वारा आदेश संख्या इं/ईएल/लोकों/टीआरएस/2023 के माध्यम से रनिंग सुपरभाईजर/क्रू कंट्रोलर के स्क्रीनिंग टेस्ट में सफल अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई।सूचि में 6ठे स्थान पर अंकित राकेश कुमार लोकों पायलट गुड्स दानापुर के चीफ़ क्रू कंट्रोलर बनाए गए जबकि दसवें स्थान पर अंकित प्रमोद कुमार 03, लोको पायलट मेल दानापुर मुंह देखते रह गए, जबकि कायदे से वरीयता का पालन करते हुए प्रमोद कुमार को ही चीफ़ क्रू कंट्रोलर बनाया जाना चाहिए था क्योंकि वो मेल ड्राईवर थे। यदि ऐसा ही भेदभाव करना था तो फिर स्क्रीनिंग टेस्ट की क्या जरूरत थी? खैर इस तरह की अनियमितताओं का अंबार है जो सिस्टम के ध्वस्त होने का प्रमाण परिलक्षित करता है ।

कार्मिक विभाग दानापुर द्वारा जारी आदेश संख्या 137/2025 जो कि 07.04.2025 को जारी किया गया है, आदेश का निरीक्षण, परीक्षण और सर्वेक्षण परिलक्षित करता है कि स्पाउस ग्राउंड वाले अभ्यर्थियों के पदस्थापना में भेदभाव किया गया है।

आदेश में वर्णित 5वें स्थान पर चंद्र ज्योति कुमार का पटना जंक्शन से पटना जंक्शन का आदेश निर्गत किया गया है ऐसा स्पाउस ग्राउंड के आधार पर किया गया है,28वे स्थान पर अंकित पटना में ही पदस्थापित मुकेश शर्मा का आदेश पटना के लिए ही स्पाउस ग्राउंड पर हुआ है ठीक है होना भी चाहिए, लेकिन 22वे स्थान पर वर्णित शिशुपाल कुमार का क्या दोष था कि स्पाउस ग्राउंड के बाबजूद दानापुर से तिलैया कर दिया गया, शिशुपाल कुमार तिलैया जाने वाले अकेले नहीं हैं, सिराजुद्दीन आलम जिनका नाम 64 वे स्थान पर अंकित है स्पाउस ग्राउंड के बाबजूद किउल कर दिया गया है।

बात इतनी ही नहीं है,29वे स्थान पर अंकित उदय रंजन का आदेश राजेन्द्र नगर से राजेन्द्र नगर के लिए ही निर्गत किया गया जबकि कोई स्पाउज ग्राउंड का मामला नहीं है। 31वे स्थान पर अंकित ललन कुमार का स्थानांतरण आदेश दानापुर से बाढ़ के लिए निर्गत किया गया है और 59वे स्थान पर अंकित रवि कुमार का स्थानांतरण आदेश दानापुर से फतुहा के लिए निर्गत किया गया है जबकि उपरोक्त दोनों का कोई स्पाउस ग्राउंड नहीं है,60वे स्थान पर अंकित राज कुमार का आदेश राजेन्द्र नगर से राजेन्द्र नगर में ही किया गया है जबकि इनका भी कोई स्पाउस ग्राउंड आधार नहीं है।

अब तो आप सोच सकते हैं कि आदेश के निरीक्षण, परीक्षण और सर्वेक्षण से स्पष्ट परिलक्षित होता है कि टीआरएस दानापुर का सिस्टम ध्वस्त हो चुका है और रनिंग कर्मचारी इनके कारनामों से त्रस्त है लेकिन इसके बावजूद सिस्टम मस्त है और मस्त इसलिए है कि इनका एक ही है पैगाम पहले दाम और तब काम चाहें जैसा भी हो काम और जो भी हो परिणाम क्योंकि सिस्टम इनके मर्ज़ी से चला रहा है तभी तो राहुल कुमार राय, सहायक लोको पायलट तिलैया से राजेन्द्र नगर स्थानांतरण कराने में सफल हो जाते हैं जबकि उनका स्पाउस अररिया जिले में पदस्थापित है जो कि एन एफ रेलवे के गुवहाटी जोन में हैं तो समझा जा सकता है कि मनमानी करने वाले का सानी है।

टीआरएस के सिस्टम को ध्वस्त करने में पी कौशल,सीएलआई,मुख्यालय जो कि रद्द हुई सीएलआई की परीक्षा में वसूली के मुख्य सूत्रधार थे और पद से विकोटिकृत और विकोटिकृत मानसिकता से ग्रस्त वेंकटेश नारायण की भूमिका प्रमुख रहीं हैं ।

टीआरएस के ध्वस्त सिस्टम का एक और प्रमाण देख लिजिए कि किस तरह से पी कौशल सीएलआई मुख्यालय से हटाएं जाने के आदेश जो कि 28.08.2025 को जारी किया गया था लेकिन आज़ भी मुख्यालय में ही जमे हुए हैं और इसलिए जमें हुए हैं कि उनके पदस्थापना का कोई भी आदेश ही नहीं निर्गत किया गया है और ऐसा ही आदेश लगभग दो दशकों से राजगीर में पदस्थापित कौशलेंद्र कुमार के मामले में भी हुआ है तब तो यह और चिंता एवं चिंतन का विषय है कि “नामदार” वरीय मंडल विद्युत अभियंता (टीआरएस)किस शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं!

समस्या है तो समाधान भी है और यदि समाधान नहीं है तो आप समस्या है और समस्या का निदान कैसे होगा इसकी जिम्मेदारी मंडल रेल प्रबंधक और महाप्रबंधक पूर्व मध्य रेलवे की है। देखिए टीआरएस का ध्वस्त सिस्टम कब दुरस्त होता है इतंजार कीजिए क्योंकि If you are in need you should wait, लेकिन कब तक!क्योंकि देरी होंने से असंतोष बढ़ता है।

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  1. Sunil

    Ye news m ghapla hai jo imandar hai us pr bhi iljam

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