दानापुर: बीते दिनों 17.08.2025 को जब गाड़ी संख्या 12334 (विभुति एक्सप्रेस) दानापुर स्टेशन पर पहुंची तब उक्त गाड़ी के एस्कार्ट पार्टी (आरपीएफ पोस्ट दानापुर) पर यात्री राजा बाबू वर्मा ने गंभीर आरोप लगाया कि उनके बैग से ₹1.50 लाख छीन लिया गया है, इस मामले में रेल यात्री द्वारा रेल मदद (139) पर Ref.No 2025081712117 शिकायत दर्ज हुई थी।
मामले का तथ्य
शिकायतकर्ता ने जीआरपी दानापुर पहुंचकर एस्कार्ट पार्टी के सदस्यों की पहचान की, जीआरपी/ दानापुर व आरपीएफ की उपस्थिति में तलाशी हुई परन्तु बरामदगी नहीं हुई। तत्पश्चात अचानक शिकायतकर्ता से दबाब में लिखवाया गया कि पैसा घर में ही छूट गया था और अब कोई शिकायत नहीं है।
इस प्रकरण को मैंनेज करने में आरपीएफ अधिकारियों का दबाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। तथापि 19.08.2025 को Railwellwishers द्वारा मामले को रेल पटल पर लाने पर “विभुति एक्सप्रेस में आरपीएफ की एस्कार्ट पार्टी ने यात्री से ₹1.50 लाख छीना !
यात्री सुरक्षा रामभरोसे..!
और जब खबर सुर्खियों में आ गया तो रेलवे बोर्ड एवं पुलिस महानिदेशक महोदय बिहार ने मामले को गंभीरता से लिया और गया के रेल डीएसपी के नेतृत्व में मामले की जांच की गई और जांच में दुध का दुध और पानी का पानी हो गया और आरपीएफ के काले कारनामों का एक इतिहास बन गया क्योंकि 31.08.2025 को उसी यात्री की लिखित शिकायत पर जीआरपी बक्सर में कांड संख्या 204/25 U/S 309(6)BNS पंजीकृत हुआ है, जिससे कि यह सिद्ध होता है कि पूर्व की जांच और बयानबाजी दबाव में कराई गई थी।
अधिकारियों की मिली भगत
इस प्रकरण में आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप वर्णवाल (IPF/DNR) सीआईबी इंस्पेक्टर राजकुमार, एएससी दानापुर हरिकांत प्रसाद सिंह रात भर जीआरपी दानापुर में मौजूद रहे और शिकायत को दबाने के आपराधिक षड्यंत्र में शामिल रहे। जीआरपी दानापुर थाने के सीसीटीवी फुटेज में इन अधिकारियों की उपस्थिति ऑन रिकार्ड दर्ज है,जिसकी पुष्टि जांघ के दौरान की गई। यह केवल कदाचार नहीं बल्कि अपराध का दमन (Suppression of Offence) है जो भी BNS की धाराओं के तहत दंडनीय अपराध है।
गंभीर पहलू
एस्कार्ट पार्टी पर यात्रियों,शराब तस्करों, सोना चांदी कारोबारियों आदि से रोजाना लाखों के वसूली के आरोप है जिसका हिस्सा उच्च अधिकारियों तक पहुंचता है। इसी कारण से इस मामले को दबाने का प्रयास किया गया। इस तरह की मिलीभगत न केवल आरपीएफ की साख को ध्वस्त करती है बिहार पुलिस की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती है और जब विश्वसनीयता प्रभावित होगा तब तो यात्री सुरक्षा रामभरोसे ही रहेगा।
Railwellwishers आरपीएफ की पहली महिला महानिदेशक महोदया से अनुरोध और उम्मीद करता है कि विभुति एक्सप्रेस प्रकरण (Ref.No 2025081712117) एवं बक्सर जीआरपी कांड संख्या 204/25 की स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच कराई जाए एवं दोषी एस्कार्ट पार्टी, इंस्पेक्टर प्रदीप वर्णवाल, सीआईबी इंस्पेक्टर राजकुमार, एवं एएससी हरिकांत प्रसाद सिंह को वर्तमान पदस्थापना से तत्काल हटाया जाए ताकि जांच प्रभावित न हो।
उपरोक्त अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के साथ साथ बीएनएस की सुसंगत धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। यह प्रकरण केवल यात्री सुरक्षा ही नहीं बल्कि रेलवे सुरक्षा बल और बिहार पुलिस की साख से जुड़ा हुआ है क्योंकि इस प्रकरण ने आरपीएफ विभाग के चाल चरित्र और चेहरा को उजागर कर आरपीएफ की साख को खाक किया है। इस प्रकरण में रेल प्रशासन द्वारा अत्यंत गंभीर, निष्पक्ष, कठोर और पारदर्शी कारवाई की उम्मीद रेल यात्रियों को है।
उम्मीदे है तो जिंदगी है।
Happy journey.
देखे यात्री की शिकायत









सभी गुनाहगारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। यह गलती के ऊपर गलती है। इस प्रकरण मे जो भी शामिल हैं, उन पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आगे से कोई भी इस तरह का कांड करने की हिम्मत न जुटा पाए। ऐसी सजा देनी चाहिए कि दुसरे को सबक मिले,
Rpf k dwara patna junction platform no 8 k paas illegal market lagwaya jaanta h jisse daily RPF ko 60000 rupees awaidh kmay hota h
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