दानापुर: पूर्व मध्य रेलवे दानापुर मंडल का विद्युत विभाग “माफिया राज”के व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण प्रकाश फैलाने के बजाय अंधकारमय करने में कोई कोर कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। भले ही भारतीय रेल “अमृत काल महोत्सव” मना रहा हो लेकिन पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के विधुत विभाग में “लूट काल महोत्सव” मनाया जा रहा है।
दानापुर मंडल के विद्युत विभाग के “लूट काल महोत्सव” में लूट खसोट के कई कारनामों को अंजाम दिया गया है और उसी लूट खसोट में सबसे महत्वपूर्ण लूट खसोट हुआ है दानापुर के पावर हाउस के शिफ्टिंग में।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा पटना बिहटा एलिवेटेड सड़क परियोजना के निर्माण हेतु दानापुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित पावर हाउस का शिफ्टिंग आवश्यक था और पावर हाउस के शिफ्टिंग हेतु विद्युत विभाग द्वारा एक टेंडर EL-50-DNR-OPEN-74-2023-2024 Electrical (G) releted works for Commissioning of New 33/0.415KV sub station with administrative, store building in place of existing sub station to be dismantled due to proposed Danapur Bihta Elevated Road project of NHAI. जारी किया गया।
पूर्व मध्य रेलवे दानापुर मंडल विद्युत विभाग द्वारा ₹10 करोड़ 64 लाख,91 हजार,954 रूपए का निविदा BHAGAT ENGINEERING WORKS. MUNGER को आवंटित 23.03.2024 किया गया। निविदा जारी करने में कुछ ऐसा विशेष शर्त लगा दिया गया कि Bhagat Engineering Works.Munger को छोड़कर कोई दूसरा प्रतिभागी निविदा में शामिल ही नहीं सके।
प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता, पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर के पत्र संख्या ECR/EL/G/Similar Nature dt 28.02.2024 के माध्यम से एक विशेष शर्त जोड़ दिया गया जो निम्न वर्णित है। Firm executing the work should have sufficient number of staff and infrastructure. For this Firm should have monthly average 150 employees on EPF/ESIC since last six months from the date of NIT.
निविदा में उपरोक्त शर्त जोड़कर रेलवे बोर्ड के आदेशों का सरासर उल्लंघन तो किया ही गया है, Bhagat Engineering works.munger को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है जिससे कि दूसरे प्रतिभागी निविदा में शामिल नहीं हो सके। 01.04.2024 को संवेदक से एग्रीमेंट हुआ और 22.04.2024 को काम शुरू हुआ और 24.04.2025 को बिल संख्या ECR/DNR/Elec/2024/0018B1 के माध्यम से ₹98 लाख 50 हजार 802 रूपये का भुगतान किया गया।
दूसरा बिल संख्या ECR/DNR/Elec/2024/0018/ B2 dt 12.05.2024 के माध्यम से ₹ 5 करोड़ 74 लाख 26 हजार 610 रूपए का भुगतान किया गया।
तीसरा बिल संख्या ECR/DNR/Elec/2024/ 0018/B3R2 dt 25.06.2024 के माध्यम से ₹2 करोड़ 10 लाख 06 हजार 673 रुपए का भुगतान हुआ।
और चौथे बिल संख्या ECR/DNR/elec/2024/0018/B4 dated 28.10.2024 के माध्यम से ₹3 करोड़ 08 लाख 76 हजार 801 रूपए का भुगतान किया गया ।
उपरोक्त वर्णित चारों विपत्रों के माध्यम से Bhagat Engineering Works Munger को ₹ 11 करोड़ 91 लाख 60 हजार 886 रुपए का भुगतान कर दिया गया है तो आप सोचेंगे कि निविदा तो ₹ 10 करोड़ 64 लाख 91 हजार 954 रूपए का ही था और भुगतान ₹ 11 करोड़ 91 लाख 60 हजार 886 रूपया कैसे हो गया तो यह जानना आवश्यक है क्योंकि निविदा रकम में ₹ 02 करोड़ 33 लाख 78 हजार 579 की बढ़ोतरी की गई और कुल निविदा रकम बढ़कर ₹12 करोड़ 98 लाख 70 हजार 533 रूपए हो गया और इस निविदा रकम में से ₹ 11 करोड़ 91 लाख 60 हजार 886 का भुगतान भी हो गया।किए गए भुगतान के अनुसार ₹ 01 करोड़ 07 लाख 09 हजार 647 रूपए का भुगतान बाकी है तो आप यही सोच सकते हैं कि इतने रकम का काम बाकी होगा !
यदि आप ऐसा सोच रहे हैं तो आप ग़लत सोच रहे हैं क्योंकि जिस पावर हाउस का शिफ्टिंग होना है वो आज़ भी यथावत है और जहां पावर हाउस का शिफ्टिंग होना है वहां सिर्फ अभी चारदीवारी का काम भी आधा अधुरा ही हुआ है, ऐसा 02 सितम्बर 2025 को लिए गए तस्वीर से स्पष्ट है जो संलग्न है।
अब आप सोच सकते हैं कि ऐसा कैसे हो गया!पावर हाउस का शिफ्टिंग हुआ भी नहीं और भुगतान हो गया तो यह बात सोचने का नहीं चिंता का विषय है क्योंकि विद्युत विभाग का मुख्य कारोबार यही है क्योंकि यहां “माफिया राज” है!

विद्युत विभाग में “माफिया राज” में लूट खसोट का यह अकेला मामला नहीं है,लूट खसोट के अनेकों मामले है जहां बिना काम के दाम का भुगतान विद्युत विभाग का पहचान बन गया है,भले ही विधुत विभाग में व्याप्त लूट खसोट से विभाग का व्यवस्था अंधकारमय हो गया है लेकिन लूट खसोट में शामिल लोगों का “आनंद ही आनंद” है।
आप यह भी सोच सकते हैं कि जब विद्युत विभाग में इतना लूट खसोट हो रहा है तो सतर्कता विभाग क्या कर रहा है! सतर्कता विभाग वहीं कर रहा है जो अभी तक करते आया है। रेल सूत्रों से जो जानकारी मिली है वह चौंकाने वाली नहीं शर्मशार करने वाली है,जब सतर्कता विभाग को खबर लगी कि ऐसा हो रहा है तो सतर्कता विभाग ने निविदा की मूल फाइल को ले लिया और जब लूट खसोट में अपना हिस्सा मिल गया तो प्रतिलिपि रख मूल फाइल को लौटा दिया गया, सच्चाई क्या है वो तो “आनन्द ही आनन्द”अभियान में शामिल ही बता सकते हैं।
विद्युत विभाग में “माफिया राज” में लूट खसोट की फेहरिस्त लम्बी है,लूट खसोट की एक और कहानी अगले भाग में।






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जनता टैक्स देती है विकास के लिए, लेकिन अफसर और ठेकेदार सिर्फ लूट-खसोट में लगे रहते हैं। अब आम जनता को जवाब चाहिए।
देश अमृत काल मना रहा है, लेकिन दानापुर मंडल में ‘लूट काल’ चल रहा है। यह आम जनता के साथ धोखा है।