- रविवार की रात 01.27.00 बजे जारी हुआ 158 वाणिज्य कर्मियों के स्थानांतरण आदेश
पटना : पूर्व मध्य रेलवे का समस्तीपुर मंडल रेलवे बोर्ड के आदेशों का उल्लंघन करने में कोई कोई कोताही नहीं बरतता और जब शासन के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं होगा तो प्रशासन के कार्यों में अनियमितता का दर्शन स्वाभाविक है. 11.05.2025 दिन रविवार रात के 01.27.00 बजे 158 वाणिज्य कर्मियों के स्थानांतरण आदेश में मंडल रेल प्रबंधक ने 83 कर्मचारियों का स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर कर समग्र स्थानांतरण अनुदान के माध्यम से रेलवे के राजस्व को चपत लगाकर अनियमितता का दर्शन कराया है.
ऐसा भी नहीं है कि मंडल रेल प्रबंधक द्वारा किया गया यह पहला अनियमितता है.इसे संयोग ही कहेंगे कि पिछले वर्ष भी 11.05.2024 को अवकाश के दौरान 107 वाणिज्य कर्मियों का पदस्थापना आदेश जारी कर अपनी हठधर्मिता एवं मंशा का दर्शन कराया था तो सवाल यह उठता है कि आखिर क्या कारण था कि अवकाश के दिन रात में पदस्थापना जारी किया गया.
वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक के स्थानांतरण आदेश जारी होने से हुआ हड़बड़ी !
पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर का आदेश संख्या GAZ/116/2024 दिनांक 08.05.2024 को जारी हुआ और समस्तीपुर के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक का तबादला हो गया और शुचि सिंह का धनबाद मंडल से समस्तीपुर में वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक के पद पर पदस्थापना आदेश जारी हुआ और यही पदस्थापना आदेश अवकाश के दिन रात के अंधेरे में जारी करने का कारण बना. 08.05.2024 दिन बुधवार को स्थानांतरण आदेश जारी होते ही वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक चंद्रशेखर प्रसाद अगले दो दिनों के अवकाश पर चले गए .
11.05.2024 को मंडल कार्यालय के आदेश संख्या 394/NG/2024/ Comml/SPJ के माध्यम से 01 कर्मचारी, आदेश संख्या 395 NG/2024/Comml/SPJ के माध्यम से 46 कर्मचारी, आदेश संख्या 396/NG/2024Comml/SPJ के माध्यम से 50 कर्मचारी, आदेश संख्या 400/NG/2024/Comml/SPJ के माध्यम से 05 कर्मचारी , एवं आदेश संख्या 401/NG/2024/Comml/SPJ के माध्यम से 05 कर्मचारी कुल 107 कर्मियों को पदस्थापना जारी कर प्रबंधन खुश हुआ क्योंकि मंशा पूर्ण हुआ क्योंकि शुचि सिंह के पदस्थापना आदेश से मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सिंडिकेट को अपनी मंशा के पूर्ण होने में शंका हो गया था.
13.05.2024 को लोक सभा चुनाव के कारण अवकाश था और 14.05.2024 को शुचि सिंह ने समस्तीपुर मंडल में योगदान के लिए रिपोर्ट किया और स्थानीय आदेश भी निर्गत हो गया और 15.05.2024 को चंद्रशेखर प्रसाद ने पद छोड़ा और शुचि सिंह ने पदभार ग्रहण किया और जब पदभार ग्रहण हो गया तो वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक शुचि सिंह ने स्थानांतरण आदेश जारी होने पर हुए स्थानांतरण में नियमों का अनुपालन नहीं होने पर सवाल उठा कर अपनी सुचिता का दर्शन कराया. नियमानुसार आदेश जारी होने के पहले नव नियुक्त वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक को आदेश को दिखाना था लेकिन यहां तो मंशा ही कुछ और थी और कारण यह था कि पदस्थापना आदेश जारी करने में बड़े पैमाने पर पैसे का लेन-देन हुआ था और लेन देन हुआ था मनमाफिक पदस्थापना के लिए.
दोबारा लाईन ट्रेनिंग पर भेजने का उद्देश्य क्या था?
ZRTI MFP के पत्रांक T/327 दिनांक 25.04.2024 एवं 29.04.2024 में स्पष्ट उल्लेख है कि प्रशिक्षण समाप्ति के पश्चात आदेश संख्या 238/NG/2024/Comml/SPJ दिनांक 12.03.2024 द्वारा लाईन ट्रेनिंग में भेजा गया था ,तब सवाल यह उठता है कि जब लाईन ट्रेनिंग हो गया था तो दोबारा ट्रेनिंग पर भेजने का उद्देश्य क्या था? उद्देश्य था प्रार्थियों को “फेरहा” के पास भेजना और दोबारा लाईन ट्रेनिंग के लिए वही भेजा गया जहां “फेरहा” मंशा को पूरा कर सके. खैर मंशा तो पूरा हो गया लेकिन पदस्थापना आदेश पर सवाल उठाए जाने पर मंडल रेल प्रबंधक ने 31.05.2024 को वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक के स्थापना आदेश पर ही प्रतिबंध लगा दिया और वाणिज्य विभाग के स्थानांतरण और पदस्थापना आदेश स्वयं को हस्तांतरित कर लिया बात यही खत्म नहीं हुई.
वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक शुचि सिंह को असमय ही पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल में स्थानांतरण का दंश झेलना पड़ा. अब बात तो सोचने वाली है कि एक तो अनियमितता और सवाल उठाए जाने पर स्थानांतरण आखिर माजरा क्या है? Railwellwishers को अपने अनुसंधान में ऐसी जानकारी मिली है कि इनकी श्रीमती जी भी रेलवे बोर्ड में उच्च पद पर पदस्थापित है और उसी माध्यमों से अपने अनियमितताओं पर पर्दा डालते हैं.रेल सूत्रों से ऐसी पुख्ता जानकारी मिली है कि स्थानीय सतर्कता विभाग में भी इन पर अनियमितता का शिकायत दर्ज है और शिक़ायत करने वाले ने अपने शिकायत की पुष्टि भी कर दी है. शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत की पुष्टि किए जाने के बाद भी सतर्कता विभाग की निष्क्रियता सतर्कता विभाग के औचित्य पर सवाल उत्पन्न करता है.
खैर जो भी हो एक बात तो तय है कि जब देश आजादी का अमृत काल मना रहा है, समस्तीपुर मंडल को” लूट काल” का उपहार दिया है. अनियमितताओं की फेहरिस्त लम्बी है और जो शेष है वो विशेष है अगले भाग में समस्तीपुर मंडल या मस्तीपुर मंडल!






यही हाल इनके द्वारा LPG प्रमोशन में किया गया ।
रेल राजस्व की खूब उड़ाया गया जिसने जहां OWNREQUEST लगाया उसको वह ना देकर उसके विपरीत जगह दे दिया गया।जिस से कर्मचारी में असंतोष तो था साथ ही साथ रेल राजस्व का क्षति हुआ। करोड़ का घोटाला था ये प्रमोशन जिसमें लगभग 14 लोगों को अभी तक पोस्टिंग भी नहीं दी गई
अनियमितता और भ्रष्टाचार तो देश के कोने कोने में फैला है, कम्युनिस्ट विचार और गरमदल वाले को तो इतना खून खौलता है की मन करता है, भगत सिंह या चीन के माओत्शे तुंग बन जाये. खैर भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए आपके न्यूज़ को धन्यवाद
Corruption ke khilaf sakt action lena chahiye
हमारे देश में भ्रष्टाचार एक ऐसा दीमक है जो कभी खत्म नहीं हो सकता है आज आप आवाज उठाएंगे और कल उस अधिकारी को बदल दिया जाएगा और कल फिर उसके जगह दूसरा अधिकारी आएगा फिर वह वही काम करेगा लेकिन भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए आपके इस लड़ाई में मैं आपके साथ हूं
एलपीजी प्रमोशन लिस्ट जो दिसंबर 2024 को निकाला गया था उसमे गिने चुने लोगों का नाम लिस्ट से बाहर कर दिया गया यह कहकर की आप दूसरे रेलवे से म्यूच्यूअल ट्रांसफर आये है अन्य कैटोरी से होने के कारण, परन्तु अपने चाहेते को बाहर नहीं किया इस लिस्ट मे लगभग 5-7 ऐसे एलपीजी है जो मेरे तरह ही वो भी अन्य केटेगरी से म्यूच्यूअल ट्रांसफर होकर दूसरे रेलवे से मेरे बाद आये है परन्तु उनको एलपीजी बनाया गया इसका कम्प्लेन माननीय drm सर को किया गया की जिस नियम से उनको एलपीजी बनाया गया मुझे भी उसी नियम से एलपीजी बनाये परन्तु सुनने को नाम नहीं ले रहे