पटना: भारतीय रेल के “अभूतपूर्व ज़ोन” पूर्व मध्य रेलवे के महाभ्रष्ट एवं मति भ्रष्ट महाप्रबंधक श्रीमान छत्रसाल सिंह के कार्यकाल में सीबीआई की नौवीं रेड पड़ी और सीबीआई की नौवीं रेड पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल में पड़ी जो “फुल मस्ती” के लिए विख्यात है और विख्यात इसलिए हैं क्योंकि यहां के कुछ अधिकारी लूट के लिए कुख्यात है।
सीबीआई पटना की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने समस्तीपुर मंडल में पदस्थापित वरीय लिपिक श्रीमान अमृत राज़ के लिखित शिकायत पर ऐसा जाल बिछाया कि समस्तीपुर मंडल के सहायक कार्मिक अधिकारी श्रीमान अरूण कुमार मंडल के लिए काल बन गया । सीबीआई के एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज एफआईआर संख्या RC 0232026A0014 dated 22.07.2026 के अनुसार P C Act 1988 (As amended in 2018) के सेक्शन 07 के तहत Act of a public servant obtaining demanding or accepting an undue advantage के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
कहते हैं ना कि जब पाप का घड़ा भर जाता है तो फूटता ज़रूर है और ठीक यही हुआ है समस्तीपुर मंडल के सहायक कार्मिक अधिकारी श्रीमान अरूण कुमार मंडल के साथ, क्योंकि इनका एक ही पैग़ाम था “पहले दाम तब काम” वैसे भी लोग कहते हैं कि “भ्रष्टाचार” तो कार्मिक विभाग का जन्मसिद्ध अधिकार है और भारतीय जीवन बीमा निगम के मूल मंत्र “जीवन के साथ भी और जीवन के बाद भी” को चरितार्थ करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ता है। यह भी जानकारी मिली है कि सीबीआई द्वारा गिरफ्तार सहायक कार्मिक अधिकारी श्रीमान अरूण कुमार मंडल इसी वर्ष रेल सेवा से अवकाश प्राप्त करने वाले थे तो आप कह सकते हैं कि श्रीमान अमृत राज़ ने कार्मिक विभाग के पैगाम “पहले दाम तब काम” को ऐसा अंजाम दिया है कि श्रीमान अरूण कुमार मंडल का काम तमाम कर दिया है।
सीबीआई पटना की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने अपनी कार्रवाई के दौरान जब इनके रेलवे आवास को खंगाला तो इनके आवास से अवैध पिस्टल,दो मैगजीन एवं 09 जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया। बात सोचने वाली है कि आखिर क्या कारण था अरूण कुमार मंडल अपने आवास पर अवैध हथियार रखते थे कहीं ऐसा तो नहीं कर्मचारियों का भयादोहन करते थे खैर यह तो स्थानीय पुलिस के लिए जांच का विषय है। लेकिन एक बात तो तय है कि जहां पूर्व मध्य रेलवे के कार्मिक विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है, भारतीय रेल के “कर्मयोगी” कर्मचारी श्रीमान अमृत राज़ ने भ्रष्टाचार पर ऐसा प्रहार किया है जो एक इतिहास बन गया है। अमृत राज़ के प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए।
Railwellwishers भी भारतीय रेल के वैसे सभी कर्मचारियों से अनुरोध करता है कि यदि आप अपने वरीय अधिकारियों के भ्रष्टाचार से पीड़ित हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है, सीबीआई से सम्पर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, आपको न्याय भी मिलेगा और सुकून भी, क्योंकि रेलवे में व्याप्त और अनियंत्रित भ्रष्टाचार ने कर्मियों का सुकून छीन लिया है।
आपका एक छोटा सा प्रयास अनियंत्रित भ्रष्टाचार पर लगाम लगा सकता है, तो फिर देर किस बात की…
सफ़र जारी है..





