ECR: पूर्व मध्य रेलवे का जो है “लेखा”, वैसा आपने कहीं न होगा देखा!

ECR: पूर्व मध्य रेलवे का जो है “लेखा”, वैसा आपने कहीं न होगा देखा!

पटना: भारतीय रेलवे का पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर,जो कि एक “अभूतपूर्व ज़ोन” के रूप में विख्यात है और इसलिए विख्यात है क्योंकि यहां के कारनामों ने इसे अभूतपूर्व बनाया है!

कबीर दास जी का एक बड़ा ही चर्चित दोहा है..
“जैसी संगति वैसा असर”
कदली ,सीप,भुजंग मुख, स्वाती एक गुण तीन।
जैसी संगति बैठिए,तैसोई फल दीन।।

उपरोक्त वर्णित दोहे का अर्थ यह है कि स्वाति नक्षत्र की एक ही बूंद तीन अलग-अलग स्थानों (केले,सीप, और सांप के मुंह) पर गिरकर अलग-अलग परिणाम देती है!(केले पर कपूर,सीप में मोती, और सांप के मुंह में ज़हर बन जाती है)! इसलिए मनुष्य जैसी संगति में रहता है, उसे वैसे ही परिणाम मिलते हैं।

कबीर दास जी के उपरोक्त दोहा का वर्णन करने के पीछे मुख्य कारण यह है कि दिनांक 20 मई 2026 को पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के “महाभ्रष्ट” एवं “मति भ्रष्ट” महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के गरिमामयी सानिध्य में महाप्रबंधक कार्यालय के नया सम्मेलन कक्ष में “वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक (Sr. DFMs) सम्मेलन का आयोजन किया गया था ‌

“धृतराष्ट्र”महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के सानिध्य में हुए इस सम्मेलन में “विशिष्ट अतिथि ” के रूप में संतोष कुमार पटनायक आईआरएएस 88 बैच द्वारा “Green Financing”पर व्याख्यान दिया गया।

जिस”वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक (Sr.DFMs) सम्मेलन” में “विशिष्ट अतिथि”के रूप में जिस संतोष कुमार पटनायक ने Green Financing पर अपना व्याख्यान दिया उनके बारे में जानना भी आवश्यक है कि आखिर कौन थे इस सम्मेलन के “विशिष्ट अतिथि” संतोष कुमार पटनायक?
Railwellwishers ने “वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक” के हुए सम्मेलन के”विशिष्ट अतिथि” संतोष कुमार पटनायक के बारे में जो जानकारी हासिल की है वो दुखद ही नहीं, रेल प्रशासन के लिए शर्मशार करने वाली है!

आप भी सोच में पड़ जाएगे ऐसा क्यूं और किसी सम्मेलन के” विशिष्ट अतिथि” पर सवाल उठाना कहां तक जायज है!
Railwellwishers को संतोष कुमार पटनायक के बारे में जो पुख्ता जानकारी मिली है, उसके अनुसार अगस्त 2018 के प्रथम सप्ताह में केंद्रीय सतर्कता आयोग ने भारतीय रेल वित्त निगम (आईआरएफसी) के प्रबंध निदेशक संतोष कुमार पटनायक (आईआरएएस) के खिलाफ “गंभीर दंड”की कारवाई शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप उनकी सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी गई।

संतोष कुमार पटनायक पर वित्तीय अनियमितता का आरोप आईआरएफसी के एक पर्यवेक्षक/निरीक्षक स्तर के अधिकारी ने दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर लगाए थे और केंद्रीय सतर्कता आयोग ने उपलब्ध दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर इन्हें सेवा से बर्खास्त कर अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सुखद संदेश दिया था।

अब गंभीर सवाल यह उठता है कि सम्मेलन के जिस “विशिष्ट अतिथि” संतोष कुमार पटनायक को केंद्रीय सतर्कता आयोग ने भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त कर दिया हो और वैसे बर्खास्त अधिकारी को सम्मेलन का “विशिष्ट अतिथि “बनाना कहां तक न्यायसंगत है??

आपको यह जानकर और भी हैरानी होगी कि वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक (Sr.DFM) सम्मेलन 2026 के अवसर पर पटना के पांच सितारा होटल “होटल मौर्य” के कौटिल्या हाॅल में “रात्रिभोज”का आयोजन किया गया था, तो सोचने वाली बात यह है कि पांच-सितारा होटल के इस रात्रिभोज का ख़र्च कौन उठाएगा रेलवे!!

अब आप लोग ही आत्मचिंतन कीजिए कि मोदी सरकार में ही सेवा से बर्खास्त अधिकारी को मोदी सरकार के कार्यकाल दौरान सरकारी कार्यक्रम में सरकारी खर्चे पर बतौर विशिष्ट अतिथि बनाना देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सतर्कता आयोग को खुली चुनौती है या नहीं??
खैर इसका फैसला तो भारतीय रेल के टेक्नोक्रेट एवं ब्यूरोक्रेट रेलमंत्री करेंगे जो पता नहीं अपने संकल्प 52 सप्ताह 52 सुधार के संकल्प की शुरुआत करने के लिए किस शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं या यह भी एक जुमला ही था!

सफ़र जारी है…

Leave a Comment

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *