आरपीएफ एवं अभियंत्रण विभाग की मिलीभगत से हो रही है रेलवे सम्पत्ति की चोरी!

आरपीएफ एवं अभियंत्रण विभाग की मिलीभगत से हो रही है रेलवे सम्पत्ति की चोरी!

पटना: पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल का अभियंत्रण विभाग अनिर्णय की स्थिति में है और अनिर्णय की स्थिति इसलिए क्योंकि दानापुर मंडल का अभियंत्रण विभाग अनियंत्रित होकर अनियमितता का दर्शन करा रहा है और ऐसे ही एक अनियमितता का दर्शन 03.07.2025 को दानापुर रेलवे काॅलोनी में रेलवे की ध्वस्त क्वार्टर्स से स्क्रैप उठाव के दौरान घटित हुई।

इस दिन रेलवे सतर्कता विभाग, हाजीपुर के निरीक्षकों संदीप कुमार, अरविंद कुमार सिंह एवं नफीस अहमद द्वारा स्क्रैप परिदान का निरीक्षण किया गया। उनकी संयुक्त जांच रिपोर्ट के अनुच्छेद 3 में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि दिनांक 03.07.2025 को किसी स्क्रैप परिदान की तिथि निर्धारित नहीं थी।
ऐसे में ट्रैक्टर के माध्यम से ले जा रहा स्क्रैप स्पष्टतः अवैध था जिसकी जब्ती कर रेल सम्पत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत विधिसम्मत कारवाई की जानी चाहिए थी।

परन्तु, आरपीएफ पोस्ट कमांडर दानापुर प्रदीप वर्णवाल द्वारा इस गंभीर मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, जबकि यह वही अधिकारी हैं, जिन्होंने विगत में सीआईबी में पदस्थापन के दौरान बख्तियारपुर में मामूली परिदान गड़बड़ी पर एफआईआर दर्ज कराई थी, जिससे एक उपनिरीक्षक को नौकरी से हाथ धोना पड़ा था तथा वी एन शर्मा संस्थान में महाप्रबंधक के कार्यक्रम हेतु रेलवे की मिट्टी फेंके जाने पर रेल सम्पत्ति अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी।

स्पष्टतः,अब जब प्रदीप वर्णवाल स्वयं पोस्ट कमांडर है तो कारवाई से परहेज़ क्यों किया गया? उक्त परिदान में न केवल तिथि निर्धारित नहीं थी बल्कि कांट्रैक्ट की शर्तों के विपरित प्लिंथ के नीचे तक खुदाई कर लोहा निकाला गया, जो कि गंभीर उल्लंघन है।

स्थानीय निवासियों से तथा भौतिक निरीक्षण से यह भी ज्ञात हुआ है कि रात्रि के समय अवैध रूप से लोहे के गर्डर,गेट,रेल लाइन आदि की चोरी कर बेचने का क्रम लंबे समय से जारी है, जिसमें आरपीएफ व आई ओ डब्लू की स्पष्ट मिलीभगत है।

इस समस्त कार्य में मेसर्स नरसिंहमा इन्टरप्राइजेज की संलिप्तता स्पष्ट प्रतीत होती है। अतः इनसे जुड़े मजदूरों एवं ट्रैक्टर चालकों से पूछताछ के द्वारा यह पता लगाया जा सकता है कि अब तक कितनी मात्रा में और कब कब रेलवे सम्पत्ति बेची गई है।

इस मामले में स्टोर विभाग की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता क्योंकि सतर्कता विभाग द्वारा ट्रैक्टर पकड़े जाने पर संध्या साढ़े पांच बजे के बाद मेसर्स नरसिंहमा इन्टरप्राइजेज को परिदान हेतु एक्सटेंशन प्रदान किया गया है तो यह स्पष्ट परिलक्षित होता है कि चोरी पकड़े जाने पर लेन देन हुआ है क्योंकि बिना लेन देन के कुछ संभव हो ही नहीं सकता।

महाप्रबंधक महोदय पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर से यह उम्मीद तो किया ही जा सकता है कि दानापुर मंडल के अनियंत्रित अभियंत्रण को हो रही अनियमितता से मुक्त कर अपनी सुचिता का दर्शन देंगे।

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  1. दिग्विजय सिंह airvetrun

    जय हिंद स्री दीघा Polson के पास रेल QUATERS के अंडर यक indoor स्टूडियम बना था जो उस मे सब कुछ लूट पार्ट रेल के लापरवाही के कारण हुआ हैजो आज तक कौआई इसका sanzan नही लिया जो देश के लिए कितना शर्म का बाते है मेरा आप सी अघ है की पुनः जँच हो जो दोषी हो उसको सज़ा मिलना चाइये दीघा पॉल सन पटना राजधानी के घटना है

  2. जय हिन्द सर यक घटना जो रेल डिपार्टमेंट के साथ सबका साथ सबका विकास कि बाते करते है लेकिन दीघा रेल QUATERS के अंडर यक इंदौर स्टूडियम बनाया गया था जिसके सब कुछ लूट पार्ट होगया यक़ीनन आप दीघा Polson पटना राजधानी के पास वह पर क्लास ए adhikari का QUATERS है फिर भी कौआई लॉक आफ्टर नही किया कितना लगत से बनाया गया था जिसका Responsbility लेना चाइये की नही अभी

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