पटना।बिहार के छपरा जिले का मढ़ौरा, जो कभी स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में दर्ज था, अब भारत की औद्योगिक क्रांति के नए अध्याय के साथ जुड़ रहा है। इस लोकोमोटिव फैक्ट्री में बना इंजन पश्चिमी अफ्रीकी देश गिनी को निर्यात किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आगामी 20 जून को रेल इंजन की खेप की रवाना करेंगे।
यहां की वेबटेक डीजल लोकोमोटिव फैक्ट्री ने न सिर्फ भारतीय रेलवे को नई ऊर्जा दी है, बल्कि अब यह संयंत्र भारत को वैश्विक लोकोमोटिव मेन्युफेक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहा है। जो पीएम मोदी के मेक इन इंडिया के विजन को मूर्त रूप तो देगा ही, साथ ही सीएम नीतीश कुमार के विकसित बिहार के सपने को भी साकार करेगा।
यह फैक्ट्री वेबटेक इंक और भारतीय रेलवे का एक संयुक्त उपक्रम है, जिसमें वेबटेक का 76 फीसद और रेलवे का 24 फीसद शेयर है। 2018 में स्थापित यह संयंत्र अब तक 729 शक्तिशाली डीजल इंजन बना चुका है। इनमें 4500 HP के 545 और 6000 HP के 184 इंजन शामिल हैं। इस संयंत्र के वैश्विक लोकोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के बाद इसकी क्षमता कई गुना बढ़ाने वाली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मेक इन इंडिया” विजन को बिहार में साकार करती यह फैक्ट्री अब “मेक इन बिहार – मेक फॉर द वर्ल्ड” के मंत्र को गूंज दे रही है। पहली बार भारत के किसी राज्य से वैश्विक बाजार के लिए लोकोमोटिव इंजन का निर्माण और निर्यात हो रहा है।
26 मई 2025 को दक्षिण अफ्रीका के गिनी देश के तीन मंत्रियों ने संयंत्र का दौरा किया था। इसके बाद 140 लोकोमोटिव इंजनों की डील फाइनल की गई थी। जिसका नाम “(कोमो) KOMO” दिया गया था। यह डील करीब 3000 करोड़ रुपये की है। मढ़ौरा के लिए यह सिर्फ एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की नई भूमिका का प्रमाण है।




