रेल वेल विशर्ष परिवार की ओर से संपादक रणजीत कुमार मिश्रा के बड़े सुपुत्र रजत वत्स ‘रज्जू बाबू’ को भावभीनी श्रद्धांजलि

रेल वेल विशर्ष परिवार की ओर से संपादक रणजीत कुमार मिश्रा के बड़े सुपुत्र रजत वत्स ‘रज्जू बाबू’ को भावभीनी श्रद्धांजलि

जन्म: 15 मई 1998
पुण्यतिथि: 12 जनवरी 2025

रजत वत्स ‘रज्जू बाबू’!
मृत्यु अटल सत्य है, किंतु यह स्वीकार कर पाना कठिन है कि आपने इतनी जल्दी इस संसार को क्यों अलविदा कह दिया। प्रयागराज में कुंभ मेले में संगम में डुबकी लगाने के उद्देश्य से घर से निकले थे। जाते समय मां से बालकनी में हाथ हिलाकर विदा ली थी, यह सोचकर कि लौटकर आएंगे। परंतु आप तो शाही स्नान के बहाने अनंत यात्रा पर निकल पड़े। क्यों?
आपने मां, दो छोटी बहनों और अपने पिता के बारे में नहीं सोचा, जो आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर पल आपके साथ खड़े रहे।


15 मई 1998 को प्रथम पुत्र के रूप में आपने परिवार में जन्म लिया। डीएवी पब्लिक स्कूल, वाल्मी, खगौल से शिक्षा ग्रहण कर मगध विश्वविद्यालय से वाणिज्य संकाय में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। तत्पश्चात रेलवे की गति शक्ति परियोजना से जुड़कर देश की सेवा में समर्पित हो गए। आपका शालीन स्वभाव और मानवीय गुण सभी को प्रिय थे।
शायद सच ही कहा गया है – “जिन्हें भगवान प्रेम करते हैं, वे अल्पायु होते हैं।” महाकुंभ में शाही स्नान के बहाने भगवान ने आपको अपने सान्निध्य में बुला लिया। भगवान शंकर के असीम भक्त होने के नाते, आपने मोह-माया से विमुक्त होकर अंतिम यात्रा पर प्रस्थान किया।
महादेव की कृपा से आपकी निश्चल और पवित्र आत्मा ब्रह्म में विलीन हो गई। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने भी कहा है कि आत्मा अमर होती है। आप हमारे दिलों में सदैव जीवित रहेंगे।
RAIL WELL WISHERS
https://railwellwishers.com परिवार की ओर से संपादक रणजीत कुमार मिश्रा के बड़े सुपुत्र रजत वत्स ‘रज्जू बाबू’ के असामयिक निधन पर गहन शोक और भावभीनी श्रद्धांजलि।
दिनांक 12 जनवरी 2025 को दानापुर के सगुना मोड़ स्थित अपार्टमेंट से बाइक से महाकुंभ में शाही स्नान हेतु निकले थे। रोहतास स्थित पीटफोड़वा मोड़ के समीप एक अन्य बाइक सवार से टक्कर में उनका दुखद निधन हो गया।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।
ॐ शांति।

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3 Comments

  1. Sanjay Kumar

    भावपूर्ण श्रद्धांजलि

  2. भावपूर्ण श्रृद्धांजलि

  3. Manoj Kumar

    कहाँ तुम चले गए?

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