सीबीआई से कराई जाए NAIR द्वारा इस वर्ष ली गई एलडीसीई 30% परीक्षा की जांच

सीबीआई से कराई जाए NAIR द्वारा इस वर्ष ली गई एलडीसीई 30% परीक्षा की जांच

दानापुर: रेलवे बोर्ड ने सहायक वाणिज्य प्रबंधक एवं सहायक विधुत अभियंता पदों के लिए लिए गए परीक्षा को रद्द कर Railwellwishers के आरोपों की पुष्टि तो कर दी लेकिन रेलवे बोर्ड ने परीक्षा रद्द करने का कोई कारण नहीं बताया। परीक्षा को रद्द करना रेल मंत्रालय द्वारा स्वागत योग्य कदम है पर इसकी जांच निश्चित रूप से सीबीआई से कराये जाने की आवश्यकता है क्योंकि विभागीय जांच इस पूरी प्रक्रिया के तह तक पहुंचने के लिए नाकाफी होगी।

NAIR‌ नेशनल एकेडमी ऑफ इंडियन रेलवे बड़ौदा गुजरात,जिसकी स्थापना 31 जनवरी 1952 को हुई थी, जिसका मुख्य कार्य भारतीय रेलवे के ग्रुप ए एवं ग्रुप बी के अधिकारियों को प्रशिक्षण से निपुण करना हैं,जिसे ISO 14001:2015 एवं OHSAS18001:2007 प्रमाण पत्र प्राप्त हैं और 2019 में Golden Peacock National Award प्राप्त हैं। नेशनल एकेडमी ऑफ इंडियन रेलवे, बड़ौदा गुजरात को रेलवे के विभागीय पदोन्नति प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी 2022 में इसलिए दी गई क्योंकि पूर्व में ज़ोनल रेलवे द्वारा आयोजित एलडीसीई 30% परीक्षा में धांधली की शिकायतों सरेआम हों गई थी।

NAIR नेशनल एकेडमी ऑफ इंडियन रेलवे, बड़ौदा,गुजरात द्वारा इस वर्ष एलडीसीई 30% परीक्षा देश के 46 शहरों में सीबीटी के माध्यम से आयोजित किया गया था, उत्तर कुंजी जारी होने के बाद अभ्यर्थियों के बीच कुछ अभ्यर्थियों द्वारा प्राप्त प्राप्तांक चर्चा का विषय बन गया और चर्चा से यह बात निकली कि सहायक वाणिज्य प्रबंधक एवं सहायक विधुत अभियंता पदों के लिए पुछे गए सभी प्रश्नों का सही विकल्प संख्या 01 है। तब Railwellwishers ने परीक्षा में धांधली एवं धांधली का अनोखा एवं अजूबा अंदाज को रेल के उच्च पटल पर लाने का सफ़ल प्रयास किया और अंततः 06 सितम्बर 2024 को रेलवे बोर्ड ने सहायक वाणिज्य प्रबंधक एवं सहायक विधुत अभियंता पदों के लिए लिए गए परीक्षा को रद्द कर Railwellwishers के आरोपों की पुष्टि तो कर दी लेकिन रेलवे बोर्ड ने परीक्षा रद्द करने का कोई कारण नहीं बताया।

रेल सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार 2022 में आयोजित एलडीसीई 30% परीक्षा में भी धांधली की शिकायतें अभ्यर्थियों द्वारा रेलवे बोर्ड से की गई थी, परन्तु इस मामले में रेलवे बोर्ड का नजरिया लीपा पोती का रहा और आज पूर्व में चयनित पूर्व मध्य रेलवे, उत्तर पूर्व रेलवे, उत्तर रेलवे एवं कई अन्य ज़ोन में विगत दो वर्षों से रेल सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

कर्मचारियों की मानें तो NAIR द्वारा परीक्षा संचालन को लेकर उनके मन में काफी उत्साह था जो पहली परीक्षा के परिणाम से ही धुमिल हों गया और 2024 की परीक्षा प्राप्तांक ने NAIR की पोल खोल कर रख दी है। परीक्षा को रद्द करना रेल मंत्रालय द्वारा स्वागत योग्य कदम है पर इसकी जांच निश्चित रूप से सीबीआई से कराये जाने की आवश्यकता है क्योंकि विभागीय जांच इस पूरी प्रक्रिया के तह तक पहुंचने के लिए नाकाफी होगी।

रेल सूत्रों के अनुसार इस पुरे प्रकरण में 2022 की परीक्षा से ही एक आंतरिक गिरोह पूरे परीक्षा प्रक्रिया पर हावी है, हालांकि पहली बार की परीक्षा के उपरांत रेलवे ने कुछ सुधारात्मक कार्यवाही कर मामले को ठंडा करने का काम किया,यह अपने आप में दर्शाता है कि परीक्षा प्रक्रिया में कमी थी। उसके बाबजूद इस बार भी धांधली गैंग हावी रहा, पूर्व मध्य रेलवे के कुछ कार्यरत अधिकारियों की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता हैं।

Railwellwishers प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से विनम्र अनुरोध करता है कि रेलवे की पुरी सीबीटी परीक्षा प्रक्रिया की अब तक की परीक्षा की जांच सीबीआई से कराकर पारदर्शिता का मापदंड स्थापित करें ताकि रेल कर्मचारियों को न्याय मिल सके एवं रेल सेवा में उनका मनोबल ऊंचा रहे।

इस पुरे प्रकरण की जांच अगर सर्वाधिक प्राप्तांक प्राप्त लाभार्थियों से सख्ती से की जाएगी तो पूरे नेटवर्क का खुलासा परत दर परत अपने आप होने लगेगा।इस परीक्षा में लाभार्थी कर्मचारी ही हैं तो इसकी जांच शुरू करने और अंजाम तक पहुंचाने में ज्यादा समय जाया नहीं होगा।

भले ही रेलवे बोर्ड ने परीक्षा रद्द कर परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के साथ न्याय किया है लेकिन NAIR नेशनल एकेडमी ऑफ इंडियन रेलवे, बड़ौदा, गुजरात ने प्रश्न पत्र आउट करने के बदले में उत्तर ही आउट करके अपनी क्षमता से अवगत कराया हैं जो कि व्यवस्था के लिए बहुत ही शर्मनाक है जिसकी जांच सीबीआई से कराकर NAIR की लूट पर विराम लगाए।
नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि।

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  1. Suresh Kandwal

    भ्रष्टाचार के विरोध में आप के द्वारा किए जा रहे प्रयासों के लिए आप को बहुत बहुत धन्यवाद एवं हार्दिक शुभकामनाएं!

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