दानापुर : प्रतियोगिता परीक्षा में धांधली तो देश की नियति बन चुकी हैं, लेकिन अभी तक यही सुनने में आता था कि फलां जगह फलां एक्जाम का प्रश्न पत्र आउट हो गया, कहीं एक्जाम में फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जाते थे, कहीं स्काॅलर पकड़े जाते थे लेकिन नेशनल एकेडमी ऑफ इंडियन रेलवे, बड़ौदा, गुजरात ने तो कमाल कर दिया और 04 अगस्त 2024 को एलडीसीई 30% परीक्षा में प्रश्न पत्र आउट करने के बदले में “उत्तर” ही आउट कर धमाल कर दिया।
04 अगस्त 2024 को भारतीय रेल के लगभग सभी ज़ोनल मुख्यालय में एलडीसीई 30% परीक्षा सीबीटी के माध्यम से आयोजित की गई थी,जब 07 अगस्त से लेकर 09 अगस्त 2024 तक परिक्षार्थियों के पास प्रश्न और उत्तर पुस्तिका डाउनलोड करने का विकल्प था तो बहुत सारे वैसे परीक्षार्थी जो सकारात्मक परिणाम की आस लगाए बैठे थे, प्रश्न पत्र एवं उत्तर कुंजी डाउनलोड किया था तब एक बात निकली कि सहायक वाणिज्य प्रबंधक के पद के लिए पूछे गए 175 सवालों का सही जवाब विकल्प संख्या 01 है। मतलब सारे सवालों का जवाब विकल्प संख्या 01 ही हैं , और इसका परिणाम यह हुआ कि एन एफ रेलवे के एक अभ्यर्थी को 150 में से 150, पूर्व मध्य रेलवे के तीन अभ्यर्थियों को 150 में से 149,147, और 143 नंबर आया। तब इस मामले को railwellwishers.com ने गंभीरता से उठाया और भारतीय रेल के पटल पर NAIR द्वारा ली गई परीक्षा में धांधली की शिकायतों से प्रधानमंत्री,रेल मंत्री एवं अध्यक्षा रेलवे बोर्ड को अवगत कराया।
28 अगस्त को railwellwishers ने NAIR द्वारा ली गई एलडीसीई 30% परीक्षा को रद्द करने को लेकर महानिदेशक कार्मिक श्री नवीन गुलाटी से भी बात की तो न्यायोचित कारवाई का भरोसा दिया गया।
04 अगस्त 2024 को जो एलडीसीई 30% परीक्षा आयोजित की गई थी वो भिन्न-भिन्न पदों के लिए था, सहायक वाणिज्य प्रबंधक, सहायक परिचालन प्रबंधक, सहायक कार्मिक अधिकारी, सहायक वित्त प्रबंधक, सहायक मंडल अभियंता एवं सहायक विधुत अभियंता।
अभी तक रेल पटल पर यहीं खबर आई थी कि सहायक वाणिज्य प्रबंधक के लिए पूछें गए सभी सवालों का जवाब विकल्प संख्या 01 है लेकिन अब जो जानकारी Railwellwishers को मिली है उससे स्पष्ट है कि सहायक विधुत अभियंता के पद के लिए जो प्रश्न पूछे गए थे सभी सवालों का सही जवाब विकल्प संख्या 01 ही हैं। ऐसा कैसे संभव हो सकता हैं कि सभी सवालों का जवाब विकल्प संख्या 01 ही हों? खैर ऐसा हुआ है और नेशनल एकेडमी ऑफ इंडियन रेलवे, बड़ौदा गुजरात ने परीक्षा में धांधली का अनोखा तरीका अपना कर धांधली का “गुजरात माॅडल”पेश किया है जो कि व्यवस्था के लिए शर्मनाक है।
15 अगस्त 2022 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा था कि “भ्रष्टाचार एवं भ्रष्टाचारियों के प्रति नफ़रत तो दिखाई देती हैं लेकिन कुछ लोग भ्रष्टाचारियों के प्रति उदारता भी रखते हैं।”
प्रधानमंत्री महोदय ने बात तो बहुत ही सही कही है लेकिन क्या यह सच नहीं है कि आपके रेल मंत्री श्री अश्विनी वैश्णव जिन्हें जनता “डिरेल मंत्री” के नाम से ज्यादा जानती है , भ्रष्टाचारियों के प्रति उदारता ही नहीं रखते सहृदय उदारता रखते हैं, यदि उदारता नहीं रखते हैं तो फिर लूट की रफ्तार बुलेट ट्रेन से भी ज्यादा कैसे हैं?
देख लीजिए, लूट की रफ्तार का नतीजा नेशनल एकेडमी ऑफ इंडियन रेलवे,बड़ौदा, गुजरात द्वारा आयोजित एलडीसीई 30% विभागीय विशेष अभियान परीक्षा में धांधली करने का नायाब तरीका ढूंढ लिया हैं, ऐसा कैसे संभव हो सकता हैं कि 175 सवालों का सही जवाब विकल्प संख्या 01 ही हों ,खैर ऐसा हुआ है।
भले ही नेशनल एकेडमी ऑफ इंडियन रेलवे बड़ौदा गुजरात एलडीसीई 30% परीक्षा में पारदर्शिता बरतने में फेल रहा और अपना खेल करने में सफल रहा लेकिन अब जिम्मेदारी रेलवे बोर्ड एवं रेल मंत्रालय की बनती हैं कि वो परीक्षा को रद्द कर अपनी भूमिका से न्याय करें।






भ्रष्टाचार के इस अनोखे मॉडल की तारीफ करनी होगी। सीधे आंसर ही आउट कर दिया। प्रश्न पत्र को पढ़ने की जरूरत ही नहीं। बड़े होनहार लोग हैं। इन लोगों को तो अवार्ड मिलना चाहिए।