कर्मचारियों से लूट, अधिकारियों को छूट, लूट सको तो लूट : पूर्व मध्य रेलवे

जी हां यही हकीकत है पूर्व मध्य रेलवे की, दानापुर मंडल के वाणिज्य विभाग के एक कर्मी पटना जंक्शन पर पदस्थापना के दौरान स्टेशन प्रबंधक दानापुर को रेल आवास आवंटन हेतु आवेदन देते हैं, आवेदन के उपरांत उन्हें दानापुर में आवास आवंटित होता हैं और रेलवे आवास में 23.12.2017 को सपरिवार शिफ्ट हो जातें हैं,03.01.2018 को उनका तबादला कोईलवर स्टेशन हो जाता है और 04.01.2018 को कोईलवर स्टेशन पर अपना योगदान देते हैं , लगभग चार साल बीत जाने पर उन्हें वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक द्वारा एक आरोप जारी किया जाता है और आरोपित किया जाता है कि तबादला होने के बाबजूद आपने आवास को बिना सूचित किए हुए और प्रशासन के बिना अनुमति लेते हुए अपने कब्जे में रखें हुए हैं, जिसके कारण रेलवे को आर्थिक नुकसान हुआ है, अतः आपका उक्त कार्य रेलवे आचरण अधिनियम 1966 के धारा संख्या 3.1(2)(3) उल्लंघन करता है।


आरोप पत्र जारी होने पर कर्मी प्रशासन को पत्र लिखकर सूचित करता है कि नियमों की जानकारी नहीं रहने के कारण पटना जंक्शन से कोईलवर स्टेशन पर तबादला होने पर प्रशासन को सूचना एवं अनुमति नहीं ले सका, एक बात ध्यान देने की हैं कि कोईलवर स्टेशन पर रेलवे स्टेशन पर आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं हैं और उस कर्मी के बच्चें भी पूर्व मध्य रेलवे सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अध्ययन करते थे, आवंटित आवास का लाईसेंस फी एवं विद्युत चार्ज की कटौती कर्मचारी के वेतन से लगातार होती रही , फिर भी कर्मी के अनुरोध को अस्वीकार करते हुए कर्मचारी को 23.12.2017 से 31.08.2022 तक आवास को अवैध रूप से रखने के कारण ₹18,56,356 मात्र ,डैमेज रेंट रिकवरी पत्र 06.12.2022 को जारी किया गया और दिसम्बर 2022 से प्रति माह ₹ 25000 की कटौती होने लगी, और आज़ भी जारी हैं।


एक बात ध्यान देने की हैं, कर्मचारी की नियुक्ति खलासी के पद पर अनुकंपा पर हुई थी और कालांतर में पदोन्नति उपरांत पर वाणिज्य विभाग में पदस्थापना हुई थी और सबसे बड़ा सवाल यह उठता हैं कि क्या रेलवे प्रशासन आवास आवंटित करते समय अपने कर्मियों को आवास संबंधित नियमों से अवगत कराता हैं ? प्रति माह ₹25000 की कटौती की शुरुआत होने पर मंडल रेल प्रबंधक महोदय से कटौती रोकने हेतु मार्मिक अपील की, लेकिन नियमों एवं कानून का हवाला देकर कर्मचारी के विनम्र निवेदन को अनसुना कर दिया गया और कटौती जारी रही। जिस नियम और कानून का ढाल बनाते हुए कर्मचारी की अपील को अस्वीकार कर दिया गया,उसी नियम एवं कानून के तहत अधिकारियों पर जारी किए गए डैमेज रेंट रिकवरी पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं और आज तक कोई कटौती भी नहीं। Railwellwishers द्वारा आरटीआई से जानकारी मांगने पर चौंकाने वाली जानकारी मिली,धनबाद मंडल के पूर्व वरीय मंडल वित्त प्रबंधक श्री कुमार उदय को धनबाद में बिना अनुमति के जुलाई 2021 से लेकर जून 2022 तक आवास को कब्जा जमाए रखने पर ₹84,83,450 का डैमेज रेंट रिकवरी पत्र जारी किया गया। धनबाद मंडल के ही पूर्व वरीय मंडल विद्युत अभियंता श्री डी पी साह को जनवरी 2021 से लेकर सितम्बर 2021 तक धनबाद में आवास को अवैध रूप से रखने पर ₹7,53,086 का डैमेज रेंट रिकवरी पत्र जारी किया गया, लेकिन कटौती आज़ तक शुरू नहीं हुआ।


अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस नियम एवं कानून के तहत कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर डैमेज रेंट रिकवरी पत्र जारी किया गया है,उसी नियम एवं कानून के तहत कर्मचारियों से कटौती हो रही है तो फिर अधिकारियों से क्यूं नहीं?यह कटौती तो अंग्रेजी हुकूमत की याद दिला रहा है, ऐसा भी नहीं है कि सिर्फ एक ही कर्मचारी से डैमेज रेंट की रिकवरी हों रही, दानापुर मंडल में पांच कर्मचारियों से डैमेज रेंट की रिकवरी की जा रही है, Railwellwishers को आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार धनबाद मंडल में भी बहुत सारे कर्मियों से डैमेज रेंट की रिकवरी हों रही हैं। पूर्व मध्य रेलवे का कार्मिक विभाग का यह दावा कि नियम और कानून से ही होता हैं हर काम तब फिर कर्मचारियों से कटौती और अधिकारियों को कटौती से छूट क्या पैगाम देता हैं,यह तो विचारणीय है।
Railwellwishers पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक महोदय से निवेदन और अपेक्षा करता है कि नियम और कानून के पालन में एकरूपता हों और अधिकारियों पर जारी किए डैमेज रेंट की भी रिकवरी शीघ्र ही हों।
उम्मीद करते हुए सफ़र जारी हैं.. शेष क्रमशः।

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  1. अरविंद कुमार

    लोग पैसा के लिए कर्मचारी और अधिकारी को ब्लैक मेल करता है। कौन कितना दिन से है या नहीं है ये अधिकारी पर निर्भर है लेकिन कुछ लोग दानापुर में कुछ -कुछ लिखकर पैसा उगाही के लिए नया प्रयोग कर रहा है

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