पटना: कहते है न कि जब किसी भी चीज का अति हो जाता है तो अंत होना निश्चित है और वही अभी भारतीय रेल में हो रहा है। जब ऐसी कार्य संस्कृति बन जाए जहां सिर्फ अपनी चिंता हो कि इस काम को करने में मेरा क्या फायदा है तो सोचा जा सकता है कि स्थिति कैसी होगी।
ऐसा लग रहा था कि कोई योजना चल रही है और योजना का उद्देश्य मात्र इतना ही था कि “लूट सको तो लूट, कहीं मौका न जाए छूट!
खैर एक कहावत है ना कि सौ चोट सोनार के और एक चोट लोहार के, ठीक वही हुआ है भारतीय रेलवे के पूर्व मध्य रेलवे में, जहां दानापुर मंडल में चीफ लोकों इंस्पेक्टर की परीक्षा में धांधली की शिकायतों को लेकर जब सतर्कता विभाग ने संज्ञान लिया तो रेल प्रशासन ने परीक्षा को रद्द कर दिया गया। विदित है कि अपने उद्देश्यों की पूर्ति हेतु तीन साल में भी चीफ लोकों इंस्पेक्टर की पदोन्नति प्रक्रिया सम्पन्न नहीं हो सका ।
जब 04 फरवरी को पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में चीफ लोकों इंस्पेक्टर की पदोन्नति परीक्षा में हो रही धांधली को सीबीआई ने दो अधिकारियों समेत 26 आरोपियों को जेल भेजकर मामले का पर्दाफाश किया तो रेल प्रशासन की नींद खुली क्योंकि शासन तो कुंभकर्णी नींद में था लेकिन पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में सीबीआई की धमक ने ऐसा धमाका किया कि नींद खुल गई और जब नींद खुली तो शासन एवं प्रशासन को अनुशासन का ध्यान आया तो प्रशासन ने भी शासन के आदेशों का अनुपालन शुरू किया । जब आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करना शुरू हुआ तो पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर में एकमुश्त 115 अधिकारियों का तबादला कर दिया गया।

सबसे ज्यादा स्थानांतरण संकेत एवं दूरसंचार विभाग में हुआ है जहां 31 अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया गया है, वहीं अभियंत्रण विभाग में 19 अधिकारियों का तबादला आदेश जारी हुआ है। यांत्रिक विभाग में 17 और विधुत विभाग में 16 अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया गया है और इसमें सबसे महत्वपूर्ण है दानापुर मंडल के वरीय मंडल विधुत अभियंता परिचालन श्री प्रशांत कुमार का तबादला आदेश जारी किया जाना, जिन्हें मात्र 10 महीने में ही दानापुर मंडल से मुख्यालय बुला लिया गया। खैर यदि चीफ लोकों इंस्पेक्टर की परीक्षा में धांधली नहीं होती तो संभवतः इतना बड़ा धमाका नहीं होता,रेल महकमा में एकमुश्त 115 अधिकारियों का तबादला चर्चा का केंद्र बिंदु है, इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि अभी तो ज़ोनल मुख्यालय स्तर पर स्थानांतरण आदेश जारी हुआ है और रेलवे बोर्ड से भी स्थानांतरण आदेश जारी होने की संभावना प्रबल है।
ट्रैफिक विभाग के 15 अधिकारी, कार्मिक विभाग के 10 अधिकारी और स्टोर विभाग के 07 अधिकारियों का भी स्थानांतरण आदेश जारी किया है। दानापुर मंडल के वरीय मंडल कार्मिक अधिकारी श्री अशोक कुमार का स्थानांतरण धनबाद मंडल में वरीय मंडल कार्मिक अधिकारी के पद पर हुआ है तो दानापुर मंडल के वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक श्री प्रभास राधव का स्थानांतरण संरक्षा विभाग में उप मुख्य परिचालन प्रबंधक (संरक्षा) के पद पर हुआ है। दानापुर मंडल के वरीय मंडल अभियंता 03 श्री संतोष कुमार का स्थानांतरण निर्माण संगठन में उप मुख्य अभियंता के पद पर हजारीबाग हुआ है। यांत्रिक विभाग के वरीय मंडल यांत्रिक अभियंता श्री रविश कुमार का स्थानांतरण धनबाद मंडल में हुआ है, और मंडल कार्मिक अधिकारी श्री सौरभ सावर्ण का स्थानांतरण निर्माण संगठन पटना में हुआ है।अंगद की तरह पैर जमाए हुए दानापुर मंडल के जन सम्पर्क अधिकारी श्री पृथ्वीराज सोनपुर मंडल के जन सम्पर्क अधिकारी बनाए गए है।
खैर जो होना था हुआ है लेकिन अभी तक जो नहीं हुआ है वो होना बाकी है क्योंकि अभी भी कल्याण निरीक्षकों का तबादला आदेश जारी नहीं किया गया है जो वर्षों से एक ही जगह पदस्थापित हैं। ऐसा लगता है कि उन सभी ने लाइफटाइम रिचार्ज करा लिया है खैर कल्याण निरीक्षकों के स्थानांतरण के बिना 115 अधिकारियों का एकमुश्त स्थानांतरण अधुरा प्रयास ही माना जाएगा।
railwellwishers.com पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के महाप्रबंधक महोदय से निवेदन करता है कि महाप्रबंधक महोदय कल्याण निरीक्षकों के लम्बी अवधि तक एक ही जगह पदस्थापना का संज्ञान लेंगे और निदान करेंगे, वैसे तो जो स्थानांतरण आदेश ज़ोनल मुख्यालय से जारी किया गया है वैसा ही स्थानांतरण आदेश मंडल मुख्यालय से भी जारी किया जाना चाहिए क्योंकि मंडल मुख्यालय में भी लगभग बीस बीस सालों से ऐसे लोग बैठे हैं जिनकी गिद्ध दृष्टि से लूट खसोट चल रहा है।
जब शासन की नींद खुल ही गई है और प्रशासन भी आदेशों के अनुपालन सुनिश्चित करने में अनुशासन दिखाई है तो स्थिति बेहतर हो इसकी कामना तो की जा सकती है क्योंकि यह तो सिर्फ शुरुआत है, अंजाम अभी बाकी है..।
सफ़र जारी है..






Tabadla hone se kya hoga waha bhi jayege waha bhi wahi dhandhali kare ge.
Adhikari je jankari mai tender basic per kaam karne wale employee kaa itna sosan kiya jata hai kya bola jaye sare adhikari ko jankari hoti hai private basic per kaam karne wale employee ko salary naM pe sirf kuch rupya diya jata hai