खगौल। दानापुर रेलवे मंडल मुख्यालय के दानापुर स्टेशन के नजदीक रेलवे गुमटी से पहले यार्ड में रेल दुर्घटना की सूचना पर सायरन 11.15 दिन में बजे बजने के साथ रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
दानापुर रेल मंडल के अपर रेल मंडल प्रबंध (परिचालन) आधार राज ने बताया कि यह कोई सही में रेल दुर्घटना नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वास्तविक रेल दुर्घटना के समय ट्रेन दुर्घटना के हादसे की स्थिति में किस प्रकार ट्रेनों से सुरक्षित रेल यात्रियों को,सब से महत्वपूर्ण गोल्डन
प्रीएड में बचाया जा सके । जिसमें रेलवे को कम क्षति हो , यात्री भी कम हताहत हो तथा उसे बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध हो ,इसके लिए बुधवार को रेलवे और एनडीआरएफ ने रेलवे स्टेशन पर संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
मालूम हो कि बुधवार सुबह 11:15 बजे से 14:00 बजे तक दानापुर रेल यार्ड में दानापुर मंडल तथा 9 वीं बटालियन एन.डी.आर.एफ. बिहटा तथा एसडीआरएफ के द्वारा संयुक्त रुप से रेल दुर्घटना पर एक मॉक ड्रिल किया गया ।
विदित हो कि राहत व बचाव कार्य करने वाली अलग-अलग एजेंसियों के द्वारा इस प्रकार का मॉक ड्रील अभ्यास किया जाता है ताकि दुर्घटना के समय पारस्परिक सामंजस्य स्थापित करने में किसी प्रकार की कठिनाई ना हो तथा त्वरित गति से दुर्घटनाग्रस्त यात्रियों को राहत पहुंचाया जा सके।
वास्तविक रेल दुर्घटना के समय रेलवे के बचाव एवं राहत दल स्फुर्त ढंग से कार्य कर सकें, इसके लिए रेलवे एक कृत्रिम दुर्घटना का दृश्य (काल्पनिक रेल दुर्घटना) बनाकर मॉक ड्रील करती है । भीषण दुर्घटनाओं में रेलवे , एन.डी. आर. एफ.की टीम की भी मदद लेती है।
संयुक्त माॅक ड्रील में जिला प्रशासन, राज्य सरकार के सिविल डिफेंस आदि का भी सहयोग भी लिया जाता है l
इसी के तहत पूर्व मध्य रेल के दानापुर मंडल में आज रेलवे के बचाव और राहत दल ने एन.डी. आर.एफ. टीम के साथ संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल किया ।
सायरन बजते ही सुबह 11:12 बजे दानापुर स्टेशन पर रेलवे द्वारा दुर्घटना के पश्चात किए जाने वाले कार्य किए गए ;तत्पश्चात रेलवे कंट्रोल रूम द्वारा 9 वीं बटालियन एन.डी.आर.एफ. टीम की माँग की गयी। सूचना मिलते ही एन.डी. आर.एफ टीम तुरंत घटनास्थल के लिए प्रस्थान कर गई तथा घटनास्थल पर पहुंचकर रेलवे के साथ मिलकर संयुक्त रूप से बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया ।
इस संयुक्त मॉक ड्रिल में डिरेल हुए डिब्बे से कुल 30 घायल यात्रियों को निकालकर अस्थाई बने चिकित्सा कक्ष में लाया गया जहाँ मेडिकल टीम द्वारा ट्रेन से यात्रा कर रहे 05 यात्रियों की मृत्यु होने की एवं 20 गंभीर तथा 05 मामूली रूप से घायल होने की जानकारी दी गई ।
रेलवे तथा एन.डी.आर.एफ. टीम ने इस संयुक्त मॉकड्रील अभियान में सभी घायलों को सफलता पूर्वक क्षतिग्रस्त ट्रेन के कोच से निकालकर उन्हें चिकित्सा मुहैया कराने हेतु अस्पताल भेजा। क्षतिग्रस्त ट्रेन के कोच से घायलों और मृतकों को निकालने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से कोच को काटकर घायल यात्रियों को निकाला गया।
आर.पी.एफ. तथा स्काउट एवं गाइड की टीमों ने भी माॅक ड्रील में भाग लिया।
दुर्घटना स्थल पर दानापुर रेल मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) श्री आधार राज सहित मंडल यांत्रिक अभियंता, वरीय मंडल चिकित्सा अधिकारी, वरीय मंडल
अभियंता, वरीय मंडल विधुत् अभियंता, मंडल यांत्रिक अभियंता (टी.एस.), वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, एएसपी/दानापुर, भानु प्रताप सिंह के साथ – साथ एन.डी.आर.एफ. के 9 वीं बटालियन के श्री विवेक सिंह, उप कमान्डेंट एवं निरीक्षक के साथ पुरी टीम सहित मंडल के अन्य अधिकारी एवं रेलकर्मी मौजूद हुए।
माॅक ड्रील का संचालन वरीय मंडल संरक्षा अधिकारी द्वारा किया गया।





