यूनिफाइड पेंशन स्कीम ,गरिमा और आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाली है:अशोक कुमार

यूनिफाइड पेंशन स्कीम ,गरिमा और आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाली है:अशोक कुमार

खगौल। रेल कर्मचारियों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम गरिमा और आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाली है। जो कर्मचारियों के कल्याण और सुरक्षित भविष्य के लिए केन्द्र सरकार द्वारा उठाया गया उल्लेखनीय कदम है।इसकी जानकारी दानापुर रेल मंडल के वरीय कार्मिक अधिकारी अशोक कुमार ने डीआरएम कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित प्रेस संवाददाता सम्मेलन में दी है।

इस मौके पर मंडल के वरीय वाणिज्य प्रबंधक,अभिनव सिद्धार्थ,मंडल लेखा प्रबंधक, नीरज चौधरी,जनसंपर्क अधिकारी पृथ्वीराज आदि शामिल थे। वरीय वाणिज्य प्रबंधक श्री सिद्धार्थ ने यूपीएस और एनपीएस के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यूपीएस स्कीम का फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा जो 2004 के बाद एनपीएस के तहत नियुक्त हुए हैं। दानापुर मंडल में वर्तमान में लगभग 11085 कर्मचारी एनपीएस के अंतर्गत हैं जिन्हें यूपीएस में चुनने का विकल्प मिलेगा,जो 01.04.2025 से लागू होने वाला है।

उहोंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत 50 प्रतिशत निश्चित पेंशन का प्रावधान किया गया है। जोकि अंतिम 12 महीनों के वेतन अर्थात बेसिक डीए के औसत के 50 प्रतिशत के बराबर होगा । 50 प्रतिशत निश्चित पेंशन पाने के लिए न्यूनतम अर्हक सेवा 25 वर्ष रखी गयी है। यदि कोई कर्मचारी 25 वर्ष से कम सेवाकाल पूर्ण करके सेवानिवृत्त होता है तो इस परिस्थिति में पेंशन का निर्धारण तुलनात्मक रूप से किया जायेगा ।

वहीं जब किसी कर्मचारी की मृत्यु उसकी सेवाकाल में हो जाती है तो फैमिली पेंशन का मुद्दा बहुत बड़ा था जिसे इस स्कीम के अंतर्गत निपटाने की कोशिश की गयी है जो कि बहुत ही अच्छा कदम है। इस स्कीम के अंतर्गत यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु उसकी सेवाकाल में हो जाती है तो इस परिस्थिति में कर्मचारी के आश्रित को फैमिली पेंशन के रूप में पेंशन का 60 प्रतिशत फैमिली पेंशन के रूप में देने का प्रावधान किया गया है जो कि एक सराहनीय कदम है।

इस के अलावा कई बार यह देखा जाता है कि किसी कर्मचारी की सेवा अवधि कम होती है और उसके द्वारा कन्ट्रीब्यूट की गयी राशि के आधार पर निर्धारित होने वाली पेंशन की रकम इतनी नहीं होती है कि सेवानिवृत्त कर्मचारी को पर्याप्त हो सके। इस समस्या को दूर करते हुए इस स्कीम में कम से कम 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर एक निश्चित न्यूनतम पेंशन की राशि का प्रावधान किया गया है जो 10,000/- रूपये मासिक है। जबकि
ओपीएस में यह राशि मात्र 9,000/- ही थी।

साथ ही ग्रेच्युटी के अतिरिक्त सेवानिवृत्ति की तारीख पर मासिक परिलब्धियों (वेतन-डीए) का 10वाँ हिस्सा, नौकरी के हर 6 माह के लिए मिलेगा। यह राशि पेंशन के अतिरिक्त होगी । पेंशन की राशि में मिलने वाले
डी ए को औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के साथ जोड़ा गया है जिससे पेंशनभोगी कर्मचारियों को भी केन्द्र सरकार के कार्यरत कर्मचारियों की तरह समय-समय मिलने वाले महंगाई भत्ते की तरह संशोधित दर पर डी ए का लाभ दिया जायेगा जिससे उन्हें बढ़ती महंगाई से राहत मिल सकेगी।

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