दानापुर: चलती ट्रेन में मैयकशी करने वाले दानापुर के डॉक्टर शैलेंद्र कुमार की यात्रियों द्वारा शिकायत और
Railwellwishers पर छपी खबर के बाद आखिरकार उनके खिलाफ कार्रवाई हो ही गई। उन्हें मंडल रेल अस्पताल दानापुर से चलता कर दिया गया।
जो आया है उसे जाना है यह तो संसारिक नियम है लेकिन कोई समय से जाता है और कोई बिना समय के, और यह कर्मों पर निर्भर करता है।
शराब चीज़ ही ऐसी है कि छोड़ी न जाए की आदतों से मजबूर मंडल रेल अस्पताल, दानापुर के डाक्टर श्री शैलेन्द्र कुमार, सर्जन जिनका फरवरी 2024 में ही समस्तीपुर मंडल से दानापुर मंडल में स्थानांतरण हुआ था और पदस्थापना काल से ही अपने कारनामों के कारण चर्चित रहें, गोतिया गिरी के चक्कर में प्रशासन ने भी कोई कार्रवाई करने में कोताही बरती और इनके कारनामों की रफ्तार बढ़ती रही। और रफ्तार ऐसी बढ़ी कि 30 जुलाई को नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस से पटना लौटते वक्त इन्होंने कोच संख्या ए/2 के साईड बर्थ संख्या 17 को ही मयखाना बना दिया।
ट्रेन में चल रहे आरपीएफ के एस्कार्ट पार्टी ने भी इन्हें बहुत समझाया पर “पी लेने दो”की जिद्द पर कोच के अन्य यात्रियों ने लिखित शिकायत कर दी और तब आरपीएफ ने इन्हें कानपुर स्टेशन पर उतार कर कानूनी खानापूर्ति कर दी। यहां तक तो ठीक था लेकिन यात्रियों ने डाक्टर शैलेन्द्र कुमार के “पी लेने दो”की हरकतों को वीडियो में कैद कर लिया और वीडियो को वायरल कर दिया।
Railwellwishers को भी रेल सूत्रों से घटना की जानकारी मिली, आरपीएफ कानपुर से घटना की पुष्टि हुई तो Railwellwishers ने भी इनके “पी लेने दो” की हरकतों से रेल प्रशासन को अवगत कराया। कहते हैं ना कि पाप का घड़ा एक न एक दिन फूटता ज़रूर है और ठीक वैसा ही हुआ, रेल प्रशासन ने इनके “पी लेने दो” की हरकतों से आजिज होकर इनका स्थानांतरण एन एफ रेलवे में करने में कोई कोताही नहीं बरती। इस मामले में त्वरित कार्रवाई हेतु रेल प्रशासन तो धन्यवाद की पात्र तो है ही लेकिन उन यात्रियों का विशेष आभार जिन्होंने इस “दुर्जन”सर्जन की लिखित शिकायत रेल प्रशासन से की।वैसे देखा जाए तो डाक्टर साहब को रेल प्रशासन को इसके लिए धन्यवाद देना चहिए कि उनका तबादला ऐसे जगह कर दिया गया है जहां “पी लेने दो” के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना होगा ।
डाक्टर साहब को मंगलमय यात्रा की मंगलकामनाएं।





