RAC के यात्रियों से छल! CRIS की चूक या सुनियोजित साजिश, राजधानी एक्सप्रेस के यात्री आरक्षित बर्थ से वंचित !

RAC के यात्रियों से छल! CRIS की चूक या सुनियोजित साजिश, राजधानी एक्सप्रेस के यात्री आरक्षित बर्थ से वंचित !

पटना: भारतीय रेल के यात्रा टिकटों पर लिखा “HAPPY JOURNEY” आपको सिर्फ टिकटों पर ही पढ़ने को मिलेगा और यात्रा के दौरान “HAPPY” को खोजते ही रह जाएंगे, क्योंकि आपकी यात्रा को “HAPPY” बनाने की जिम्मेदारी भारतीय रेल के वाणिज्य विभाग की है,जिस पर रेलवे की आय की महती जिम्मेदारी है। जिस विभाग पर “आय” की महती जिम्मेदारी है और जहां “आय” होगा वहां “अन्य आय” भी होगा और “अन्य आय” के लिए अन्याय भी सुनिश्चित होगा!

“अन्य आय” के लिए “अन्याय” का दर्शन तेजस राजधानी एक्सप्रेस में प्रति दिन हो रहा है और इस बात का खुलासा तेजस राजधानी एक्सप्रेस के एक सजग यात्री ने किया है।

15.06.2026 को गाड़ी संख्या 12309 तेजस राजधानी एक्सप्रेस में पटना से नई दिल्ली तक यात्रा करने वाले एक यात्री जिनका पीएनआर नंबर 6204832795 था,टिकट आरएसी में था और उन्हें AC 2 tier के कोच संख्या A2 में सीट संख्या 05,05, और 11 आवंटित हुआ था, तीन यात्रियों में दो बुजुर्ग महिलाएं भी थीं। तीनों यात्रियों को पटना से नई दिल्ली तक अपने सीट पर बैठ कर ही यात्रा को पूरा करना पड़ा।

सजग यात्री ने यात्रा में हुई पीड़ा से Railwellwishers को अवगत कराया तो Railwellwishers ने उपरोक्त वर्णित पीएनआर की जांच पड़ताल की तो पता चला कि उपरोक्त वर्णित पीएनआर मास्टर चार्ट में कन्फर्म हो गया था और कायदे से तीनों यात्रियों को पटना जंक्शन पर बर्थ आवंटित हो जाना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्यवश “अन्य आय” के लिए यात्री को अपने आरक्षित बर्थ से वंचित कर दिया गया।

खैर यह कोई पहली घटना नहीं है, पिछले वर्ष जनवरी में भी इस तरह के एक घटना का खुलासा हुआ था और तब दानापुर मंडल के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमान अभिनव सिद्धार्थ ने संबंधित टीटीई को निलंबित कर दिया था, लेकिन उसका कोई प्रभाव पड़ा नहीं! क्योंकि “अन्य आय” के लिए “अन्याय” का खेल वर्षों से अनवरत जारी है और इसलिए जारी है क्योंकि यह सुनियोजित और संगठित अपराध है जिसकी मार आरएसी टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को झेलनी पड़ रही है।

पूर्व में किसी भी ट्रेन का चार्ट ट्रेन खुलने के चार घंटे पहले जारी किया जाता था लेकिन CRIS (Centre for Railway Information) के प्रबंध निदेशक द्वारा 16.12.2025 द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब किसी भी ट्रेन का चार्ट ट्रेन खुलने से कम से कम 08 घंटे पहले अवश्य ही जारी किया जाता है।इस बदलाव को बहुत प्रचारित भी किया गया कि अब यात्री अपनी यात्रा को बेहतर ढंग से सम्पादित कर सकेंगे क्योंकि उन्हें ट्रेन का चार्ट बनने के बाद विकल्प नहीं मिलता था।

जब ट्रेन का प्रथम चार्ट चार घंटा पहले बनता था तब भी ट्रेन का मास्टर चार्ट या फाइनल चार्ट ट्रेन खुलने के आधे घंटे पहले बनता था और आज़ भी जब ट्रेन का प्रथम चार्ट ट्रेन खुलने के कम से कम आठ घंटा पहले बनता है तब भी ट्रेन का मास्टर चार्ट ट्रेन खुलने के आधे घंटे पहले बनता है, क्योंकि यात्रियों को यह सुविधा प्राप्त हैं कि आप ट्रेन खुलने के आधे घंटे पहले तक टिकट को रद्द करा सकते हैं।

प्रायः ऐसा देखने को मिलता है कि भिन्न भिन्न कारणों से यात्री अपनी यात्रा टिकट को रद्द कराते हैं और इसका लाभ आरएसी टिकट वाले यात्रियों को मिलता है लेकिन सिस्टम की कुत्सित साजिश के चलते इसका वास्तविक लाभ आरएसी टिकट वाले यात्रियों को नहीं मिलता क्योंकि उन्हें सूचना नहीं मिलती कि उनका बर्थ कन्फर्म हो गया है।

आप सभी भी जानते ही होंगे कि जब ट्रेन का प्रथम चार्ट बनता है तब सभी यात्रियों को उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर पर संदेश के माध्यम से उनके टिकट की यथास्थिति से अवगत कराया जाता है लेकिन जब ट्रेन खुलने के पहले मास्टर चार्ट बनता है और जो आरएसी टिकट कन्फर्म हो जाता है इसकी सुचना यात्री को नहीं दी जाती लेकिन कोच के संबंधित टीटीई को इसकी जानकारी उसके Hand Held Terminal System में अवश्य ही होती है ।

आरएसी टिकट वाले यात्रियों के साथ छल उन ट्रेनों में होता है जिसमें टीटीई प्रस्थान करने वाले स्टेशन से गंतव्य स्टेशन तक जाते हैं।

पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में ट्रेन संख्या 12309 तेजस राजधानी, ट्रेन संख्या 12393 सम्पूर्ण क्रान्ति एक्सप्रेस, ट्रेन संख्या 22359 PNBE CSMT SF EXPRESS, एवं ट्रेन संख्या 12352 RJPB HWH EXPRESS में टीटीई प्रस्थान करने वाले स्टेशन से गंतव्य स्टेशन तक जाते हैं और आरएसी टिकट वाले यात्रियों को उनके नैसर्गिक अधिकार से वंचित कर “अपने यात्री” से “अन्य आय” अर्जित करते हैं।

कहते हैं ना कि समस्या है तो समाधान भी है लेकिन तब जब समस्या को संज्ञान में लिया जाए ।इस समस्या का बड़ा ही आसान समाधान है कि आरएसी टिकट वाले यात्रियों को मास्टर चार्ट बनने पर उनके टिकट की यथास्थिति से अवगत करा दिया जाए, लेकिन मंशा हो तब न।

खैर अब देखने वाली बात यह होगी कि दानापुर मंडल के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमान अभिनव सिद्धार्थ पीड़ित यात्री के शिकायत पर संबंधित टीटीई के साथ क्या कार्रवाई करते हैं और अपने को टेक्नोक्रेट एवं ब्यूरोक्रेट कहने वाले रेलमंत्री CRIS की टेक्नोलॉजी में क्या सुधार करते हैं जिससे कि आरएसी टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की “HAPPY JOURNEY” हो सकें।

मामला बहुत ही विशेष है और कहानी अभी शेष है!
अगले अंक में
सफ़र जारी है…

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