रेल मंत्री जी, ‘रील’ से बाहर निकलिए! देखिए कैसे प्रीमियम ट्रेनों में ‘कामधेनु गाय’ बन रहे हैं RAC यात्री

रेल मंत्री जी, ‘रील’ से बाहर निकलिए! देखिए कैसे प्रीमियम ट्रेनों में ‘कामधेनु गाय’ बन रहे हैं RAC यात्री

दानापुर मंडल के दो टीटीई निलंबित!

पटना: भारतीय रेलवे के वाणिज्य विभाग द्वारा “अन्य आय” के लिए RAC टिकट वाले यात्रियों के साथ “अन्याय” का खेल वर्षों से अनवरत जारी है। RAC टिकट पर यात्रा करने वाले यात्री वाणिज्य विभाग के लिए “कामधेनु गाय”के समान है और सबसे दुखद और शर्मनाक यह है कि CRIS की सुनियोजित साजिश से “छल का खेल” भारतीय रेल के सभी प्रीमियम ट्रेनों में चल रहा है।

भारतीय रेलवे द्वारा संचालित प्रीमियम ट्रेनों में एक महत्वपूर्ण ट्रेन है राजधानी एक्सप्रेस,जिसकी कुल 24 जोड़ी यानी 48 ट्रेनें पूरे भारत में चलती है। हमसफ़र एक्सप्रेस भी प्रीमियम ट्रेनों में शुमार है और जिसकी 35 जोड़ी यानी कुल 70 ट्रेनें चलती है। दुरंतो एक्सप्रेस की 26 जोड़ी यानी 52 ट्रेनें चलाई जा रही है। वर्तमान में 164 वंदे भारत ट्रेन चलाई जा रही है और यह भी प्रीमियम ट्रेनों में अपनी अलग पहचान बनाई है।

उपरोक्त वर्णित सभी प्रीमियम ट्रेनों में टीटीई प्रस्थान करने वाले स्टेशन से लेकर गंतव्य स्टेशन तक जाते हैं और RAC टिकट वाले यात्रियों को “अन्य आय” के लिए अपना आसान शिकार बनाते हैं और इसलिए बनाते हैं क्योंकि उन्हें अपने RAC टिकट की यथास्थिति का पता नहीं चलता है और यह CRIS की एक बड़ी सोची समझी और सुनियोजित साजिश है।अब ट्रेन का चार्ट ट्रेन प्रस्थान करने के कम से कम आठ घंटा पहले बनता है और संबंधित ट्रेन के सभी यात्रियों को उनके टिकट की यथास्थिति से उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर पर संदेश भेजकर अवगत करा दिया जाता है, लेकिन जब ट्रेन का फाइनल चार्ट या मास्टर ट्रेन खुलने के आधा घंटा पहले बनता है और बहुत सारे यात्रियों का RAC टिकट कन्फर्म हो जाता है लेकिन इसकी सुचना यात्रियों को नहीं दी जाती और यह CRIS की बहुत ही गहरी साज़िश है जिसकी मार RAC टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को झेलनी पड़ रही है।

यह भी पढ़ें : RAC के यात्रियों से छल! CRIS की चूक या सुनियोजित साजिश, राजधानी एक्सप्रेस के यात्री आरक्षित बर्थ से वंचित !

जब डिजिटल इंडिया का ढिंढोरा पीटा जा रहा है और भारतीय रेल के महान रेलमंत्री जो रील मंत्री के रूप में विख्यात है और सदन में सीना ठोककर कहते हैं कि हां मैं टेक्नोक्रेट और ब्यूरोक्रेट हूं तो फिर क्या कारण है कि RAC टिकट वाले यात्रियों को मास्टर चार्ट बनने पर उनके टिकट की यथास्थिति से उन्हें अवगत नहीं कराया जाता है? खैर इसका जबाब महान रेलमंत्री को अवश्य ही देना चाहिए!

15.06.2026 को ट्रेन संख्या 12309 तेजस राजधानी एक्सप्रेस के सजग यात्री जिनका पीएनआर नंबर 6204832795 था, और उनका टिकट प्रथम चार्ट बनने पर RAC में ही रह गया था और उन्हें सीट संख्या 05,05, और 11 आवंटित हुआ था और उन्हें पटना से नई दिल्ली तक की यात्रा बैठकर करनी पड़ी थी तो उन्होंने अपनी यात्रा में हुई पीड़ा से Railwellwishers को अवगत कराया और जब Railwellwishers ने अपने विश्वस्त सूत्रों से उपरोक्त पीएनआर की जानकारी हासिल कि तो मालूम चला कि मास्टर चार्ट में RAC टिकट कन्फर्म हो गया था और कायदे से यात्री को पटना जंक्शन पर ही बर्थ आवंटित किया जाना चाहिए था लेकिन टीटीई ने अपने फायदे में यात्री को बर्थ से वंचित कर दिया लेकिन जब पीड़ित यात्री ने दानापुर मंडल के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक से इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई तो उचित जांचोपरांत राजधानी एक्सप्रेस के संबंधित टीटीई को निलंबित कर दिया गया है।

लेकिन अब सवाल यह उठता है कि क्या एक टीटीई के निलंबन मात्र से इस समस्या का समाधान हो जाएगा? कदापि नहीं, क्योंकि जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता कोई बदलाव सुनिश्चित नहीं होगा।

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि RAC टिकट वाले यात्रियों के साथ छल के खेल में वाणिज्य विभाग के वरीय अधिकारियों के साथ साथ सतर्कता विभाग भी शामिल हैं क्योंकि सभी को “अन्य आय” का चस्का लग चुका है! पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक श्रीमान अमिताभ प्रभाकर को इस बात का जबाब देना चाहिए कि आखिर क्या कारण है कि प्रीमियम ट्रेनों में मुख्य टिकट निरीक्षक के बदले में उप मुख्य टिकट निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है, विश्वसनीय सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में मुख्य टिकट निरीक्षक के बदले में आधे से ज्यादा उप मुख्य टिकट निरीक्षक ड्यूटी कर रहे हैं, क्या यह मनमानी नहीं!यह मनमानी ही तो है जब नियमों को ताक पर रखकर यात्रियों को लूटा जा रहा है।

खैर Railwellwishers ने वाणिज्य विभाग द्वारा इस “छल का खेल” से रेलवे बोर्ड के ED VIGILANCE TRAFFIC को अवगत कराया है और इसका परिणाम भी देखने को मिल रहा है। 18 जून 2026 को ट्रेन संख्या 22359, मुम्बई सीएसएमटी – पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में पटना जंक्शन पर पदस्थापित टीटीई मुकेश कुमार को 23 हजार रुपए की घूस की रकम के साथ मध्य रेलवे की सतर्कता विभाग की टीम ने पकड़ा है और संबंधित टीटीई मुकेश कुमार को भी दानापुर मंडल के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमान अभिनव सिद्धार्थ ने निलंबित कर दिया है।

एक और मामला प्रकाश में आया है जहां आनंद विहार से चलकर गोरखपुर आने वाली हमसफ़र एक्सप्रेस में भी सतर्कता विभाग द्वारा तीन टीटीई को निलंबित कर दिया गया है।
सबसे आश्चर्यजनक और चिंताजनक बात यह है कि पूर्व मध्य रेलवे के सतर्कता विभाग द्वारा प्रीमियम ट्रेनों में कितनी बार कारवाई की गई है और यह परिलक्षित करता है कि सब कुछ सुनियोजित तरीके से चल रहा है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि भारतीय रेल के महान रेलमंत्री किस तरह से और कब तक CRIS की साज़िश से चल रहे इस “छल का खेल” पर रोक लगा कर RAC टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की यात्रा को सुगम बनाते हैं।

कारवाई के इंतजार में…सफ़र जारी है..

Leave a Comment

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *