भारतीय रेल का शायद ही कोई ऐसा मंडल हों जहां रेलकर्मियों को अपने आवासों में एयरकंडीशन लगाने पर “एयरकंडीशन चार्ज”का भुगतान करना पड़ता हों, लेकिन पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में रेलकर्मियों से एयरकंडीशन चार्ज की वसूली हुई हैं।
Railwellwishers को आरटीआई के माध्यम से मिली जानकारी अनुसार पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में रेलकर्मियों से उनके आवासों से विधुत चार्ज की कटौती मीटर रीडिंग के आधार पर 01 अप्रैल 2014 से शुरू हुआ जबकि इसके पूर्व एक निर्धारित रकम की कटौती प्रति माह होती थी , मीटर रीडिंग के आधार पर विधुत चार्ज की कटौती रेल और रेलकर्मियों के हित में ही था लेकिन वर्ष 2018 में तत्कालीन मंडल रेल प्रबंधक श्री रंजन प्रकाश ठाकुर जी के कार्यकाल में एक तुगलकी फरमान जारी हुआ और फ़रमान के तहत कर्मचारियों से अपने आवासों में एयरकंडीशन लगाने पर प्रति माह ₹ 1500 की कटौती छः महीने तक एक वर्ष में होने लगी। मार्च 2021 में पुनः एक आदेश जारी हुआ और तत्कालीन मंडल रेल प्रबंधक श्री सुनील कुमार जी के आदेश से एयरकंडीशन चार्ज में ₹ 500 की बढ़ोतरी की गई और वर्ष 2021 से प्रति एयरकंडीशन प्रति माह ₹ 2000 की कटौती साल में छह महीने होने लगी,मतलब की एक एयरकंडीशन लगाने पर प्रति वर्ष ₹ 12000 की कटौती।

अब सोचने वाली बात यह है कि जब अप्रैल 2014 से मीटर रीडिंग के आधार पर विधुत चार्ज की कटौती होने लगी तब फिर एयरकंडीशन चार्ज के नाम पर ₹ 12000 की अतिरिक्त कटौती क्यूं??
Railwellwishers ने इसे चर्चा का मुद्दा बनाया, मीडिया ने भी अपनी खबरों में इस मामले को स्थान दिया, चर्चा में यह बात भी निकल कर बाहर आया बहुत सारे कर्मचारी जो दो तीन एयरकंडीशन आवास में लगाए हुए और एयरकंडीशन का कनेक्शन डायरेक्ट लिए हुए हैं उनके लिए तो दो हजार प्रति माह की कटौती तो फायदेमंद है लेकिन वैसे कर्मचारी जो एक ही एयरकंडीशन लगाए हैं और मीटर से कनेक्टेड हैं उनके लिए तो एयरकंडीशन चार्ज रंगदारी टैक्स के समान ही हैं !
इस संबंध में जब तत्कालीन वरीय मंडल विधुत अभियंता (सामान्य) से संवाद हुआ तो उन्होंने स्वीकार किया कि विधुत चोरी होने के कारण एयरकंडीशन चार्ज लगाया गया, उन्होंने बताया कि जहां 100 रूपए की बिजली खपत हैं वहां से रिकवरी मात्र 14 रुपए की हों रही हैं तब तो इसका मतलब यह हुआ कि खाएं कोई और भरें कोई, खैर Railwellwishers ने इस मुद्दे से रेल मंत्रालय को अवगत कराया और रेल मंत्रालय के कारवाई से दानापुर मंडल के “रंगदारी टैक्स” एयरकंडीशन चार्ज पर रोक लगाई गई।
मार्च 2024 में आरटीआई से मिली जानकारी अनुसार तत्काल में सभी रेल आवासों में लगे एसी को मीटर से जोड़कर मीटर रीडिंग के आधार पर बिजली बिल की कटौती की जा रही हैं,यह कार्य सक्षम पदाधिकारी के मौखिक आदेश पर किया गया है,बस यही पर्याप्त हैं कि पूर्व मध्य रेलवे के विधुत विभाग की कार्यशैली कैसी है जहां मौखिक आदेश से ही एयरकंडीशन चार्ज की कटौती और मौखिक आदेश से ही कटौती पर रोक लगाई गई, खैर जब एयरकंडीशन चार्ज की कटौती पर रोक लगाई गई है तब तो यह स्पष्ट है कि मीटर रीडिंग के आधार पर विधुत चार्ज की कटौती होने के बाबजूद एयरकंडीशन चार्ज की कटौती अवैध हैं और अवैध था तभी तो रोक लगाया गया है और जब रेलकर्मियों से एयरकंडीशन चार्ज के नाम पर अवैध कटौती हुई हैं तो अवैध कटौती कर्मियों को वापस भी मिलना चाहिए।
अभी तक दानापुर मंडल में एयरकंडीशन चार्ज के नाम पर ₹ 1,68,39,000 की अवैध कटौती हुई हैं जिसका विवरण इस प्रकार हैं
वर्ष कटौती रकम
2018 21,24,000
2019 26,28,000
2020 29,79,000
2021 45,12,000
2022 45,96,000
प्रायः ऐसा होता हैं कि जब भी कर्मचारियों को ग़लत भुगतान हों जाता है तो संज्ञान में आने पर अविलम्ब कटौती हो जाती हैं और ग़लत भुगतान करने वाले संबंधित कर्मियों को ग़लत भुगतान हेतु आरोप पत्र भी जारी किया जाता है और नियमानुसार दंडित भी तब फिर एयरकंडीशन चार्ज लगाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कब तक?
आदरणीय महाप्रबंधक महोदय
पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर।
अब यह आपकी नैतिक जिम्मेदारी बनती हैं कि रेलकर्मियों से एयरकंडीशन चार्ज के नाम पर जो रंगदारी टैक्स की वसूली हुई हैं कर्मियों को वापस मिलना चाहिए और उम्मीद भी करते हैं इस पुनीत कार्य को शीघ्र ही निस्तारण करेंगे।
एयरकंडीशन चार्ज की कटौती “विशेष”है और कहानी का पार्ट 2 शेष हैं।
सफ़र जारी हैं..



