दानापुर: 23 जून 2024 को पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने दानापुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री जयंत चौधरी के साथ क्रू लाॅबी, एवं रनिंग रूम का औचक निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान लोकों पायलट से मुलाकात एवं संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और समझा, रनिंग रूम के निरीक्षण दौरान रसोई घर, एवं लोकों पायलट रेस्ट रूम का जायजा लिया, व्यवस्था में विसंगतियों को लेकर रनिंग रूम इंचार्ज श्री विरेन्द्र प्रसाद यादव वरीय अधिकारियों के आदेश से तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए।


रनिंग कर्मचारियों के बीच दानापुर के रनिंग रूम इंचार्ज श्री विरेन्द्र प्रसाद यादव के सस्पेंड होने की चर्चा हर जुबान पर है, महाप्रबंधक महोदय एवं मंडल रेल प्रबंधक महोदय के औचक निरीक्षण से रनिंग कर्मचारियों के बीच व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बनी हैं और उम्मीद भी क्यूं ना करें क्योंकि दानापुर मंडल के “जुगाड़ टेक्नोलॉजी”, “भुगतान कर, इस्तेमाल कर” के सहारे वर्षों से एक ही जगह स्थिरमान कर्मी अपने को”शक्तिमान” बन बैठे हैं । Railwellwishers को रेल सूत्रों से ऐसी जानकारी मिली है कि सस्पेंड किए गए रनिंग रूम इंचार्ज श्री विरेन्द्र प्रसाद यादव के पदोन्नति एवं पदस्थापना में रेलवे बोर्ड के आदेशों की खुलेआम अनदेखी करते हुए फायदा पहुंचाया गया हैं,जो कि जांच का विषय है। सस्पेंड किए गए कर्मचारी श्री विरेन्द्र प्रसाद यादव वगैर ट्रेन चलाए, बिना FOOT PLATE किए रेलवे बोर्ड के आदेश संख्या 09/1998,51/2009,11/2015 का अवमानना कार्मिक विभाग, विधुत विभाग, तथा लेखा विभाग के अधिकारी महोदय से करवाकर लगभग दो लाख वेतन वर्षों से ले रहे हैं।


ऐसा भी नहीं हैं कि दानापुर मंडल के “जुगाड़ टेक्नोलॉजी”, “भुगतान कर इस्तेमाल कर”का लाभ सिर्फ श्री विरेन्द्र प्रसाद यादव उठा रहे हों, दानापुर रेल मंडल में दर्जनों लोकों पायलट एवं सहायक लोको पायलट ट्रेन चलाने के डर से अपने अपने आका की बदौलत दानापुर TLC कन्ट्रोल में 14- 15 वर्षों से कार्य कर रहे हैं,इसको लेकर रनिंग कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हैं, सबसे मजे की बात है कि कन्ट्रोल में कार्य करते करते लोको पायलट सेवा निवृत्त भी हो रहें हैं। कभी भी हाजीपुर मुख्यालय से इस संबंध में जानकारी मांगने पर स्टेशनरी ड्यूटी करने वालों का ग़लत एवं झूठा जबाब TRS (OP) विभाग द्वारा दिया जाता है, एक तरह से यह भी एक स्कैम हैं जिसका स्कैन अति आवश्यक है।


राजगीर के मुख्य क्रू कंट्रोलर श्री कौशलेंद्र कुमार भी 18-20 वर्षों से संवेदनशील पद पर कार्य करते हुए अपने आप को TRS का “माफिया” होने का दंभ भरते हैं, दानापुर मंडल के किसी भी अधिकारी ने इतना हिम्मत नहीं जुटाया कि कौशलेंद्र कुमार चीफ़ क्रू कंट्रोलर,(लोकों पायलट, पैसेंजर) से ट्रेन ड्यूटी करा सकें। दानापुर मंडल के यशस्वी मंडल रेल प्रबंधक महोदय श्री जयंत चौधरी से विनम्र निवेदन करेंगे कि कंट्रोल,क्रू लाॅबी,sr.DEE TRS आफिस, टेक्निकल सेल में स्टेशनरी ड्यूटी कब से कर रहे हैं,इसकी सही ढंग से जांच कराई जाए।अगर 03-04 वर्षों से अधिक जो भी इन जगहों पर कार्यरत हैं, उन्हें अविलम्ब लाईन ड्यूटी पर भेजा जाए,नए लोकों पायलट को भी मौका दिया जाए, जिससे कि रनिंग कर्मचारियों में व्याप्त असंतोष दूर हो।
कवन सा काज कठिन जग माहीं!
जो नहीं होई तात तुम पाही!!
सावधानी हटी और दुर्घटना घटी
इसका ख्याल तो रखा ही जाना चाहिए।
बाकी जो है सो तो हईए न हैं!
सफ़र जारी हैं..





इस तरह के व्यक्ति पर हमारे gm साहब
अंकुश लगाएं धनवाद
Very good work
सबका महीना पर सेटिंग रहता है.
Aisa sab division m hota hai.
aisa sab division m hota hai
Such type of cases in all-over Indian railways, so I want to know about all of the crew controller and running room incharge in Indian railways.
Thanks to you sir ji