ECREU (IREF) डीडीयू मंडल के मंडल सचिव का फर्जीवाड़ा, “AILRSA रनिंग रिलीफ ट्रस्ट” के नाम पर कर्मियों से 60 लाख की वसूली!

ECREU (IREF) डीडीयू मंडल के मंडल सचिव का फर्जीवाड़ा, “AILRSA रनिंग रिलीफ ट्रस्ट” के नाम पर कर्मियों से 60 लाख की वसूली!

पटना: भारतीय रेल का पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर,जिसकी पहचान एक अभूतपूर्व ज़ोन के रूप में बन चुकी है और ऐसा हुआ है पूर्व मध्य रेलवे के कारनामों से, जहां उपलब्धियों के वजाए कारनामों की चर्चा होती है।

एक ऐसे ही अभूतपूर्व अनोखा और अनुपम मामले को उजागर किया है A.I.R.T.U , पूर्व मध्य रेलवे,के सहायक ज़ोनल महासचिव एवं आरटीआई कार्यकर्ता अमीत मोहन ने, जिसने अपने आरटीआई के माध्यम से शासन एवं प्रशासन से सवाल ही नहीं उठाया है बल्कि दर्पण दिखाने का काम किया है।

वैसे तो भारतीय रेल में बहुत सारे श्रमिक संगठन है जो रेलवे कर्मचारियों के अधिकारों, कल्याण और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की वकालत करते हैं, पूर्व मध्य रेलवे में ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाॅइज‌ यूनियन ( ECREU) एक मान्यता प्राप्त संगठन है जो पूर्व मध्य रेलवे जोन में काम करने वाले कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक प्रमुख ट्रेड यूनियन है और IREF से जुड़ा है।

वैसे तो यूनियन का मुख्य उद्देश्य कर्मचारी हितों को प्रबंधन के सामने रखना और अपनी भूमिका से न्याय की व्यवस्था करना है लेकिन जहां व्यवस्था में बैठे लोग लूट खसोट में व्यस्त हो और कर्मचारियों को लूट का साधन समझ बैठे हों वहां यूनियन भी कहां पीछे रहने वाली है!

 ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाॅइज‌ यूनियन (ECREU) डीडीयू मंडल के मंडल सचिव धर्मेश कुमार मिश्रा, लोकों पायलट (मालगाड़ी)पीएफ संख्या 275N 0009682 ने भी अपने चार सहयोगियों जितेन्द्र पंडित,वरीय सहायक लोको पायलट,पीएफ संख्या 27529803572, राधवेंद्र कुमार, लोकों पायलट, (मालगाड़ी) पीएफ संख्या 275N0002174, अजित कुमार वर्मा, लोकों पायलट (मालगाड़ी) पीएफ संख्या 27311009081, एवं उपेंद्र कुमार सिंह, सहायक लोको पायलट,पीएफ संख्या 24511132350 ने मिलकर एक ट्रस्ट “RUNNING RELIEF TRUST.AILRSA, DDU का निबंधन अपना रेलकर्मी होने का पहचान छुपाकर उत्तर प्रदेश शासन में उप निबंधक श्री दीप नारायण पाण्डेय, जनपद – चंदौली के सम्मुख व्यवसाय के रूप में व्यापार एवं अन्य दर्शाया है।जो एक रेलकर्मी के लिए गंभीर अपराध की श्रेणी में है।

उपरोक्त वर्णित पांचों रेलकर्मियों ने वित्तीय जालसाजी अपने सहकर्मियों के साथ करने के उद्देश्य से अपना रेलकर्मी होने का पहचान छुपाकर ट्रस्ट के माध्यम से साठ लाख (₹6000000) रूपया एकत्रित किया है ।

अब सवाल यह उठता है कि पूर्व मध्य रेलवे में मान्यता प्राप्त संगठन ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाॅइज‌ यूनियन, डीडीयू मंडल का मंडल सचिव धर्मेश कुमार मिश्र अपने चार सहयोगियों के साथ फर्जीवाड़ा कर RUNNING RELIEF TRUST AILRSA /DDU के माध्यम से साठ लाख की वसूली करने में सफल हो जाता है तो कर्मचारियों के कल्याण में 24+7 समर्पित कार्मिक विभाग क्या कर रहा है?

इस संबंध में जब Railwellwishers ने ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाॅइज‌ यूनियन के ज़ोनल महासचिव श्री मृत्यंजय कुमार से उनका पक्ष जानना चाहता तो उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई स्थानीय स्तर पर कुछ कर रहा है तो उसमें यूनियन क्या कर सकती हैं, यूं कहिए कि ज़ोनल महासचिव श्री मृत्यंजय कुमार ने इस मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया है लेकिन सवाल तो गंभीर है क्योंकि धर्मेश कुमार मिश्र डीडीयू मंडल के मंडल सचिव है और कोई यूनियन का पदाधिकारी ही फर्जीवाड़ा कर ट्रस्ट का निर्माण करें।

अब देखने वाली बात यह होगी कि पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक इस गंभीर मामले में क्या कारवाई करते हैं?

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