पटना: “यात्री गण ध्यान दें” गाड़ी संख्या 63266 पाटलिपुत्र दरभंगा मेमू, जो पाटलिपुत्र से चलकर सोनपुर, हाजीपुर, भगवानपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी होते हुए दरभंगा जायेगी, प्लेटफार्म संख्या 04 से खुलने को तैयार हैं । कृप्या उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें। भारतीय रेल आपके सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना करती है।
प्रायः रेलवे स्टेशनों पर ऐसा ही उद्घोषणा सुनने को मिलता है, लेकिन हकीकत कोसों दूर है क्योंकि आपकी यात्रा को सुखद एवं मंगलमय बनाने के लिए जिम्मेदार भारतीय रेल के वाणिज्य विभाग की कार्यशैली शंका के घेरे में है।
पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है पाटलिपुत्र जंक्शन (PPTA), जो पटना – सोनपुर – हाजीपुर खंड पर स्थित है।इस स्टेशन की शुरुआत 16 दिसम्बर 2015 को हुई थी। स्टेशन के पूर्वी छोर के प्रवेश द्वार के पास आरक्षित टिकट, अनारक्षित टिकट काउंटर के साथ साथ चार एटीवीएम की सुविधा भी उपलब्ध है।एक सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा पटना हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय उच्च न्यायालय पटना ने रेल प्रशासन को पाटलिपुत्र स्टेशन के पश्चिमी छोर से भी प्रवेश एवं निकास हेतु व्यवस्था करने का निर्देश दिया था, व्यवस्था हुआ, लेकिन व्यवस्था में बहुत समय लगा जैसा स्पेशल ट्रेन को अपने गंतव्य तक पहुंचने में लगता है।
पश्चिमी छोर से स्टेशन पर प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था से पटना पश्चिमी क्षेत्र के यात्रियों एवं हाजीपुर से सड़क मार्ग से आने वाले यात्रियों को सुविधा हुई लेकिन वाणिज्य विभाग की “मंशा” ने सुविधा को दुविधा में तब्दील कर दिया है। लगभग छः महीने से पाटलिपुत्र स्टेशन के पश्चिमी छोर से यात्री प्लेटफार्म पर आ जा रहे हैं लेकिन पश्चिमी छोर पर बना “अनारक्षित टिकट काउंटर” यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने को मजबूर कर रहा है, और यह वाणिज्य विभाग की “मंशा” को परिलक्षित करता है।
जब Railwellwishers को वाणिज्य विभाग की इस कुव्यवस्था की जानकारी मिली तो हकीकत का मुआयना भी जरूरी था और जो हकीकत है वो चिंतनीय एवं निंदनीय है क्योंकि प्रवेश द्वार के पास बना अनारक्षित टिकट काउंटर आज़ भी बंद हैं और जब टिकट काउंटर ही बंद हैं तो यात्री उचित टिकट हेतु फुट ओवरब्रिज से प्लेटफार्म संख्या 01 पर जाएगा ही, और जैसे ही यात्री फुट ओवरब्रिज पर पहुंचता है,काले कोटवाले वाणिज्य कर्मी के काले कारनामे का शिकार हो जाते हैं और ऐसा प्रतिदिन हो रहा है।
Railwellwishers ने जब दानापुर मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक को इस समस्या से अवगत कराया तो उन्होंने ज़बाब दिया कि यात्रियों को “डिजिटल इंडिया” का लाभ उठाना चाहिए टिकट तो मोबाइल से भी लिया जा सकता है और इस तरह से उन्होंने यात्रियों की मंशा पर सवाल खड़ा कर दिया। ऐसा भी नहीं है कि दानापुर मंडल में बुकिंग क्लर्क की कमी है, उपलब्ध जानकारी के अनुसार मंडल कार्यालय में 11 बुकिंग क्लर्क वर्षों से पदस्थापित है और 11 बुकिंग क्लर्क की पदस्थापना मंडल कार्यालय में व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है क्योंकि जब मंडल कार्यालय में बुकिंग काउंटर नहीं है तो फिर पदस्थापना क्यों और कैसे??
एक दैनिक यात्री ने बताया कि पाटलिपुत्र स्टेशन पर पश्चिमी छोर से आने वाले यात्रियों की संख्या पूर्वी छोर से आने वाले यात्रियों से ज्यादा है फिर भी वाणिज्य विभाग “अन्य आय” हेतु यात्रियों से अन्याय कर रहा है। पाटलिपुत्र जंक्शन की इस “कुव्यवस्था” से दानापुर मंडल के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक को Railwellwishers ने अवगत कराया है और उनके ज़बाब एवं कार्रवाई का इंतजार है, क्योंकि मामला यात्रियों के HAPPY JOURNEY का है।





