डैमेज रेंट रिकवरी की कहानी जो शेष है,वो विशेष हैं क्योंकि डैमेज रेंट निर्धारण में छूट “विशेष”हैं , “विशेष” छूट को समझने हेतु रंजीत कुमार सिंह, जन सम्पर्क अधिकारी, सोनपुर के कार्यकाल पर एक नजर डालना उचित होगा!
(1) 29.052006 से लेकर 20.03.2014 तक दानापुर
(2) 21.03.2014 से लेकर 15.03.2015 तक धनबाद
(3) 16.03.2015 से लेकर 06.06.2017 तक दानापुर
(4)07.06.2017 से लेकर 23.06.2020 तक हाजीपुर
(5)24.06.2020 से लेकर अभी तक सोनपुर मंडल में पदस्थापित हैं।


दानापुर मंडल में प्रथम कार्यकाल 29.05.2006 से लेकर 20.03.2014 तक पदस्थापित रहे , लेकिन लाईसेंस फी की कटौती जून 2007 से लेकर फरवरी 2014 तक हुई हैं, जून 2006 से लेकर मई 2007 तक के लाइसेंस फी से “विशेष” छूट का लाभ इसलिए दिया गया क्योंकि इन्हें इस कालखंड के लिए आवास भत्ता दिया गया था, लेकिन किस आवास के लिए आवास भत्ता दिया,यह बताने में कार्मिक विभाग सक्षम नहीं हुआ! 21.03.2014 से लेकर 15.03.2015 तक धनबाद मंडल में रहें,इस कालखंड में इनके आवास से कोई लाइसेंस फी की कटौती नहीं हुई,तब इन्हें किस आधार पर डैमेज रेंट निर्धारण में “विशेष”छूट का लाभ दिया गया ! 16.03.2015 से लेकर 06.06.2017 तक पुनः दानापुर में रहें,इस कालखंड में भी लाइसेंस फी की कटौती नहीं हुई, लाइसेंस फी में कटौती से “विशेष”छूट प्रदान करने का कारण कार्मिक विभाग बताने में मौन रहा! 07.06.2017 से लेकर 23.06.2020 तक हाजीपुर में पदस्थापित रहे,इस कालखंड में भी लाइसेंस फी की कटौती नहीं की गई, लेकिन इस कालखंड के लिए इन्हें रेल प्रशासन द्वारा आवास भत्ता का भुगतान किया गया।24.06.2020 से लेकर अभी तक सोनपुर मंडल में पदस्थापित हैं,15.11.2022 को ट्रांसिट आवास संख्या 899 बी (टाईप 04)को खाली करने तक इन्हें रेल प्रशासन द्वारा आवास भत्ता दिया गया है लेकिन लाइसेंस फी की कटौती नहीं हुई है ।
आखिर क्या कारण हैं कि रंजीत कुमार सिंह,जन सम्पर्क अधिकारी, सोनपुर, से मार्च 2014 से लेकर नवंबर 2022 तक की लाइसेंस फी की कटौती नहीं हुई, और जब लाइसेंस फी कटौती नहीं हुई तब सबसे बड़ा सवाल डैमेज रेंट निर्धारण में छूट कैसे?? इस संबंध में अभियंत्रण विभाग के संबंधित पदाधिकारी ने बताया कि आपका आकलन ग़लत है और छूट नियमानुसार दिया गया है और मंडल रेल प्रबंधक को यह “विशेष”छूट देने का अधिकार है!अब तत्कालीन मंडल रेल प्रबंधक महोदय श्री प्रभात कुमार ने किस आधार पर छूट प्रदान किया यह तो अनुसंधान का विषय है।जब मार्च 2014 से लाइसेंस फी की कटौती हुई ही नहीं तब डैमेज रेंट निर्धारण में छूट कैसे?यह तो वही बात हो गई कि स्कूल में नामांकन हैं नहीं लेकिन छात्रवृत्ति योजना का लाभ चाहिए। संबंधित पदाधिकारी ने बताया कि इन्हें तबादला पर मिलने वाली छूट,कोरोना कालखंड में मिलने वाली छूट एवं बच्चों के पढ़ाई के लिए मिलने वाली छूट का लाभ मिला है,तब तो यह छूट कर्मियों को भी मिलना चाहिए। काश ऐसा छूट कर्मियों को भी मिलता,जब वाणिज्य कर्मी ने ₹25000 प्रति माह कटौती होने पर मंडल रेल प्रबंधक महोदय से मार्मिक अपील की तब नियम और कानून का हवाला देकर टाल दिया गया और रंजीत कुमार सिंह के मामले में नियम और कानून को ताखा पर रखकर “विशेष छूट”दिया गया ।


बात यहीं खत्म नहीं हुई, डैमेज रेंट निर्धारण में “विशेष” छूट तो दिया ही गया, लाइसेंस फी की कटौती में भी विशेष छूट का लाभ प्रदान किया गया गया है और वो ऐसे किया गया है, रंजीत कुमार सिंह के अवैध क़ब्ज़े में ट्रांसिट आवास संख्या 899 बी (टाईप 04) था लेकिन इनसे लाईसेंस फी की कटौती अधिकारी विश्राम गृह का किया गया है और यह भी अनुसंधान का विषय है लेकिन यह तो स्पष्ट हैं कि संबंधित अधिकारी की मंशा भ्रष्ट हैं और रेलवे आवास में अवैध रूप से रहते हुए रेल प्रशासन से आवास भत्ता भी प्राप्त करना “विशेष”हैं। आदरणीय महाप्रबंधक महोदय, पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर
डैमेज रेंट निर्धारण में छूट का यह मामला विशेष हैं, लेकिन इस मामले में न्यायोचित निस्तारण आपके लिए शेष हैं, क्योंकि अभी भी दानापुर मंडल में बहुत सारे अधिकारियों का डैमेज रेंट रिकवरी पत्र जारी होना शेष हैं ।
सफ़र जारी है…


