- भ्रष्टाचार एवं अत्याचार के पर्याय बन चुके अभियंताओं के खेल से भारतीय रेल की व्यवस्था हो रही डिरेल
- डिप्टी चीफ इंजीनियर व संवेदक के प्रोजेक्ट मैनेजर की एक करोड़ के साथ गिरफ्तारी से उठे नये सवाल
- ECR GM कार्यालय की निगरानी से लेकर विजिलेंस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में , रेलमंत्री ध्यान दें
पटना : कुछ दिनों पहले की ही बात है, पूर्व मध्य रेलवे के अभियंत्रण विभाग के एक चतुर्थवर्गीय कर्मयोगी से मुलाकात हुई तो मिलते ही उसने अपनी पीड़ा से अवगत कराया, उसने कहा कि जानते है सर रेलवे क्यूं चल पा रहा है इसलिए चल रहा है न सर कि जब कोई अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए सफर पर निकलता है तो घर के परिवारजनों का प्यार स्नेह और आशीर्वाद और अपने आराध्य का दर्शन कर के ही निकलता है और यही कारण है कि उनकी यात्रा सफल होती है वर्ना अभियंत्रण विभाग में ऐसे ऐसे अधिकारी भरे हुए हैं जो वर्षों से पूर्व मध्य रेलवे में ही पदस्थापित है और “मेरा क्या फायदा”के मूलमंत्र पर काम करते हुए भ्रष्टाचार एवं अत्याचार के पर्याय बन चुके हैं और अपने खेल से भारतीय रेल की व्यवस्था को डिरेल कर चुके हैं और व्यवस्था के ऐसे ही डिरेलमेंट को सीबीआई ने पकड़ा है, पकड़ा ही नहीं है, एक करोड़ रकम के साथ जकड़ा भी है।
बीते शनिवार यानी 15 नवम्बर 2025 को सीबीआई की 12 सदस्यों की टीम ने अपने 12 घंटे की छापेमारी में पूर्व मध्य रेलवे के निमार्ण संगठन के उप मुख्य अभियंता (निर्माण) आलोक कुमार समेत संवेदक जे पी इंफ्राटेक के प्रोजेक्ट मैनेजर गोविंद एवं कर्मी सुरज प्रसाद को घूस की रकम एक करोड़ के साथ गिरफ्तार कर अभियंत्रण विभाग का बारह बजा दिया है।
ऐसा नहीं है कि पूर्व मध्य रेलवे में सीबीआई छापामारी की यह पहली घटना है,गत वर्ष ही निर्माण संगठन मुख्यालय से ही वित्त विभाग के एक वरीय अधिकारी की सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी से भी पूर्व मध्य रेलवे शर्मशार हुआ था लेकिन कहते हैं ना कि “लत,लक्षण और बाई मरले पर जाई” ठीक इसी कहावत को चरितार्थ करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
इसी वर्ष पूर्व मध्य रेलवे के दीनदयाल उपाध्याय मंडल में भी सीबीआई ने अपनी धमक दिखाई दी और 02 वरिष्ठ अधिकारी ,17 लोकों पायलट समेत 26 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर पूर्व मध्य रेलवे की व्यवस्था को शर्मशार किया था फिर भी “हाथी चले बाजार, कुत्ता भोंके हजार” की तर्ज पर भ्रष्टाचार की रफ्तार अपने बानगी में हैं और हों भी तो क्यूं नहीं हो जहां लम्बे समय से व्यवस्था को संचालित करने वाले अभियंता एक ही जगह पर कुंडली मार कर बैठे है, पूर्व मध्य रेलवे में बहुत सारे ऐसे मुख्य अभियंता है जो पूर्व मध्य रेलवे में ही ज्वायन किए हैं और ऐसा लगता है कि पूर्व मध्य रेलवे से ही अवकाश प्राप्त करने का संकल्प है।यह तो सभी जानते हैं कि जब कोई अधिकारी एक ही जगह लम्बे समय से पदस्थापित रहेगा तो मनमानी भी होगा और यह मनमानी पूर्व मध्य रेलवे के अभियंत्रण विभाग में वर्षों से चल रहा है क्योंकि पूर्व मध्य रेलवे की व्यवस्था धरती पुत्रों के बोझ से दबी हुई है और कराह रही है।
एक बात सोचने वाली है और चिंतन का विषय है क्योंकि जिस उप मुख्य अभियंता (निर्माण) आलोक कुमार को घूस की रकम एक करोड़ के साथ जकड़ा गया है उनका शागिर्द ट्रैकमैन माणिक कुमार,वरीय प्रशाखा अभियंता (रेल पथ) सहरसा में पदासीन है और लगभग दो तीन वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर निर्माण संगठन हाजीपुर में कार्यरत हैं ।
ट्रैकमैन का कार्य रेलवे ट्रैक पर ही है लेकिन यह आश्चर्य का विषय है कि 42 ट्रैकमैन पूर्व मध्य रेलवे के अभियंत्रण विभाग में मनमाफिक अधिकारियों के अवैध कारोबार में सहयोग करने हेतु प्रतिनियुक्ति पर हैं। ऐसी जानकारी मिली है कि अभियंत्रण विभाग के एक स्टोनो एवं एक सहायक अभियंता इस व्यवस्था को देखते हैं। यदि प्रतिनियुक्ति पर मुख्यालय में पदस्थापित 42 ट्रैकमैनो को मिलने वाले यात्रा भत्ता की जांच की जाए तो एक बड़े मामले का पर्दाफाश हो सकता है!
दिलचस्प है कि लगातार हो रहे भ्रष्टाचार के खुलासे, रेलवे कार्यालय से करोड़ों की बरामदगी के बावजूद पूर्व मध्य रेलवे का जीएम कार्यालय मौन है, तो विजिलेंस की सफेद हाथी वाली चाल पर रेलकर्मी सवाल उठाने लगे है. सवाल यह भी किया जा रहा है कि क्या यह पूरा तंत्र भ्रष्टाचार के संरक्षण और सिर्फ रेलकर्मियों की प्रताड़ना के लिए काम कर रहा है? क्या इस मामले में अब रेलमंत्री को सीधे जीएम कार्यालय पर एक्शन लेने की आवश्यकता नहीं है? क्या सिस्टम में लग चुके घुन में रेलकर्मी पिसते रहेंगे ?
ऐसा नहीं है कि यह लूट का एकल मामला है, यहां लूट की प्रतियोगिता है और ऐसी प्रतियोगिता है कि लूट सको तो लूट कहीं मौका ना जाएं छूट, लेकिन railwellwishers.com की नजर इस लूट पर हैं और ऐसे ही लूट की एक नई कहानी के साथ फिर अगले भाग में…।
सफर जारी है..
सीबीआई की प्राथमिकी देखें







Mai bhi loa 1hua tha sonpur div hamko side karke dusra thikedar ko kam de diya Sr dee ke dwara dindayal div me civil ka kam diya gayatha hamne kam bhi kiya lekin hemant kumar ke dwara paisa manga gaya ham bole bil nikalega tab denge lekin bo hamse mange ham nahi diya virodh Karna chalu kiya hame fine samjha kar bil nahi diya hemant kumar aaj ke date me kroro rupya ke kar makan hai C B I ka janch kare