पटना : दानापुर मंडल बड़ा ही निराला,
यहां निरीक्षक करते खेल अलबेला।
स्क्रैप हुआ ग़ायब, मामला साफ,
रिपोर्ट में चमक गया – “सब कुछ माफ़”।
निरीक्षक प्रदीप वर्णवाल बोले – “गड़बड़ कहीं नहीं”
फिर कोर्ट में बोले – “अरे चोरी तो यहीं हुई”
पहले छुपाया, फिर किया खुलासा!
निकला ये पूरा रेल तमाशा।

अब सुनिए विभुति एक्सप्रेस का हाल
जहां हुआ लूट – पाट का बवाल।
डेढ़ लाख रुपए उड़ गए रेल में भाई
यात्री बोला – ” मेरी रकम गई ”
निरीक्षक बोले – पैसा घर पर भूल गए
शिकायत करके क्यूं फूल गए?
पर सीसीटीवी और पुलिस की पूछताछ ने जब पोल खोली
सच्चाई की घंटी बजी भोली।

अब आए श्री राजकुमार निरीक्षक सीआईबी महान
जो खुद को कहते – मैं हूं आरपीएफ का “शक्तिमान”
जीआरपी में रात बिताई भारी,
यात्री पर डाली दबाव की सवारी।
सच को दबाना, झूठ सजाना,
इन निरीक्षकों का यही कारनामा।
रेलवे सुरक्षा बल की इज्जत बीच बाजार,
इनसे हो रही लाचार।
महानिदेशक मैडम अब तो सुनो हमारी
कर दो कारवाई भारी भारी।
वरना जनता कहेगी ठहाका कर,
आरपीएफ विभाग बन गया “नाटक घर”।




