ECR : दानापुर मंडल विद्युत विभाग में चल रहा “माफिया राज”, मूल कंपनी टेंडर से बाहर-संयुक्त उपक्रम पर बरसी मेहरबानी!

ECR : दानापुर मंडल विद्युत विभाग में चल रहा “माफिया राज”, मूल कंपनी टेंडर से बाहर-संयुक्त उपक्रम पर बरसी मेहरबानी!

दानापुर: पूर्व मध्य रेलवे का विद्युत विभाग जिस पर रेलवे को प्रकाशमान बनाए रखने की जिम्मेदारी है, विभाग में व्याप्त लूट खसोट के कारण भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया है। पूर्व मध्य रेलवे का विद्युत विभाग अपने प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता के “पलटीमार”निर्णयों के कारण चर्चा में तो रहा ही हैं अपने संगठित और संकल्पित भ्रष्टाचार के कारण भी चर्चा के केंद्र में रहा है।

पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में विद्युत विभाग के वरीय मंडल विधुत अभियंता (सामान्य) शिवेंद्र कुमार ने एक ऐसा कारनामा किया है कि शासन और प्रशासन को शर्मशार कर दे लेकिन यह कोई नई बात नहीं है, पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल का विद्युत विभाग सिर्फ टेंडर करने और भुगतान करने के लिए ही जाना जाता है क्योंकि वरीय मंडल विद्युत अभियंता (सामान्य) को सिर्फ अपने कमीशन और हिस्सेदारी की चिंता है और काम रामभरोसे !

दानापुर मंडल के विद्युत विभाग ने अपने निविदा संख्या EL-50- DNR -OPEN -45/2024-25 जिसका अंतिम तिथि 18.03.2025 था, के आवंटन में रेलवे बोर्ड के आदेश संख्या 2019/ELEC/(G)/165/1 New Delhi दिनांक 22.04.2020 का उल्लंघन कर अपनी विकोटिकृत मानसिकता का दर्शन कराया है।

रेलवे बोर्ड के उपरोक्त आदेशानुसार निविदा में आरडीएसओ, लखनऊ द्वारा अनुमोदित मूल उपकरण निर्माता कम्पनी को ही निविदा का आवंटन किया जा सकता है लेकिन दानापुर मंडल के वरीय मंडल विधुत अभियंता सामान्य शिवेंद्र कुमार ने मनमानी और अपना सानी दिखाते हुए आरडीएसओ लखनऊ द्वारा अनुमोदित मूल उपकरण निर्माता कम्पनी को तकनीकी बोली में बाहर कर M/s VTPL AIR PERFECTION (JV) Jabalpur जो कि एक संयुक्त उपक्रम है, को 18.06.2025 को निविदा आवंटित कर दिया।

अब ऐसा क्यूं हुआ और कैसे हुआ शासन एवं प्रशासन के लिए चिंता का विषय हो सकता है क्योंकि रेल सूत्रों से जो जानकारी मिली है वो चौंकाने वाली है क्योंकि विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि विद्युत विभाग का एक कथित माफिया “नाच मेरी बुलबुल की पैसा मिलेगा”की तर्ज पर विद्युत विभाग को नचा ही नहीं रहा वल्कि बहुतों को अपने हनी ट्रैप में फंसा चुका है और विधुत विभाग की व्यवस्था को बदहाल कर मालामाल हो चुका है।

ऐसा भी नहीं है कि उपरोक्त वर्णित निविदा में शामिल प्रतिष्ठानों ने सक्षम अधिकारियों के पास शिकायत नहीं की, शिकायत भी हुई और रेलवे बोर्ड के सक्षम अधिकारी ने मामले में हुई अनियमितता का संज्ञान गंभीरता से लिया और जांच का आदेश भी दिया लेकिन जब अपराध संगठित और सुनियोजित हो तो निराकरण मुश्किल हो जाता है।

Railwellwishers पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक महोदय से यह उम्मीद करता है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को शीर्ष पर रखते हुए विषयगत निविदा को निरस्त कर अपनी सुचिता का दर्शन कराते हुए अपनी भूमिका से न्याय कर विद्युत विभाग की विसंगतियों को दूर करेंगे।

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2 Comments

  1. जय हिन्द सर् कितना बड़ा घोट हुआ जो बार बार आप के रेल हट साइड पर मैसजे भेज है ओ का गलत मानसिकता वाले आप सब के सब न्यूज़ देख ने वाला ब्लाइंड मन है जब कुछ हुआ है तभी हम मैसजे भेज रहे दीघा पोल सन पटना राजधानी के पास रेलवे Residance Compus के अंडर आने indoor स्टूडियम का लूट पार्ट हो रहा है उस पर कशि Adhikar का नज़र नही जाते है काय कैंपस के अंडर करे टकर कोन है जो आपने adhiksri को घोट के बारे मे जानकारी नही सब के सब ओ हा पर सूरदशा लोगो के लिए quaters बना दिया गया है एस खबरें दिखाकर सरकारी आवास योजना का रेल मंत्री जी जच करे

  2. Rishu singh

    सिर्फ़ बिहार ही नहीं हमारे देश में हर तरफ़ भ्रष्टाचार है ,यह चीज़ तब ही सुधार में आयेगा जब तक हर एक व्यक्ति ख़ुद में सुधार ना करे। रेल कर्मचारी और अफ़सर सिर्फ़ अपनी जेबे भरने के पीछे रहते है , उनको जनता- जनार्धन से कोई लेना -देना नहीं । ऐसे लोगो को बीच बाज़ार में लाके बेज्ज़ती करनी चाहिए जो हमारे देश को और पीछे ले जा रहे है , तब जाके अगर थोड़ी शर्म होगी तो ख़ुद को बदलें । लेकिन आम जानता हो या कोई भी व्यक्ति सिर्फ सरकार को दोषी ठहराने के पीछे है ।
    जय हिन्द जय श्री राम ।

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