“टीआरएस” विभाग का सिस्टम हुआ फेल! एक पखवाड़े में चार-चार इंजन हुआ डिरेल

“टीआरएस” विभाग का सिस्टम हुआ फेल! एक पखवाड़े में चार-चार इंजन हुआ डिरेल

पटना: पूर्व मध्य रेलवे का विद्युत विभाग जहां माफियाओं का राज़ है, और जब माफियाओं का राज़ होगा तो विसंगतियों का अंबार होगा इसमें कोई शक नहीं! भारतीय रेलवे के विद्युत विभाग में तीन उप शाखा है, विद्युत विभाग (सामान्य), टीआरडी और टीआरएस जो लोकों पायलटों के गतिविधियों को संचालित करता है, विद्युत विभाग में माफिया राज के कारण टीआरएस विभाग की स्थिति ऐसी हो गई है कि एक पखवाड़े के अंदर पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में चार चार इंजन का बेपटरी होना शासन एवं प्रशासन के लिए चिंता का विषय होना चाहिए लेकिन जहां माफियाओं का राज़ हो और सबको इस बात की चिंता हो कि इस काम में “मेरा क्या फायदा है”तो स्थिति क्या होगी, कल्पना किया जा सकता है और ठीक ऐसा ही हुआ है पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में जहां एक पखवाड़े में चार चार इंजन का बेपटरी होना प्रशासन के बेपटरी होंने का दर्शन के लिए पर्याप्त है।

विगत कुछ वर्षों में “टीआरएस” विभाग में ऐसे अधिकारियों ने कार्यभार संभाला जिन्होंने अपनी चिंता की और यात्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षा को नजरअंदाज करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी और यात्रियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया।
सीएलआई की परीक्षा में धांधली का मुख्य आरोपी पी कौशल को सीएलआई मुख्यालय के पद पर पदस्थापित करना टीआरएस के बेपटरी होंने का दर्शन करने के लिए पर्याप्त है लेकिन Rail well-wishers द्वारा पी कौशल, सीएलआई मुख्यालय के कारनामों को उजागर करने पर वरीय मंडल विद्युत अभियंता (टीआरएस) द्वारा सीएलआई मुख्यालय पी कौशल को मुख्यालय से हटा दिया गया है.

लेकिन समस्या जस की तस है क्योंकि दानापुर मंडल के टीआरएस विभाग के मुख्य कार्यालय अधीक्षक वेंकटेश नारायण सिंह जो कि पद से विकोटिकृत तो है ही,मन से भी विकोटिकृत है और जब कोई रेलवे बोर्ड के नियमों का हवाला देते हैं तो कहते है कि जो हमने कह दिया वहीं रेलवे बोर्ड का आदेश है तो समझा जा सकता है कि टीआरएस विभाग की दशा और दिशा क्या है!

रेल सूत्रों से जो पुष्ट जानकारी मिली है वह दानापुर टीआरएस विभाग के यथास्थिति का दर्शन करने के लिए पर्याप्त है क्योंकि 19.08.2025 को जो इंजन बेपटरी हुआ था उसके लोकों पायलट को सीएलआई द्वारा फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं मिला था तब तो यह स्पष्ट है कि बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के गाड़ी चलवाने वाले दोषी है जबकि इस मामले में वरिष्ठ सहायक लोको पायलट रमेश कुमार को सस्पेंड करना कहां तक उचित है, शासन एवं प्रशासन के लिए विचारणीय है।

इंजन के बेपटरी होंने से गाड़ी संख्या 09025 प्लेटफार्म संख्या 1ए पर विलंबित हुआ ही,गंगा ब्रिज लाईन 18.42 से 21.52 बजे तक ब्लाक रहा, घटना स्थल पर पूर्व मध्य रेलवे के मुख्यालय स्तर के वरीय अधिकारी से लेकर मंडल के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे लेकिन परिणाम क्या निकला!इस घटना के बाद 30.08.2025 तक दानापुर में ही तीन इंजन बेपटरी हुआ।

अतः Rail well-wishers टेक्नोक्रेट एवं ब्यूरोक्रैट रेल मंत्री से अनुरोध और उम्मीद करता है कि पूर्व मध्य रेलवे के विद्युत विभाग की यथास्थिति को बेहतर बनाने हेतु उचित कार्रवाई करने का प्रयास करेंगे क्योंकि मामला सुरक्षा एवं संरक्षा का हैं।

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  1. Rishabh Singh

    यह बहुत ही गंभीर विषय है। अगर एक पखवाड़े में बार-बार इंजन के बेपटरी होने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं तो निश्चित ही यह रेलवे प्रशासन और संबंधित विभाग की बड़ी विफलता को दर्शाता है। यात्रियों की सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। रेलवे में व्याप्त भ्रष्टाचार और माफियागिरी को समाप्त करना बहुत जरूरी है ताकि सिस्टम सही ढंग से काम कर सके। जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सज़ा मिलनी चाहिए। हम सभी चाहते हैं कि भारतीय रेल की छवि और भरोसे पर कोई आंच न आए और यात्री निश्चिंत होकर सफर कर सकें।

  2. R k verma

    Ye india ka vikash ki ek jhalak hai

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